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गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने का सपना हो रहा अधूरा

Sun, 15 Oct 2017 12:19 AM IST
Updated Sun, 15 Oct 2017 12:19 AM IST
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गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने का सपना हो रहा अधूरा

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पड़री। भारत स्वच्छता मिशन के तहत एक ओर जहां पीएम मोदी और सीएम योगी मिलकर देश, प्रदेश व गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके विभाग के अधिकारियों की लापरवाही व लोगों के साफ सफाई के प्रति पूरी तरह से जागरूकता नहीं होने से गांवों को ओडीएफ घोषित बनाने में परेशानी आ रही है।

विकास खंड पहाड़ी में की 46 ग्राम पंचायतों में महज 15 गांवों को ही ओडीएफ घोषित किए जा सक ा है। ब्लॉक को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए 14 हजार 734 शौचालय बनाने का लक्ष्य है। इसमें 11 हजार 548 शौचालय का निर्माण के लिए धन भी अवमुक्त कर दिया गया। इसमें मात्र छह हजार 57 शौचालय ही बन कर तैयार हो पाए हैं। इससे गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने के सपने पर ग्रहण लग रहा है। जिन गांवों को शौच मुक्त घोषित किया गया है, वहां भी जागरूकता की कमी के चलते लोग खुले में शौच करने जा रहे हैं। प्रभारी एडीओ पंचायत धनंजय कुमार तीन माह से गिट्टी व बालू की कीमतेें ज्यादा होने के कारण शौचालय का निर्माण पूरा नहीं हो पाया। दिसंबर 2017 तक लक्ष्य पूरा होने की संभावना है। उसके बाद शेष गांव भी ओडीएफ हो जाएंगे।
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