फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   दुनियां में सबसे प्राचीन विश्विद्यालय और विश्व शिक्षक भारत में पैदा हुए: डा सुमेधा थेरो

दुनियां में सबसे प्राचीन विश्विद्यालय और विश्व शिक्षक भारत में पैदा हुए: डा सुमेधा थेरो

Sat, 22 Sep 2018 11:52 PM IST
Updated Sat, 22 Sep 2018 11:52 PM IST
विज्ञापन
दुनियां में सबसे प्राचीन विश्विद्यालय और विश्व शिक्षक भारत में पैदा हुए: डा सुमेधा थेरो
सेमिनार में प्राध्यापक को किया जा रहा सम्मानित
अदलहाट। भारतीय शिक्षा अति प्राचीन है। महात्मा बुद्ध ने 2500 वर्ष पूर्व अंतरराष्ट्रीय शिक्षक की भूमिका निभाई थी। उनके विचार आज भी अंतरराष्ट्रीय मानक पर प्रासंगिक हैं। भारतीय उच्च शिक्षा आज पश्चिमी देशों के विश्वविद्यालयों की चुनौतियों से रूबरू है। ये बातेें श्रीलंका से आए शिक्षाविद् डॉ. सुमेधा थेरो ने क्षेत्र के लालता सिंह राजकीय महिला पीजी कालेज अदलहाट में उच्च शिक्षा का उभरता परिदृश्य, मुद्दे एवं चुनौतियां विषयक दो दिवसीय सेमिनार में कहीं।
विज्ञापन

विशिष्ट अतिथि प्रो. एके दीपायन ने कहा कि वैश्विक विकास और उदारीकरण के दौर में उच्च शिक्षा की चुनौतियां किसी भी राष्ट्र के सार्वभौमिकता के लिए गंभीर है। दुनिया में बहुरंगी सोच, भाषा, संस्कृति को आज का बाजारवाद बेकार कर रहा है। दुनिया के उच्च उत्पादकता वाले राष्ट्र चीन, रूस, जर्मनी, जापान व फ्रांस ने अपना विकास अपने जमीनी ज्ञान और अपनी भाषा मेें किया। कहा अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उच्च स्थान रखने वाले सभी देश अंग्रेजी का प्रयोग नहीं करते हैं। इसलिए हमें भी अपनी भाषा का प्रयोग समुचित अधिकार और सम्मान से करना चाहिए। प्रो. इंद्रा विश्नोई ने कहा कि उच्च शिक्षा का परिदृश्य अब अधिक चुनौतीपूर्ण है। अधिक नामांकन की सरकारी कोशिशों ने गुणवक्ता को प्रभावित किया है। पुलिस अधीक्षक शालिनी ने छात्र एवं शिक्षक की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रो. एचएन प्रसाद ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पूर्व कुलपति प्रो पृथ्वीश नाग ने की । प्रस्तावना आयोजन सचिव डा. राजकुमार सिंह ने प्रस्तुत की । अतिथियों का स्वागत प्राचार्य डा. टी डी. सिंह एवं संयोजिका डा अंजू सोनकर ने किया। काव प्रकाशन की डा. कीर्ति अग्रवाल और रिसर्च फाउंडेशन ऑफ इंडिया के डा सौरभ जैन ने संगठन के कार्यों के बारे में बताया। कालेज की छात्राओं ने स्वागत गीत के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों, आर्य महिला डिग्री कालेज वाराणसी के असिस्टेंट प्रो. ऋचा मिश्रा समेत को काव प्रकाशन एवं रिसर्च फाउंडेशन ऑफ इंडिया के ओर से प्रमाण पत्र दे कर सम्मानित किया गया। संचालन डा गीता रानी शर्मा ने किया। धन्यवाद ज्ञापित डा नीलम टंडन ने की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed