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कछवां में होगा पांच हजार पौधों का रोपण
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कछवां । इस वर्ष वर्षा ऋतु में नगर पंचायत क्षेत्र में पांच हजार पौधरोपण किए जाएंगे। जन सहभागिता ग्राम पंचायत स्तर पर माइक्रोप्लान के निरूपण को लेकर मुख्य वन संरक्षक के नेतृत्व में शुक्रवार को नगर पंचायत सभागार में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में नगर एवं पंचायत से आए किसान बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
मुख्य वन संरक्षक डा. प्रभाकर दुबे ने किसानों को बताया कि प्रत्येक वार्ड में किसानों के मन मुताबिक चार सौ पौधरोपण कराए जाएंगे। इसके लिए प्रत्येक वार्ड से किसानों का चयन किया जाएगा। खेतों के किनारे व मेड़ों पर सागौन, यूकेलिप्टस इत्यादि के पौधे लगाकर किसान अपनी आय दोगुना कर सकते हैं। वन संरक्षक ने कहा यदि छोटे काश्तकार सात रूपए का सागौन के पौधे का रोपण करते हैं तो बीस साल बाद वही पौधा 30 से 35 हजार रुपए में बेचा जा सकता है। इसी तरह किसान यूकेलिप्टस का रोपण कर महज पांच वर्ष में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। उन्होंने कहा यदि किसान के घर बच्चा जन्म ले तो उसके जन्म के उपरांत सागौन का एक पौधा लगा दिए जाए तो 20 वर्ष की आयु होने पर वही बच्चा लगभग 30 से 35 हजार रुपए का मालिक हो सकता है। वृक्षों को लगाने के बाद किसानों द्वारा दवा देने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती है। चेयरमैन पनधारी कुमार यादव ने कहा कि प्रत्येक वार्ड में वन विभाग के कर्मचारी पहुंचकर जानकारी देते हुए पौधरोपण के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा नगर में अधिक से अधिक पौधरोपण कराया जाएगा। इस मौके पर डीएफओ राकेश चौधरी ने किसानों को पौधरोपण एवं उससे होने वाले फायदे के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिशासी अधिकारी विनीत कुमार श्रीवास्तव, दूध नाथ, नरेंद्र उपाध्याय, सुरेंद्र कुमार, प्रभात सिंह व विकास उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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मुख्य वन संरक्षक डा. प्रभाकर दुबे ने किसानों को बताया कि प्रत्येक वार्ड में किसानों के मन मुताबिक चार सौ पौधरोपण कराए जाएंगे। इसके लिए प्रत्येक वार्ड से किसानों का चयन किया जाएगा। खेतों के किनारे व मेड़ों पर सागौन, यूकेलिप्टस इत्यादि के पौधे लगाकर किसान अपनी आय दोगुना कर सकते हैं। वन संरक्षक ने कहा यदि छोटे काश्तकार सात रूपए का सागौन के पौधे का रोपण करते हैं तो बीस साल बाद वही पौधा 30 से 35 हजार रुपए में बेचा जा सकता है। इसी तरह किसान यूकेलिप्टस का रोपण कर महज पांच वर्ष में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। उन्होंने कहा यदि किसान के घर बच्चा जन्म ले तो उसके जन्म के उपरांत सागौन का एक पौधा लगा दिए जाए तो 20 वर्ष की आयु होने पर वही बच्चा लगभग 30 से 35 हजार रुपए का मालिक हो सकता है। वृक्षों को लगाने के बाद किसानों द्वारा दवा देने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती है। चेयरमैन पनधारी कुमार यादव ने कहा कि प्रत्येक वार्ड में वन विभाग के कर्मचारी पहुंचकर जानकारी देते हुए पौधरोपण के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा नगर में अधिक से अधिक पौधरोपण कराया जाएगा। इस मौके पर डीएफओ राकेश चौधरी ने किसानों को पौधरोपण एवं उससे होने वाले फायदे के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिशासी अधिकारी विनीत कुमार श्रीवास्तव, दूध नाथ, नरेंद्र उपाध्याय, सुरेंद्र कुमार, प्रभात सिंह व विकास उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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