{"_id":"5702bd544f1c1bfe52c8156f","slug":"ashtabhuja-mountain-water-shortage","type":"story","status":"publish","title_hn":"अष्टभुजा पहाड़ पर पानी की किल्लत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अष्टभुजा पहाड़ पर पानी की किल्लत
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर।
Updated Tue, 05 Apr 2016 12:45 AM IST
विज्ञापन
विंध्य क्षेत्र में अष्टभुजा पहाड़ पर सड़क की मरम्मत के लिए तारकोल डालता मजदूर।
- फोटो : mirzapur
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस बार नवरात्र मेले में अष्टभुजा पहाड़ पर श्रद्धालुओं को पेयजल के लिए तरसना पड़ेगा। पहाड़ पर लगे हैंडपंप पानी नहीं उगल रहे हैं। चैत्र नवरात्र मेले के शुरू होने में मात्र चार दिन शेष रह गए हैं, लेकिन तैयारी की गति इतनी धीमी है कि समय से कार्य पूर्ण करना असंभव दिख रहा है। मेला क्षेत्र में बिजली-पानी, साफ-सफाई एवं यात्रियों के लिए रैन बसेरा का भी इंतजाम नहीं हो पाया है, जिसका खामियाजा नवरात्र में आने वाले भक्तों को झेलनी पड़ेगी।
चैत्र नवरात्र मेला के शुरू होने में महज चार दिन बचे हुए हैं, लेकिन तैयारी आधी-अधूरी ही दिखाई दे रही है। विंध्याचल धाम सहित अष्टभुजा व कालीखोह मंदिर परिसर में व्यवस्थाएं नाकाफी हैं। अष्टभुजा पहाड़ पर स्थित कालीखोह में मात्र एक बोरिंग के सहारे पानी की सप्लाई की जा रही है। अगर बिजली नहीं रहेगी तो श्रद्धालु पेयजल के लिए तरस जाएंगे। कालीखोह में मात्र एक हैंडपंप लगा हुआ है, जो वर्तमान समय में दूषित पानी उगल रहा है, जिससे भक्तों की प्यास नहीं बुझ पा रही है।
रुआ तालाब, सीता कुंड, कालीखोह एवं अष्टभुजा मंदिर परिसर में साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। अष्टभुजा पहाड़ पर स्थित क्षतिग्रस्त सड़कों पर पैचिंग का कार्य कराया जा रहा है। मोतिया तालाब से सीताकुंड मार्ग तक प्रकाश की व्यवस्था नहीं हो पाई है, जिससे भक्तों को अंधेरे में ही त्रिकोण यात्रा करना पड़ेगा।
विज्ञापन
दर्शनार्थियों के लिए रैन बसेरा आदि की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है, जिससे भक्तों को तेज धूप छांव के लिए भटकना पड़ेगा।
विज्ञापन
चैत्र नवरात्र मेला के शुरू होने में महज चार दिन बचे हुए हैं, लेकिन तैयारी आधी-अधूरी ही दिखाई दे रही है। विंध्याचल धाम सहित अष्टभुजा व कालीखोह मंदिर परिसर में व्यवस्थाएं नाकाफी हैं। अष्टभुजा पहाड़ पर स्थित कालीखोह में मात्र एक बोरिंग के सहारे पानी की सप्लाई की जा रही है। अगर बिजली नहीं रहेगी तो श्रद्धालु पेयजल के लिए तरस जाएंगे। कालीखोह में मात्र एक हैंडपंप लगा हुआ है, जो वर्तमान समय में दूषित पानी उगल रहा है, जिससे भक्तों की प्यास नहीं बुझ पा रही है।
विज्ञापन
रुआ तालाब, सीता कुंड, कालीखोह एवं अष्टभुजा मंदिर परिसर में साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। अष्टभुजा पहाड़ पर स्थित क्षतिग्रस्त सड़कों पर पैचिंग का कार्य कराया जा रहा है। मोतिया तालाब से सीताकुंड मार्ग तक प्रकाश की व्यवस्था नहीं हो पाई है, जिससे भक्तों को अंधेरे में ही त्रिकोण यात्रा करना पड़ेगा।
विज्ञापन
दर्शनार्थियों के लिए रैन बसेरा आदि की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है, जिससे भक्तों को तेज धूप छांव के लिए भटकना पड़ेगा।