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पेयजल समस्या निस्तारण को प्रशासन ने कसी कमर
Updated Wed, 04 Apr 2018 12:04 AM IST
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मिर्जापुर। गर्मी में पेयजल समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। इसके लिए जिला प्रशासन ने जल निगम के माध्यम कार्य योजना बनाकर शासन को भेज दिया है। जिला पंचायत सभागार में प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री स्वतंत्र प्रभार महेंद्र सिंह ने सोमवार को इलाहाबाद और विंध्याचल मंडल में पेयजल समस्या और उसके निराकरण की समीक्षा करके उचित कदम उठाने का निर्देश दे चुके हैं। जिला प्रशासन द्वारा युद्घ स्तर पर रिबोर योग्य हैंडपंप, राजकीय नलकूप का रिबोर कराया जा रहा है।
जनपद में पेयजल समस्या के निदान के लिए 45 हजार हैंडपंप लगाए गए है, जिनमें से 44 हजार 948 हैंडपंप चालू हालत में है। वर्तमान समय में 356 हैंडंपंप रिबोर कराने योग्य है, जिनकों 30 अप्रैल तक रिबोर कराने का लक्ष्य रखा गया है। नगरीय क्षेत्र में दो हजार 342 हैंडपंप लगाए गए है, जिनमें से दो हजार 89 हैंडपंप चालू हालत में है। जनपद में ग्राम समूह योजना के तहत 29 परियोजनाओं में से 20 संचालित है, जिसे शासन से बजट की दरकार है। इसी प्रकार 494 राजकीय नलकूप में से 463 राजकीय नलकूप चालू हालत में है, शेष को रिबोर कराया जा रहा है। मिर्जापुर जनपद में छह हजार 252 कुआ है, जनमें से चार हजार 628 कुआ चालू हालत में है। वर्तमान समय में 139 ग्राम सभाएं पेयजल समस्या से ग्रसित है, जिनको डार्क जोन में रखा गया है। लोगों को पेयजल समस्या से निजात दिलाने के लिए लगभग 1832 लाख की लागत से 184 सोलर पाइप योजना चालू कराया जाएगा। इसी प्रकार पेयजल समस्या से पीड़ित क्षेत्रों में पानी आपूर्ति के लिए जनपद में 354 टैंकर भी उपलब्ध है।
सीडीओ प्रियंका निरंजन ने बताया कि गर्मी के दिनों में लोगों को पेयजल समस्या का सामना नही करना पड़े, इसके लिए सभी तैयारियां की जा रही है। पहाडी क्षेत्रों में पेयजल समस्या के समाधान के लिए सौर ऊर्जा आधारित सबमर्सिबल पंप लगवाया जा रहा है। वहीं पहाडी क्षेत्रा में पानी आपूर्ति के लिए 354 टैंकरों की भी व्यवस्था की गई है।
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जनपद में पेयजल समस्या के निदान के लिए 45 हजार हैंडपंप लगाए गए है, जिनमें से 44 हजार 948 हैंडपंप चालू हालत में है। वर्तमान समय में 356 हैंडंपंप रिबोर कराने योग्य है, जिनकों 30 अप्रैल तक रिबोर कराने का लक्ष्य रखा गया है। नगरीय क्षेत्र में दो हजार 342 हैंडपंप लगाए गए है, जिनमें से दो हजार 89 हैंडपंप चालू हालत में है। जनपद में ग्राम समूह योजना के तहत 29 परियोजनाओं में से 20 संचालित है, जिसे शासन से बजट की दरकार है। इसी प्रकार 494 राजकीय नलकूप में से 463 राजकीय नलकूप चालू हालत में है, शेष को रिबोर कराया जा रहा है। मिर्जापुर जनपद में छह हजार 252 कुआ है, जनमें से चार हजार 628 कुआ चालू हालत में है। वर्तमान समय में 139 ग्राम सभाएं पेयजल समस्या से ग्रसित है, जिनको डार्क जोन में रखा गया है। लोगों को पेयजल समस्या से निजात दिलाने के लिए लगभग 1832 लाख की लागत से 184 सोलर पाइप योजना चालू कराया जाएगा। इसी प्रकार पेयजल समस्या से पीड़ित क्षेत्रों में पानी आपूर्ति के लिए जनपद में 354 टैंकर भी उपलब्ध है।
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सीडीओ प्रियंका निरंजन ने बताया कि गर्मी के दिनों में लोगों को पेयजल समस्या का सामना नही करना पड़े, इसके लिए सभी तैयारियां की जा रही है। पहाडी क्षेत्रों में पेयजल समस्या के समाधान के लिए सौर ऊर्जा आधारित सबमर्सिबल पंप लगवाया जा रहा है। वहीं पहाडी क्षेत्रा में पानी आपूर्ति के लिए 354 टैंकरों की भी व्यवस्था की गई है।
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