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Mirzapur News: जल प्रपातों पर हर साल हादसे, फिर भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं
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मिर्जापुर। बरसात का मौसम शुरू होते ही जिले के पर्यटन स्थलों पर भीड़ उमड़ने लगी है। पूर्वांचल के कई जिलों से सैलानी यहां आते हैं और हर साल हादसे भी होते हैं।
इसके बाद भी जल प्रपातों पर सुरक्षा के बेहतर इतंजाम नहीं किए जाते। लखनियां, सिद्धनाथ और चूना दरी, विंढम फाॅल, कुशियरा फाल पर भीड़ के साथ दुर्घटनाएं भी ज्यादा होती हैं।
जिले के अहरौरा में लखनियां दरी, चूना दरी, सक्तेशगढ़ में सिद्धनाथ की दरी, देहात कोतवाली क्षेत्र में विंढम फाल, खंड़जा फाल, लोवर और अपर खजुरी, टांडा फाल, लालगंज में कुशियरा फाॅल समेत कई जल प्रपात हैं। यहां जून से अगस्त तक पूरे पूर्वांचल से हजारों की संख्या में सैलानी आते हैं। इसके बावजूद कोई इंतजाम नहीं हैं। जल प्रपातों पर जाने वाले खराब हैं और सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं है। भीड़ बढ़ने पर एक-दो सिपाही तैनात कर दिए जाते हैं। सैलानियों के डूबने या बहने पर बचाव के कोई संसाधन नहीं रहते।
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इसके बाद भी जल प्रपातों पर सुरक्षा के बेहतर इतंजाम नहीं किए जाते। लखनियां, सिद्धनाथ और चूना दरी, विंढम फाॅल, कुशियरा फाल पर भीड़ के साथ दुर्घटनाएं भी ज्यादा होती हैं।
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जिले के अहरौरा में लखनियां दरी, चूना दरी, सक्तेशगढ़ में सिद्धनाथ की दरी, देहात कोतवाली क्षेत्र में विंढम फाल, खंड़जा फाल, लोवर और अपर खजुरी, टांडा फाल, लालगंज में कुशियरा फाॅल समेत कई जल प्रपात हैं। यहां जून से अगस्त तक पूरे पूर्वांचल से हजारों की संख्या में सैलानी आते हैं। इसके बावजूद कोई इंतजाम नहीं हैं। जल प्रपातों पर जाने वाले खराब हैं और सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं है। भीड़ बढ़ने पर एक-दो सिपाही तैनात कर दिए जाते हैं। सैलानियों के डूबने या बहने पर बचाव के कोई संसाधन नहीं रहते।
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