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मां विंध्यवासिनी धाम पहुंचे श्रद्धालु
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विंध्याचल। वैशाख मास चतुर्थी पर काफी संख्या में श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी दरबार पहुंचे। कोरोना कर्फ्यू के कारण माता का दरबार बंद रहा। बच्चों का मुंडन कर मंदिर तक पहुंचकर सीढ़ी पर नतमस्तक होकर केवल पताके का दर्शनकर वापस हो गए।
उमड़ी भीड़ के चलते गंगाघाट और आस्था धाम स्थित गलियों में रौनक रहने से मालाफूल और प्रसाद के दूकानदारों के चेहरे खिले रहे। मनौतियों के अनुसार, विभिन्न गंगा घाटों पर बच्चों के मुंडन कराकर अभिभावक हाथों में मालाफूल और प्रसाद लिए सीधे मंदिर की ओर पहुंचे। मंदिर में दर्शन और पूजन की मनाही के चलते श्रद्धालु सीढ़ी पर नतमस्तक होकर केवल पताके का ही दर्शन कर अपने-अपने घरों को वापस हो गए।
गड़बड़ा शीतला धाम में सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार
हलिया। स्थानीय विकास खंड के गड़बड़ा शीतला धाम में सोमवार को भोर से ही उमड़े हजारों की संख्या में भक्तों ने मां शीतला का दर्शन-पूजन किया। भीड़ के चलते मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग व्यवस्था तार-तार रही।
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सेवटी नदी में स्नान कर भोर से मंदिर की ओर श्रद्धालु कतारबद्ध रहे। माता शीतला को नारियल ,चुनरी, फूल-माला, पूड़ी, हलवा का भोग लगाया। कोरोना कर्फ्यू के गर्भ गृह का दरवाजा बंद रहा। बैरिकेडिंग के बाहर झांकी से भक्तों ने दर्शनकर मन की मुरादें पूरी की।
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उमड़ी भीड़ के चलते गंगाघाट और आस्था धाम स्थित गलियों में रौनक रहने से मालाफूल और प्रसाद के दूकानदारों के चेहरे खिले रहे। मनौतियों के अनुसार, विभिन्न गंगा घाटों पर बच्चों के मुंडन कराकर अभिभावक हाथों में मालाफूल और प्रसाद लिए सीधे मंदिर की ओर पहुंचे। मंदिर में दर्शन और पूजन की मनाही के चलते श्रद्धालु सीढ़ी पर नतमस्तक होकर केवल पताके का ही दर्शन कर अपने-अपने घरों को वापस हो गए।
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गड़बड़ा शीतला धाम में सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार
हलिया। स्थानीय विकास खंड के गड़बड़ा शीतला धाम में सोमवार को भोर से ही उमड़े हजारों की संख्या में भक्तों ने मां शीतला का दर्शन-पूजन किया। भीड़ के चलते मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग व्यवस्था तार-तार रही।
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सेवटी नदी में स्नान कर भोर से मंदिर की ओर श्रद्धालु कतारबद्ध रहे। माता शीतला को नारियल ,चुनरी, फूल-माला, पूड़ी, हलवा का भोग लगाया। कोरोना कर्फ्यू के गर्भ गृह का दरवाजा बंद रहा। बैरिकेडिंग के बाहर झांकी से भक्तों ने दर्शनकर मन की मुरादें पूरी की।