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जिले के ब्लैक राइस एवं टमाटर को मिले वैश्विक पहंचान
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सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए राज्यस्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन हुआ। गोष्ठी में हरी खाद की व्यवस्था, छोटे जोत को बढ़ावा, पानी को संचित करना, भूमि सुधार व जैविक खेती जैसे पांच संकल्पों को दोहराया गया।
कृषि निदेशक ने जिले में बीज एवं खाद की उपलब्धता की समीक्षा की। पशुओं में गला घोंटू रोग की रोकथाम के लिए टीके की उपलब्धता पर जोर दिया गया। निदेशक उद्यान ने नवीन फल जिसमें ड्रैंगन फ्रूट, स्ट्राबेरी तथा परंपरागत या स्थानीय फल जैसे बेल, आंवला, कटहल फलों पर ध्यान देने की बात कही। सब्जी उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए किसानों को बीस हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया जा रहा है। गोष्ठी में मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने मंडल में कृषि आधारित समस्याओं को रखा। कहा मिर्जापुर एवं भदोही की स्थिति बुंदेलखंड जैसी ही है। इसलिए ऐसे जनपदो में प्रमाणित बीज पर छूट मिलनी चाहिए। मंडलायुक्त ने कहा पीसीएफ को बफर जोन बनाकर खाद का भंडारण किया जाना चाहिए। मंडलायुक्त ने कहा मिर्जापुर के आसपास अधिक टमाटर उत्पादकता के कारण पूर्वांचल के साथ-साथ यूरोप एवं जापान को भी निर्यात किया जाता है। इसके लिए एक प्रसंस्करण यूनिट के निर्माण की अत्यधिक आवश्यकता है। जिले में पैदा हो रहे ब्लैक राइस पर चर्चा करते हुए मंडलायुक्त ने इसकी खेती को बढ़ावा दिए जाने की बात कही। उन्होने इस पर अनुदान दिए जाने की आवश्यकता जताई। ताकि ब्लैक राईस की पहंचान वैश्विक स्तर तक किया जा सके। गोष्ठी में नहरो के रख-रखाव व सिल्ट आदि के साफ-सफाई पर चर्चा की गयी। गोष्ठी के अंत में कृषि मंत्री ने कृषि ज्ञान मंजूसा नामक पुस्तक का वर्चुअल के माध्यम से विमोचन किया। गोष्ठी में जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार समेत कृषि, सिंचाई, विद्युत विभाग से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
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कृषि निदेशक ने जिले में बीज एवं खाद की उपलब्धता की समीक्षा की। पशुओं में गला घोंटू रोग की रोकथाम के लिए टीके की उपलब्धता पर जोर दिया गया। निदेशक उद्यान ने नवीन फल जिसमें ड्रैंगन फ्रूट, स्ट्राबेरी तथा परंपरागत या स्थानीय फल जैसे बेल, आंवला, कटहल फलों पर ध्यान देने की बात कही। सब्जी उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए किसानों को बीस हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया जा रहा है। गोष्ठी में मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने मंडल में कृषि आधारित समस्याओं को रखा। कहा मिर्जापुर एवं भदोही की स्थिति बुंदेलखंड जैसी ही है। इसलिए ऐसे जनपदो में प्रमाणित बीज पर छूट मिलनी चाहिए। मंडलायुक्त ने कहा पीसीएफ को बफर जोन बनाकर खाद का भंडारण किया जाना चाहिए। मंडलायुक्त ने कहा मिर्जापुर के आसपास अधिक टमाटर उत्पादकता के कारण पूर्वांचल के साथ-साथ यूरोप एवं जापान को भी निर्यात किया जाता है। इसके लिए एक प्रसंस्करण यूनिट के निर्माण की अत्यधिक आवश्यकता है। जिले में पैदा हो रहे ब्लैक राइस पर चर्चा करते हुए मंडलायुक्त ने इसकी खेती को बढ़ावा दिए जाने की बात कही। उन्होने इस पर अनुदान दिए जाने की आवश्यकता जताई। ताकि ब्लैक राईस की पहंचान वैश्विक स्तर तक किया जा सके। गोष्ठी में नहरो के रख-रखाव व सिल्ट आदि के साफ-सफाई पर चर्चा की गयी। गोष्ठी के अंत में कृषि मंत्री ने कृषि ज्ञान मंजूसा नामक पुस्तक का वर्चुअल के माध्यम से विमोचन किया। गोष्ठी में जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार समेत कृषि, सिंचाई, विद्युत विभाग से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
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