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Mirzapur News: गन्ने का न्यूनतम मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग
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जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता, सोशल मीडिया
मिर्जापुर। गन्ने का समर्थन मूल्य 500 रुपये िक्वंटल करने की मांग के लिए भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित 15 सूत्री मांगपत्र डीएम को सौंपा। कार्यकर्ताओं ने मांगों पर ध्यान देकर कार्रवाई किए जाने की मांग की।
किसान नेता कंचन सिंह फौजी ने कहा कि सभी फसलों के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी एवं सरकारी खरीद का कानून बनाया जाना चाहिए।
गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य देशभर में न्यूनतम 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए। सभी लंबित गन्ना भुगतान ब्याज सहित तत्काल कराया जाए।
प्रह्लाद सिंह ने मांग की कि किसानों एवं कृषि मजदूरों के लिए संपूर्ण ऋण माफी योजना लागू की जाए। ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाए। कृषि कार्य के लिए निशुल्क बिजली और सभी घरेलू एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं को 300 यूनिट निशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जाए।
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बिजली बिल, स्मार्ट मीटर व्यवस्था एवं निजीकरण की प्रक्रिया वापस ली जाए। इसके अतिरिक्त अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। इससे पहले कार्यकर्ता भरुहना से एकत्र होकर जुलूस के रूप में जिला मुख्यालय पहुंचे।
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उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित 15 सूत्री मांगपत्र डीएम को सौंपा। कार्यकर्ताओं ने मांगों पर ध्यान देकर कार्रवाई किए जाने की मांग की।
किसान नेता कंचन सिंह फौजी ने कहा कि सभी फसलों के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी एवं सरकारी खरीद का कानून बनाया जाना चाहिए।
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गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य देशभर में न्यूनतम 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए। सभी लंबित गन्ना भुगतान ब्याज सहित तत्काल कराया जाए।
प्रह्लाद सिंह ने मांग की कि किसानों एवं कृषि मजदूरों के लिए संपूर्ण ऋण माफी योजना लागू की जाए। ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाए। कृषि कार्य के लिए निशुल्क बिजली और सभी घरेलू एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं को 300 यूनिट निशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जाए।
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बिजली बिल, स्मार्ट मीटर व्यवस्था एवं निजीकरण की प्रक्रिया वापस ली जाए। इसके अतिरिक्त अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। इससे पहले कार्यकर्ता भरुहना से एकत्र होकर जुलूस के रूप में जिला मुख्यालय पहुंचे।