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पूंछ में आग लगते ही सोने की लंका जलकर हुई भस्म
Updated Sun, 04 Nov 2018 12:53 AM IST
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विंध्याचल। मोती झील मार्ग पर स्थित अमर सिंह फैन्स एसोशिएशन परिसर मे श्री विंध्य प्राचीन रामलीला कमेटी के तत्वावधान में स्व. रविंद्र नाटक रामलीला मंचन के सातवें दिन दर्शकों का रेला लगा रहा। रामलीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री विंध्य सेवा मंच शेरकोठी के संस्थापक पं. ओम प्रकाश मिश्र उर्फ अंपा गुरुजी ने हनुमान जी की भव्य आरती कर की। इस मौके पर रामलीला कमेटी के पूर्व अध्यक्ष व मंत्री ने अंगवस्त्रम् एवं माला पहनाकर उनका स्वागत एवं सम्मान किया। लीला के क्रम में सुग्रीव के सेना समुद्र किनारे पहुंचती हैं और लंका पार करने के उपाय सोचने लगती हैं, उसी समय जामवंत जी ने हनुमान को शक्तियों का ध्यान दिलाया। हनुमान लंका में प्रवेश करते हैं तो लंकिनी से मुलाकात होती है और वह बताती है कि हम लंका के पहरेदार हैं। युद्घ में वह मारी जाती है। हनुमान की विभिषण से मुलाकात होने पर विभिषण ने बताया कि बताया रावण ने माता जानकी को अशोक वाटिका में कैद कर रखा है। अशोक वाटिका में माता जानकी से मुलाकात करने के लिए हनुमान पेड़ की डाली पर चढ़कर राम-राम जपना शुरू किया।हनुमान को भूख लगी सीता की आज्ञा पाकर अशोक वाटिका में लगे फलों को खाने लगे। रावण की सेना हनुमान को पकड़ने के लिए आती है, लेकिन हनुमान सभी को मार कर भगा देते हैं। इसकी सूचना रावण को होती है तो वह मेघनाथ को हनुमान को पकड़ने का आदेश देते हैं। अशोक वाटिका में मेघनाथ ब्रह्मशक्ति का प्रयोग कर हनुमान को बंदी बनाकर रावण दरबार में पेश करते हैं। रावण पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है। पूंछ में आग लगते ही हनुमान सोने की लंका को जलाकर भस्म में कर देते हैं। लीला में श्रीराम का किरदार प्रशांत द्विवेदी, लक्ष्मण रजत द्विवेदी, सीता चाहत यादव, हनुमान कमलेश्वरपति त्रिपाठी, मेघनाथ देवी दीक्षित, विभिषण रोहित त्रिपाठी, जामवंत उत्कर्ष द्विवेदी, अक्षय कुमार, शेखर द्विवेदी, रावण राजगिरी, त्रिजटा पहलवान, माली सार्थक त्रिपाठी ने बेहतरीन अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया। रामलीला का संचालन आदर्श उपाध्याय एवं रवि मिश्रा ने किया। इस दौरान संस्था अध्यक्ष इं. कुलपाल सिंह, पूर्व अध्यक्ष प्रकाश चंद पांडेय, मंत्री संगम त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष देवी दीक्षित, सह मंत्री प्रशांत द्विवेदी, निरीक्षक आदर्श उपाध्याय, मीडिया प्रभारी संतोष कुमार रहे।
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