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बेचूवीर बाबा की चौरी पर उमड़े आस्थावान

Wed, 09 Nov 2016 12:11 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर Updated Wed, 09 Nov 2016 12:11 AM IST
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Becuvir Baba devotees descended on Chauri
अहरौरा में मंगलवार को शुरू हुए बेचूवीर मेले के पहले दिन दर्शन पूजन को उमड़ी भीड
बेचूवीर बाबा के तीन दिवसीय मेले के पहले दिन मंगलवार को हजारों आस्थावानों ने बाबा की चौरी पर मत्था टेक कर मंगलकामना की। मंगलवार की देर शाम तक यूपी सहित बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात आदि प्रांताें से भी कई परिवार बाबा की चौरी पर हाजिरी लगाने पहुंच गए थे। संतान प्राप्ति की मुराद पूरी होने पर कई भक्तों ने नौनिहालों का मुंडन संस्कार भी कराया, वहीं महिलाओं ने नवजात शिशुआें को चौरी पर रख कर मत्था टेका।
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   पथरीले रास्ते और दुर्गम पहाड़ियों से होेते हुए बेचूवीर बाबा की चौरी पर पहुंचे आस्थावानों की आस्था बाबा के प्रति देखते ही बन रही थी। श्रद्धालु बाबा की चौरी को एक टक निहारते रहे, वहीं कई भक्तों के आंखों से आंसू भी छलक पड़े।  
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मान्यता है कि कार्तिक शुक्ल पक्ष के एकादशी को बेचूवीर बाबा की चौरी पर हाजिरी लगाने से एवं अक्षत रूपी चावल का एक दाना प्राप्त कर लेने से ही संतान की प्राप्ति व प्रेत-बाधाओं से मुक्ति मिलती है। प्रबोधिनी एकादशी की भोर में विशेष वाद्ययंत्र मनरी बजने के साथ ही पुजारी द्वारा आवाज लगाने के बाद अक्षत रूपी प्रसाद मनरी नामक वाद्ययंत्र की थाप के साथ हवा में उड़ाया जाता है।
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   इस दौरान दिनों रात खेलती और हबुआती भीड़ भी शांत हो जाती है। मंगलवार को बाबा की चौरी पर मत्था टेकने के लिए आस्थावानों का रेला उमड़ पड़ा। बाबा की चौरी के चारों ओर हजारों नर-नारी खेलते-हबुआते नजर आए, जैसे किसी अदृश्य शक्ति ने सबको एकसूत्र में बांध दिया हो।


   आवश्यकता अनुसार जगह-जगह पेयजल व्यवस्था के 25 पानी के टैंकर मुहैया कराये गए थे। बाबा की चौरी पर मत्था टेकने के पूर्व भक्सी नदी के 30 मीटर आगे तथा पटपर पुल तथा पथरहिया घाट पर स्नान किया। मेला क्षेत्र में महिलाओं के वस्त्र बदलने के लिए दो दर्जन से अधिक टेंट आदि की भी व्यवस्था कराई गई थी। दूर से आए आस्थावानों के लिए जगह  जगह पर नि:शुल्क दवा का भी वितरण किया जा रहा था। एसडीएम चुनार बागीश शुक्ला व नक्सल क्षेत्राधिकारी   अपने अपने टीम के साथ संपूर्ण मेला क्षेत्र में चक्रमण करते रहे।
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