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अब पंजीकृत पुरोहित ही कराएंगे दर्शन
Mirzapur
Updated Tue, 26 Feb 2013 05:30 AM IST
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मिर्जापुर। विंध्याचल में फर्जी पंडों की नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन और पंडा समाज के अध्यक्ष ने कड़ा कदम उठाते हुए पंजीकृत पुरोहितों को ही दर्शन पूजन कराने का निर्देश दिया है। इसका पालन नहीं करने वाले पुरोहिताें को मंदिर परिसर से बाहर कर दिया जाएगा और विरोध करने पर उनको जेल भी भेजा जाएगा।
विंध्यधाम में दर्शनार्थियों से आए दिन हो रही मारपीट व बदसलूकी को लेकर जिला प्रशासन व पंडा समाज के अध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाते हुए मंदिर परिसर में अब पंजीकृत पुरोहितों को दर्शन पूजन कराने के लिए सहमति बनाई है। इससे फर्जी पंडों की नकेल कसने में काफी सहायता मिलेगी। निर्देश के अनुपालन में पंजीकृत पुरोहिताें का आईकार्ड बनाने का फैसला लिया गया है। कार्ड पर पंडा समाज के अध्यक्ष व नगर मजिस्ट्रेट का साइन होगा। जिसके पास आई कार्ड होगा वही पुरोहित वाले ड्रेस में मंदिर परिसर में प्रवेश करेगा। बगैर परिचय पत्र के मंदिर में प्रवेश करने वाले पुरोहित को बाहर कर दिया जाएगा। विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष राजन पाठक ने कहा कि विंध्याचल में करीब तेरह सौ पुरोहित हैं। इसमें लगभग एक हजार पुरोहित पंजीकृत हैं शेष तीन सौ फर्जी हैं।
फर्जी पंडे ही आए दिन दर्शनार्थी से अभद्र व्यवहार करते हैं। अगर नगर मजिस्ट्रेट निर्णय का पालन कराने के लिए आगे आते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे। इस कदम से मंदिर परिसर की व्यवस्था में काफी सुधार आएगा क्योंकि कुछ फर्जी पुरोहित आए दिन दशनार्थी से मारपीट कर पंडा समाज को बदनाम कर रहे हैं। अगर यह लागू हो जाता है तो दर्शनार्थी तथा पंडा समाज को काफी राहत मिलेगी।
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विंध्यधाम में दर्शनार्थियों से आए दिन हो रही मारपीट व बदसलूकी को लेकर जिला प्रशासन व पंडा समाज के अध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाते हुए मंदिर परिसर में अब पंजीकृत पुरोहितों को दर्शन पूजन कराने के लिए सहमति बनाई है। इससे फर्जी पंडों की नकेल कसने में काफी सहायता मिलेगी। निर्देश के अनुपालन में पंजीकृत पुरोहिताें का आईकार्ड बनाने का फैसला लिया गया है। कार्ड पर पंडा समाज के अध्यक्ष व नगर मजिस्ट्रेट का साइन होगा। जिसके पास आई कार्ड होगा वही पुरोहित वाले ड्रेस में मंदिर परिसर में प्रवेश करेगा। बगैर परिचय पत्र के मंदिर में प्रवेश करने वाले पुरोहित को बाहर कर दिया जाएगा। विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष राजन पाठक ने कहा कि विंध्याचल में करीब तेरह सौ पुरोहित हैं। इसमें लगभग एक हजार पुरोहित पंजीकृत हैं शेष तीन सौ फर्जी हैं।
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फर्जी पंडे ही आए दिन दर्शनार्थी से अभद्र व्यवहार करते हैं। अगर नगर मजिस्ट्रेट निर्णय का पालन कराने के लिए आगे आते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे। इस कदम से मंदिर परिसर की व्यवस्था में काफी सुधार आएगा क्योंकि कुछ फर्जी पुरोहित आए दिन दशनार्थी से मारपीट कर पंडा समाज को बदनाम कर रहे हैं। अगर यह लागू हो जाता है तो दर्शनार्थी तथा पंडा समाज को काफी राहत मिलेगी।
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