{"_id":"5a1c5ed84f1c1ba12d8b5129","slug":"51511808728-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार लाख भक्तों ने टेका गड़बड़ा धाम में मत्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार लाख भक्तों ने टेका गड़बड़ा धाम में मत्था
Updated Tue, 28 Nov 2017 12:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ड्रमंडगंज। गड़बड़ा धाम में सोमवार को शहरहवा मेला में चार बजे भोर से ही दर्शन पूजन का क्रम शुरू हो गया। लगभग चार लाख भक्तों ने मां के दरबार में मत्था टेका। चतुर्दिक पांच किलो मीटर क्षेत्र में भक्तों की भारी रही भीड़ मौजूद रही। गड़बड़ा गोकुल गांव में सेवटी नदी के किनारे स्थित मां शीतला को भक्तों ने श्रद्धा के साथ नारियल पूड़ी-हलवा, माला-फूल भेंट किये। निकाय चुनाव के कारण कम फोर्स मिलने से पुलिसकर्मियों को भीड़ को संभालने में काफी मशक्कत करना पड़ा।
मां के दर्शन को दूर दराज से भक्तों के पहुंचने का सिलसिला एक दिन पूर्व से ही शुरू हो गया था। सोमवार को तड़के चार बजे से ही मां के जयकारे के साथ पूजन का जो क्रम शुरू हुआ वह शाम तक जारी रहा। दर्शनार्थियों के जयकारे से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो रहा है। बाहर से आने वालों की सुविधा के लिए तमाम इंतजाम किए गए हैं। हनुमान मंदिर और सेमरा कला में भीड़ और भारी वाहनों को रोकने के लिए बैरियर लगाये गए हैं, लेकिन मात्र दो यातायात पुलिसकर्मी होने के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। इससे दर्शनार्थियों को काफी फजीहत हुई। भक्तों को पानी के लिए मात्र एक टैंकर लगाया गया है। वहीं मेला क्षेत्र में आधा दर्जन हैंडपंप तो जरूर हैं लेकिन इनसे भक्तों की प्यास नही बुझ पा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मेले में नजर नही आई। कहने को तो 40 सफाईकर्मियों को सफाई के लिए लगाया गया है, लेकिन सफाईकर्मियों के मौजूदगी का प्रमाण नहीं मिला। मेला क्षेत्र में चार बजे भोर से ही दर्शनार्थियों का स्नान चलता रहा। महिलाओ को वस्त्र बदलने के लिए व्यवस्था नहीं होने से महिला श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। मेला क्षेत्र में तहसीलदार लालगंज ओमप्रकाश पांडेय चार बजे भोर से ही सुरक्षा ब्यवस्था लगे रहे बावजूद इसके व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो सकीं।
नहीं हुई केरोसिन की व्यवस्था
ड्रमंडगंज। आपूर्ति विभाग से प्रति वर्ष रात्रि में रुकने वाले दर्शनार्थियों को केरोसिन की ब्यवस्था करायी जाती थी लेकिन इस वर्ष यह भी देखने को नही मिला। ग्राम प्रधान राम निवास की तरफ से ठंड को देखते हुई दर्शनाथियों के लिए अलाव की व्यवस्था की गई थी। मेला क्षेत्र में एक सुलभ कम्प्लेक्स से भक्तों की जरूरतें पूरी नहीं हुई। मेला प्रभारी प्रकाश चंद शुक्ला की ओर से मंदिर परिसर में खोया पाया शिविर लगा कर की कई बिछड़े बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया गया। मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था में जिले से मात्र हेड कांस्टेबल,कांस्टेबल 13,महिला कांस्टेबल, दो यातायात पुलिस,एक प्लाटून पीएसी ,एक फायर टेंडर की व्यवस्था की गई है।
मां के दर्शन को दूर दराज से भक्तों के पहुंचने का सिलसिला एक दिन पूर्व से ही शुरू हो गया था। सोमवार को तड़के चार बजे से ही मां के जयकारे के साथ पूजन का जो क्रम शुरू हुआ वह शाम तक जारी रहा। दर्शनार्थियों के जयकारे से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो रहा है। बाहर से आने वालों की सुविधा के लिए तमाम इंतजाम किए गए हैं। हनुमान मंदिर और सेमरा कला में भीड़ और भारी वाहनों को रोकने के लिए बैरियर लगाये गए हैं, लेकिन मात्र दो यातायात पुलिसकर्मी होने के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। इससे दर्शनार्थियों को काफी फजीहत हुई। भक्तों को पानी के लिए मात्र एक टैंकर लगाया गया है। वहीं मेला क्षेत्र में आधा दर्जन हैंडपंप तो जरूर हैं लेकिन इनसे भक्तों की प्यास नही बुझ पा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मेले में नजर नही आई। कहने को तो 40 सफाईकर्मियों को सफाई के लिए लगाया गया है, लेकिन सफाईकर्मियों के मौजूदगी का प्रमाण नहीं मिला। मेला क्षेत्र में चार बजे भोर से ही दर्शनार्थियों का स्नान चलता रहा। महिलाओ को वस्त्र बदलने के लिए व्यवस्था नहीं होने से महिला श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। मेला क्षेत्र में तहसीलदार लालगंज ओमप्रकाश पांडेय चार बजे भोर से ही सुरक्षा ब्यवस्था लगे रहे बावजूद इसके व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो सकीं।
विज्ञापन
नहीं हुई केरोसिन की व्यवस्था
ड्रमंडगंज। आपूर्ति विभाग से प्रति वर्ष रात्रि में रुकने वाले दर्शनार्थियों को केरोसिन की ब्यवस्था करायी जाती थी लेकिन इस वर्ष यह भी देखने को नही मिला। ग्राम प्रधान राम निवास की तरफ से ठंड को देखते हुई दर्शनाथियों के लिए अलाव की व्यवस्था की गई थी। मेला क्षेत्र में एक सुलभ कम्प्लेक्स से भक्तों की जरूरतें पूरी नहीं हुई। मेला प्रभारी प्रकाश चंद शुक्ला की ओर से मंदिर परिसर में खोया पाया शिविर लगा कर की कई बिछड़े बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया गया। मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था में जिले से मात्र हेड कांस्टेबल,कांस्टेबल 13,महिला कांस्टेबल, दो यातायात पुलिस,एक प्लाटून पीएसी ,एक फायर टेंडर की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन