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फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक से निकाले रुपये, एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने का निर्देश
Fri, 19 Apr 2019 10:26 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मिर्जापुर
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Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 19 Apr 2019 10:26 AM IST
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नरायनपुर ब्लाक अंतर्गत जलालपुर माफी की सेक्रेटरी प्रिया सिंह की शिकायत पर खंड विकास अधिकारी ने ग्राम प्रधान जलालपुर माफी व उनके पति द्वारा चेक पर फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक से रुपया निकाले जाने के मामले में तीन सदस्यीय टीम बनाकर जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में अंदर सौंपने का निर्देश दिया है।
सेक्रेटरी ने 12 अप्रैल को प्रभारी पंचायत एडीओ केके सिंह व खंड विकास अधिकारी को जलालपुर माफी की प्रधान उर्मिला देवी व उनके पति महेन्द्र सिंह पर आरोप लगाते हुए शिकायती प्रार्थना पत्र इस आशय की दी थी कि ग्राम निधि खाता से मेरा फर्जी हस्ताक्षर बनाकर कुल 60 हजार रुपये निकाल लिया गया है।
मामले का संज्ञान लेते हुए खंड विकास अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह ने एडीओ आईएस बी रबिन्द्र सिंह, एडीओ कोआपरेटिव बीरेंद्र सिंह व प्रभारी एडीओ पंचायत के के सिंह की संयुक्त तीन सदस्यीय टीम गठित कर उन्हें एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया है।
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वहीं मामले से आक्रोशित सेक्रेटरी संघ ने बैठक कर इस बात का निर्णय लिया है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती तब तक किसी भी गांव में विकास कार्य नहीं किया जाएगा। मामले में ग्राम प्रधान के पति महेन्द्र सिंह ने बताया कि सभी बातें निराधार है।
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सेक्रेटरी ने 12 अप्रैल को प्रभारी पंचायत एडीओ केके सिंह व खंड विकास अधिकारी को जलालपुर माफी की प्रधान उर्मिला देवी व उनके पति महेन्द्र सिंह पर आरोप लगाते हुए शिकायती प्रार्थना पत्र इस आशय की दी थी कि ग्राम निधि खाता से मेरा फर्जी हस्ताक्षर बनाकर कुल 60 हजार रुपये निकाल लिया गया है।
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मामले का संज्ञान लेते हुए खंड विकास अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह ने एडीओ आईएस बी रबिन्द्र सिंह, एडीओ कोआपरेटिव बीरेंद्र सिंह व प्रभारी एडीओ पंचायत के के सिंह की संयुक्त तीन सदस्यीय टीम गठित कर उन्हें एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया है।
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वहीं मामले से आक्रोशित सेक्रेटरी संघ ने बैठक कर इस बात का निर्णय लिया है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती तब तक किसी भी गांव में विकास कार्य नहीं किया जाएगा। मामले में ग्राम प्रधान के पति महेन्द्र सिंह ने बताया कि सभी बातें निराधार है।