{"_id":"57aa2be04f1c1b0445ee4795","slug":"electricity-arrived-in-villages-42-thousand-home-bristles","type":"story","status":"publish","title_hn":" गांवों में पहुंची बिजली, 42 हजार घर जगमग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांवों में पहुंची बिजली, 42 हजार घर जगमग
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Wed, 10 Aug 2016 12:45 AM IST
विज्ञापन
बिजली विभाग के इंजीनियरों ने मांगा सामूहिक स्थानांतरण
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले के 1819 मजरों में बिजली पहुंच गई है। इन गांवों में रहने वाले 42 हजार 650 उपभोक्ताओं के घर को रोशन कर दिया गया है।राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के इन गांवों तक बिजली के तार खींचने में 135.17 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। शेष 16 हजार 793 लोग अपने गांवों में बिजली पहुंचने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
जिले के 1589 गांव के 2112 मजरे में विद्युतीकरण करने का कार्य चल रहा है। इसके लिए 353 किलोमीटर तार बिछाना है। विद्युतकरण के लिए 135 करोड़ 17 लाख का भारी भरकम बजट मुहैया कराया गया था। इसमें 79 हजार 343 उपभोक्ताओं को विद्युत कनेक्शन मुहैया कराया जाना है। विद्युतीकरण कर रही कंपनी ने अबतक 1819 मजरों में बिजली पहुंचा चुकी है।
जिसमें रहने वाले 42 हजार 650 उपभोक्ताओं को कनेक्शन दे दिया गया है। कंपनी की माने तो उसे जिले के तीन हजार 461 मजरों में विद्युतीकरण करना है। जिसके लिए उसे 195 करोड़ 24 लाख रुपये की आवश्यकता है, लेकिन अभी तक उसे 135.17 करोड़ रुपये ही मिले है।
विज्ञापन
दो वर्ष पूर्व हुए सर्वे में तीन हजार 461 मजरे में बिजली नहीं पहुंचने की बात पता चली थी। इन गांवों के विद्युतीकरण के लिए लगभग दो अरब रुपये का इस्टीमेट बनाया गया था।
विज्ञापन
जिले के 1589 गांव के 2112 मजरे में विद्युतीकरण करने का कार्य चल रहा है। इसके लिए 353 किलोमीटर तार बिछाना है। विद्युतकरण के लिए 135 करोड़ 17 लाख का भारी भरकम बजट मुहैया कराया गया था। इसमें 79 हजार 343 उपभोक्ताओं को विद्युत कनेक्शन मुहैया कराया जाना है। विद्युतीकरण कर रही कंपनी ने अबतक 1819 मजरों में बिजली पहुंचा चुकी है।
विज्ञापन
जिसमें रहने वाले 42 हजार 650 उपभोक्ताओं को कनेक्शन दे दिया गया है। कंपनी की माने तो उसे जिले के तीन हजार 461 मजरों में विद्युतीकरण करना है। जिसके लिए उसे 195 करोड़ 24 लाख रुपये की आवश्यकता है, लेकिन अभी तक उसे 135.17 करोड़ रुपये ही मिले है।
विज्ञापन
दो वर्ष पूर्व हुए सर्वे में तीन हजार 461 मजरे में बिजली नहीं पहुंचने की बात पता चली थी। इन गांवों के विद्युतीकरण के लिए लगभग दो अरब रुपये का इस्टीमेट बनाया गया था।