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आधा दर्जन सूखी बंधिया, तीन जलाशयों में 17 दिन का पानी बचा
Updated Sun, 27 May 2018 11:36 PM IST
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मिर्जापुर स्टेशन पर टैंकर से पानी पीता यात्री
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मिर्जापुर। गर्मी के दिनों में जनपद के तालाबों व नहरों को भरने वाले आधा दर्जन बंधियों में पानी सूख गया है, मात्र तीन बड़े जलाशय है जिनमें केवल 17 दिन का पानी ही बचा हुआ है। इससे नगरीय इलाके में पानी की सप्लाई पर संकट खड़ा हो गया है। वहीं पशुओं के लिए भी पानी की समस्या पैदा होना तय है। जानकार कह रहे कि जल्द बारिश नहीं हुई तो जिले में पानी की समस्या विकराल हो जाएगी।
जनपद के नहरों व तालाबों को भरने के लिए एक दर्जन से अधिक बंधियों का निर्माण किया गया है। इसमें से अपर खुजरी, मेजा, सिरसी, ओड़ी, ढेकवा, डोगिया, अहरौरा नदी शामिल है। इसके अलावा हजारों हेक्टेयर खेतों की सिंचाई के लिए तीन जलाशय भी बनाए गए है। इसमें अदवां, जरगो, तथा नगवा शामिल है। इन सभी बंधियों व जलाशयों से गर्मी व अन्य दिनों में खेतों की सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाता है। वहीं हलिया, लालगंज, मड़िहान, अहरौरा समेत अन्य इलाकों में पीने के लिए भी पानी की सप्लाई की जाती है। गर्मी के मौसम में तालाब सूखने पर इन्हीं बंधों से पानी छोड़कर भरा जाता है। ताकि ग्रामीण इलाके में रहने वाले जगली जानवरों और पशुओं को पीने का पानी मिल सके। लेकिन इनके सूखने के चलते जिले में पेयजल का संकट गहराता जा रहा है। स्थिति यहीं रही तो अगले कुछ दिनों में पानी के लिए हाहाकार मच जाएगा। जानकारों की माने तो जलाशयों में पूूरी तरह से पानी नहीं भरने के कारण यह समस्या आ रही है। अगर बरसात के दिनों में जलाशयों को पूरी तरह से भरा जाए तो गर्मी में पेयजल की समस्या कम होगी।
अदवां में 17 दिन, जरगों में 17 दिन, नगवा धररौल में 19 दिन और सिरसी में पांच दिन का पानी बचा है। जबकि अपर खजुरी, मेजा, ओड़ी, ढेकवा, डोगिया तथा अहरौरा जलाशय में पानी नहीं हैै।
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जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने कहा कि जिले की पानी की समस्या पर निगाह रखी जा रही है। अभी तीन जलाशयों में कुछ दिनों का पानी बचा हुआ है। जिनसे तालाबों को भरा जाएगा। तालाबों में पानी सूख जाते है तो नलकूपों से तालाबों में पानी थोड़ा थोड़ा भरा जाएगा।
जनपद के नहरों व तालाबों को भरने के लिए एक दर्जन से अधिक बंधियों का निर्माण किया गया है। इसमें से अपर खुजरी, मेजा, सिरसी, ओड़ी, ढेकवा, डोगिया, अहरौरा नदी शामिल है। इसके अलावा हजारों हेक्टेयर खेतों की सिंचाई के लिए तीन जलाशय भी बनाए गए है। इसमें अदवां, जरगो, तथा नगवा शामिल है। इन सभी बंधियों व जलाशयों से गर्मी व अन्य दिनों में खेतों की सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाता है। वहीं हलिया, लालगंज, मड़िहान, अहरौरा समेत अन्य इलाकों में पीने के लिए भी पानी की सप्लाई की जाती है। गर्मी के मौसम में तालाब सूखने पर इन्हीं बंधों से पानी छोड़कर भरा जाता है। ताकि ग्रामीण इलाके में रहने वाले जगली जानवरों और पशुओं को पीने का पानी मिल सके। लेकिन इनके सूखने के चलते जिले में पेयजल का संकट गहराता जा रहा है। स्थिति यहीं रही तो अगले कुछ दिनों में पानी के लिए हाहाकार मच जाएगा। जानकारों की माने तो जलाशयों में पूूरी तरह से पानी नहीं भरने के कारण यह समस्या आ रही है। अगर बरसात के दिनों में जलाशयों को पूरी तरह से भरा जाए तो गर्मी में पेयजल की समस्या कम होगी।
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अदवां में 17 दिन, जरगों में 17 दिन, नगवा धररौल में 19 दिन और सिरसी में पांच दिन का पानी बचा है। जबकि अपर खजुरी, मेजा, ओड़ी, ढेकवा, डोगिया तथा अहरौरा जलाशय में पानी नहीं हैै।
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जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने कहा कि जिले की पानी की समस्या पर निगाह रखी जा रही है। अभी तीन जलाशयों में कुछ दिनों का पानी बचा हुआ है। जिनसे तालाबों को भरा जाएगा। तालाबों में पानी सूख जाते है तो नलकूपों से तालाबों में पानी थोड़ा थोड़ा भरा जाएगा।