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Mirzapur News: कर्ज से बचने के लिए ब्लाॅक कोऑर्डिनेटर ने ही रची लूट की साजिश

Mon, 12 Aug 2024 02:19 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 12 Aug 2024 02:19 AM IST
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Block coordinator hatched plunder to avoid debt
जमालपुर। भदावल गांव के पास एक फाइनेंस कंपनी के ब्लाॅक कोआर्डिनेटर से हुई लूट के मामले का पुलिस ने 24 घंटे में पर्दाफाश करने का दावा किया है। लूट का आरोप लगाने वाले ब्लाॅक कोऑर्डिनेटर को गिरफ्तार कर पुलिस ने उस पर कर्ज से बचने के लिए लूट की घटना की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी ब्लाॅक कोऑर्डिनेटर के पास से 16.73 लाख रुपये भी बरामद किया है।
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जमालपुर थाने के औड़ी टियरा गांवकके मोड़ के पास स्थित एक फाइनेंस कंपनी में मिल्की निवासी प्रवीण पटेल कैश कलेक्शन का काम करता है। वह कलेक्शन के करीब 19 लाख रुपये लेकर अपने साथी दीपू खरवार के साथ नौ अगस्त की रात बाइक से घर लौट रहा था। आरोप था कि तीन बाइकों पर सवार सात लोगों ने उसे रोककर रुपयों से भरा बैग लूटकर ओड़ी गांव की ओर भाग गए। इसके बाद 19 लाख रुपये लूट लिए जाने की बात बताई गई। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि पुलिस की टीमों ने जहां-जहां से शिकायतकर्ता ने कैश कलेक्शन किया था, वहां से जुड़े सभी गवाहों से पूछताछ की। साथ ही जिस रूट से शिकायतकर्ता घटना स्थल तक पहुंचा था, उस रूट के सभी सीसी कैमरे फुटेज की जांच की गई। इससे स्पष्ट हुआ कि जिस स्थान पर शिकायतकर्ता द्वारा घटना घटित होने की बात बताई जा रही है, उस रूट पर शिकायतकर्ता के आगे या पीछे एक घंटे के अंदर कोई बाइक नहीं गई है। वह सुनसान रोड है। जहां रात में बहुत कम आवागमन होता है। उन्होंने बताया कि जिस रूट से लूट की घटना के बाद तीन बाइकों पर सवार लोगों के जाने की बात बताई गई थी, उस रूट पर लगे सीसी कैमरों को भी खंगाला गया। छानबीन में पता चला कि उस रूप पर एक भी बाइक एक घंट घंटे तक नहीं गुजरी। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि घटना से करीब आधे घंटे पहले शिकायतकर्ता व उसके साथी ने मोबाइल फोन का स्विच ऑफ कर लिया था। उन्होंने बताया कि छानबीन के दौरान पता चला कि शिकायतकर्ता प्रवीण पर काफी कर्ज था। तथ्यों के आधार पर उससे पूछताछ की गई तो टूट गया। उसने बताया कि वह करीब तीन साल से फाइनेंस कंपनी का कैश कलेक्शन कर बैंकों में जमा करता है। उसके ऊपर करीब सात लाख रुपये कर्ज है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह भी बताया कि करीब ढाई लाख रुपये प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने उसका रोक लिया था। वह भी वापस नहीं किया जा रहा है। उसको हर महीने करीब 30 हजार ब्याज भरना पड़ रहा है। वह तगादा करने वालों से परेशान था। इसके चलते उसने लूट की घटना की झूठी सूचना दी। उन्होंने बताया कि प्रवीण के पास से 16.73 लाख रुपये कैश बरामद हुए हैं। जिसे उसने छिपाकर रखा था।
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