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घर में घुसा मगरमच्छ, हड़कंप
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Tue, 13 Sep 2016 12:42 AM IST
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मड़िहान क्षेत्र के कुड़ी गांव के एक घर में घुसा सात फीट लंबा मगरमच्छ।
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मड़िहान थाना क्षेत्र के कुड़ी गांव निवासी एक व्यक्ति के मकान में रविवार की रात सात फीट लंबा मगरमच्छ घुस जाने से गांव में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची वन विभाग टीम ने मगरमच्छ को पकड़ कर बकहर नदी में ले जाकर छोड़ दिया।
कुड़ी गांव निवासी धर्मराज बिंद पत्नी शकुंतला की तबीयत खराब होने के चलते इन दिनों वह अपने मकान का दरवाजा खोल कर सोता है। रविवार की रात भी परिवार के सभी सदस्य एक कमरे में दरवाजा खोल कर सोए थे। इसी दौरान सात फीट लंबा एक बड़ा मगरमच्छ कमरे में घुस कर चौकी के नीचे बैठ गया। देर रात धर्मराज का 14 वर्षीय पुत्र सोनू लघुशंका के लिए उठा और बाहर चला गया। कुछ देर बाद लघुशंका कर लौटा तो कमरे में फुंकारने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही उसने अपनी मां को शकुंतला को जगाया और कहा कि कमरे में सांप घुस गया है।
सांप की बात सुनते ही उसकी मां ने टार्च जलाया तो उसे मगरमच्छ का पूंछ दिखा। यह देखते ही वह डर गई कहा कि सांप नहीं अजगर है। शोरगुल पर पहुंचे आसपास के लोगों ने हिम्मत कर घर में घुस कर टार्च जला कर देखा तो अजगर नहीं मगरमच्छ निकला। इसके बाद सभी बाहर भागे। दरवाजा बंद कर रात भर उसकी निगरानी कर सुबह प्रधान सुरेंद्र मौर्या के जरिए वन विभाग को अवगत कराया। डीएफओ केके पांडेय के निर्देश पर पहुंची वन विभाग की टीम मगरमच्छ को पकड़ कर बकहर नदी में ले जाकर छोड़ दिया।
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कुड़ी गांव निवासी धर्मराज बिंद पत्नी शकुंतला की तबीयत खराब होने के चलते इन दिनों वह अपने मकान का दरवाजा खोल कर सोता है। रविवार की रात भी परिवार के सभी सदस्य एक कमरे में दरवाजा खोल कर सोए थे। इसी दौरान सात फीट लंबा एक बड़ा मगरमच्छ कमरे में घुस कर चौकी के नीचे बैठ गया। देर रात धर्मराज का 14 वर्षीय पुत्र सोनू लघुशंका के लिए उठा और बाहर चला गया। कुछ देर बाद लघुशंका कर लौटा तो कमरे में फुंकारने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही उसने अपनी मां को शकुंतला को जगाया और कहा कि कमरे में सांप घुस गया है।
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सांप की बात सुनते ही उसकी मां ने टार्च जलाया तो उसे मगरमच्छ का पूंछ दिखा। यह देखते ही वह डर गई कहा कि सांप नहीं अजगर है। शोरगुल पर पहुंचे आसपास के लोगों ने हिम्मत कर घर में घुस कर टार्च जला कर देखा तो अजगर नहीं मगरमच्छ निकला। इसके बाद सभी बाहर भागे। दरवाजा बंद कर रात भर उसकी निगरानी कर सुबह प्रधान सुरेंद्र मौर्या के जरिए वन विभाग को अवगत कराया। डीएफओ केके पांडेय के निर्देश पर पहुंची वन विभाग की टीम मगरमच्छ को पकड़ कर बकहर नदी में ले जाकर छोड़ दिया।
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