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एंबुलेस चालक चक्का जाम कर हड़ताल पर गए

Thu, 19 Oct 2017 08:06 PM IST
Updated Thu, 19 Oct 2017 08:06 PM IST
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एंबुलेस चालक चक्का जाम कर हड़ताल पर गए
कई महीने वेतन नहीं मिलने से नाराज 108 व 102 के चालकों ने गुरुवार को एंबुलेंस का चक्का जाम कर दिया। जिला महिला चिकित्सालय में सभी एंबुलेंस खड़ी कर चालक हड़ताल पर चले गए। कंपनी व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि प्रोजेक्टर मैनेजर पर शोषण करने का आरोप लगाया। कहा कि प्रोजेक्ट मैनेेजर के चलते कई महीनों से उनका वेतन नहीं मिल रहा है, अन्य सुविधाओं से भी वंचित किया जा रहा है। चेतावनी दी कि जबतक उनकी नौ सूत्री मांगे पूरी नहीं की जाती है तबतक वह गाड़ी नहीं चलने देंगे। छह घंटे से चालकों के हड़ताल पर जाने की जानकारी होने पर सीमएओ डा. उमेश यादव पहुंचे और उनका समय से वेतन दिलाने का आश्वासन देते हुए हड़ताल समाप्त कराया।
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चालकों ने बताया कि जीवीके ईएमआरआई कंपनी द्वारा प्रदेश भर में 102 और 108 एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। जिले में 108 की 21 तथा 102 की 31 व दो आस्कमिक सेवा एंबुलेंस वर्तमान समय में संचालित हो रही है। जो घायल से लेकर अन्य मरीजों तक को चिकित्सालय पहुंचाने का काम कर रही है, लेकिन मरीजों को चिकित्सालय पहुंचाने वाले वाहनों के चालकों का शोषण कंपनी के प्रोजेक्टर मैनेजर द्वारा किया जा रहा है। जिससे उनका गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा। नाराज चालकों ने कहा कि कई महीनों से उनको मानदेय नहीं दिया जा रहा है। पैसा नहीं होने के कारण वह भूखे पेट कभी कभी सोने को विवश रहते है। कभी 82 सौ तो कभी 89 सौ मानदेय दिया जाता है। उनका कितना मानदेय है अभी तक उन्हें नहीं बताया गया है। पीएफ कितना कट रहा है इसका लेखाजोखा नहीं रखा गया है। यहीं नहीं गाड़ी धोने, पंचर होने तक का खर्च चालक उठा रहे हैं। प्रतिदिन दस मरीजों की आईडी उपलब्ध कराने का दबाव बनाया जा रहा है। नहीं देने पर उनका वेतन काटने व हटाने तक की धमकी दी जाती है। चालकों से 12 की बजाय 24 घंटे ड्यूटी कराई जाती है। कहा कि अगर उनका समय से वेतन नहीं दिया गया और अन्य मांगे पूरी नहीं की गई तो समस्त चालक अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जाएंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी जिले के प्रोजेक्ट मैनेजर जितेंद्र प्रसाद की होगी। मांग करने वालों में पप्पू, सबरीत कौर, उस्मान अली, अरूण कुमार, राजू पाल, राजकुमार, मनोज, जमालुददीन, संदीप कुमार, विजय यादव, आनंद यादव, राजकुमार सिंह, सुरेश यादव, संतोष, सुशील, मो. इरफान, विनोद, अरविंद सिंह, स्मिता प्रसाद, अनिल सिंह, धरम, दीपक, राकेश, एहसान, रामकैलाश पाल, पंकज, सुनील, उदयभान, अजय कुमार, दिनेश कुमार, सुरेंद्र, मोहनलाल, विमल देव, आदि शामिल रहे।
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इनसेट
प्रोजेक्ट मैनेजर को हटाने की मांग
मिर्जापुर। एंबुलेंस की निगरानी कर रहे प्रोजेक्ट मैनेजर जितेंद्र प्रसाद को चालकों ने हटाने की मांग की। कहा कि इनके द्वारा चालको का शोषण किया जा रहा है। जिसके चलते चालक मानसिक रूप से परेशान हो गए है। इससे कभी भी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। इसलिए इनको तत्काल ड्यूटी से हटा दिया जाए।
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छह घंटे तक एंबुलेंस के लिए परेशान रहे मरीज
मिर्जापुर छह घंटे तक एंबुलेंस चालकों के हड़ताल पर चले जाने के चलते मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मरीज 108 व 102 नंबर पर करीब 200 मरीज फोन करते रहे लेकिन कोई एंबुलेंस चालक गाड़ी लेकर जाने को तैयार नहीं हुआ। कहा कि जबतक उनकी मांग पूरी नहीं होंगी तबतक वह लोग मरीज को लेने नहीं जाएंगे। एंबुलेंस को नहीं जाने से मरीज निजी वाहन बुककर अपने मरीज को चिकित्सालय ले गए।

इनसेट
एंबुलेंस चालकों ने हड़ताल समाप्त कर दिया है। सभी एंबुलेंस नियमित रूप से चलने लगी है। उनकी मांगों के बारे में कंपनी और शासन दोनों को अवगत कराया जाएगा। डा. उमेश यादव मुख्य चिकित्साधिकारी
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