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Coronavirus: अब जिले में कोरोना जांच में आएगी तेजी, जानें कैसे होगी जांच
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आरटी-पीसीआर लैब में कोरोना सैंपल की जांच के लिए रखे पीसीआर मशीन को दिखाते प्रभारी एसआईसी डा. एके स?
- फोटो : MIRZAPUR
मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में बने आरटी-पीसीआर लैब का शनिवार की सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आनलाइन शुभारंभ किया। आरटी-पीसीआर लैब का शुभारंभ होने से जिले में कोरोना संक्रमितों की जांच में तेजी आएगी। अभी सैंपल लेकर वाराणसी, प्रयागराज और लखनऊ भेजा जा रहा है। अस्पताल में एक माह पूर्व ट्रूनाट मशीन भी आई है। जिससे इमरजेंसी के मरीजों की जांच की जाती है। जिसकी रिपोर्ट चार से छह घंटे में आ जाती है।
जिले में अब तक लगभग आठ हजार सैंपल जांच के लिए भेजा जा चुका है। इसमें 200 से अधिक पाजिटिव मिल चुके है। जिले से जांच के लिए सारे सैंपल वाराणसी, प्रयागराज और लखनऊ भेजे जाते है। ज्यादातर सैंपल वाराणसी भेजा जा रहा है। वाराणसी से कई जिलों से आने वाले सैंपल की जांच हो रही है। इसके चलते रिपोर्ट आने पर तीन से चार दिन लग जाता है। इसके बाद प्रदेश सरकार ने मंडलीय अस्पतालों में आरटी-पीसीआर लैब के स्थापना का कार्य शुरू कराया। मंडलीय अस्पताल में रक्तजांच केंद्र को तोड़कर बीएसएल-टू आर-टी पीसीआर लैब बनाया गया। इसमें पीसीआर मशीन अमेरिका से आई है। जिसकी कीमत एक करोड़ रुपये है।
शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आनलाइन लैब का शुभारंभ किया। जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल अपने कार्यालय में आनलाइन उपस्थित रहे। प्रभारी एसआईसी डॉ. अरविंद कुमार सिन्हा ने बताया कि लैब का शुभारंभ हो गया है। एक सप्ताह में जांच भी शुरू हो जाएगी। बताया कि लैब टेक्निशीयन को आनलाइन प्रशिक्षण दिया गया है। अभी टीम आकर प्रशिक्षण देगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद जल्द जांच शुरु हो जाएगा। सीएमओ डा. ओपी तिवारी ने बताया कि जिले में मिर्जापुर के साथ भदोही और सोनभद्र के संदिग्धों के सैंपल की भी जांच की जाएगी। जांच प्रारंभ होने से विंध्याचल मंडल के मरीजों को रिपोर्ट के लिए इंतजार नहीं करना होगा। इससे संक्रमण फैलने की आशंका कम हो जाएगी। शुभारंभ के समय मंडलीय अस्पताल में डा. सुनील सिंह, डा. प्रदीप कुमार, मैट्रन पानमति, डॉ. राम विनय, विमलेश दुबे आदि रहे।
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क्या होता है आरटी-पीसीआर जांच
कोविड-19 की जांच के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट किया जा रहा है। इसका मतलब है रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमरेस चेन रिएक्शन टेस्ट। यह एक ऐसी लैब टेक्निक है। इसमें आरएनए के डीएनए में रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन को जोड़ते हुए वायरस का पता लगाता है। दूसरी तरफ ऐंटीबॉडी टेस्ट में ब्लड का इस्तेमाल होता है ताकि वायरस के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया का पता लगाया जाए। आरटी-पीसीआर टेस्ट में आरएनए और डीएनए के जरिए रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन से कोरोना का टेस्ट होता है। आरटी-पीसीआर में इस बात की जांच की जाती है कि वायरस मौजूद है या नहीं। इसके लिए व्यक्ति के रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट, थ्रोट स्वैब या नाक के पीछे वाले व गले के हिस्से से सैंपल लिया जाता है।
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जिले में अब तक लगभग आठ हजार सैंपल जांच के लिए भेजा जा चुका है। इसमें 200 से अधिक पाजिटिव मिल चुके है। जिले से जांच के लिए सारे सैंपल वाराणसी, प्रयागराज और लखनऊ भेजे जाते है। ज्यादातर सैंपल वाराणसी भेजा जा रहा है। वाराणसी से कई जिलों से आने वाले सैंपल की जांच हो रही है। इसके चलते रिपोर्ट आने पर तीन से चार दिन लग जाता है। इसके बाद प्रदेश सरकार ने मंडलीय अस्पतालों में आरटी-पीसीआर लैब के स्थापना का कार्य शुरू कराया। मंडलीय अस्पताल में रक्तजांच केंद्र को तोड़कर बीएसएल-टू आर-टी पीसीआर लैब बनाया गया। इसमें पीसीआर मशीन अमेरिका से आई है। जिसकी कीमत एक करोड़ रुपये है।
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शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आनलाइन लैब का शुभारंभ किया। जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल अपने कार्यालय में आनलाइन उपस्थित रहे। प्रभारी एसआईसी डॉ. अरविंद कुमार सिन्हा ने बताया कि लैब का शुभारंभ हो गया है। एक सप्ताह में जांच भी शुरू हो जाएगी। बताया कि लैब टेक्निशीयन को आनलाइन प्रशिक्षण दिया गया है। अभी टीम आकर प्रशिक्षण देगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद जल्द जांच शुरु हो जाएगा। सीएमओ डा. ओपी तिवारी ने बताया कि जिले में मिर्जापुर के साथ भदोही और सोनभद्र के संदिग्धों के सैंपल की भी जांच की जाएगी। जांच प्रारंभ होने से विंध्याचल मंडल के मरीजों को रिपोर्ट के लिए इंतजार नहीं करना होगा। इससे संक्रमण फैलने की आशंका कम हो जाएगी। शुभारंभ के समय मंडलीय अस्पताल में डा. सुनील सिंह, डा. प्रदीप कुमार, मैट्रन पानमति, डॉ. राम विनय, विमलेश दुबे आदि रहे।
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क्या होता है आरटी-पीसीआर जांच
कोविड-19 की जांच के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट किया जा रहा है। इसका मतलब है रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमरेस चेन रिएक्शन टेस्ट। यह एक ऐसी लैब टेक्निक है। इसमें आरएनए के डीएनए में रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन को जोड़ते हुए वायरस का पता लगाता है। दूसरी तरफ ऐंटीबॉडी टेस्ट में ब्लड का इस्तेमाल होता है ताकि वायरस के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया का पता लगाया जाए। आरटी-पीसीआर टेस्ट में आरएनए और डीएनए के जरिए रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन से कोरोना का टेस्ट होता है। आरटी-पीसीआर में इस बात की जांच की जाती है कि वायरस मौजूद है या नहीं। इसके लिए व्यक्ति के रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट, थ्रोट स्वैब या नाक के पीछे वाले व गले के हिस्से से सैंपल लिया जाता है।