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स्वामी नाथन रिपोर्ट को लागू करें सरकार
Updated Fri, 10 Aug 2018 12:16 AM IST
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मिर्जापुर। केंद्र सरकार किसानों के हित में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव के दौरान जनता से किए वादे को पूरा करें। ये बातें भारतीय किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामराज सिंह पटेल ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर धरना सभा में कही। धरना प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राष्ट्रपति को संबोधित पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा।
कलेक्ट्रेट परिसर में धरना सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि किसानों की दशा नहीं सुधर रही है। उन्हें उपज का उचित मूल्य और बारिश, तूफान या ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने पर समुचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। कहा कि 2004 में एमएस स्वामीनाथन की अध्यक्षता में स्वामीनाथन आयोग का गठन किया गया जिसकी रिपोर्ट चार अक्तूबर 2006 को सरकार को सौंपी जा चुकी है लेकिन इसे आज तक लागू नही किया गया। कहा कि किसानों और मछुआरों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन, गेहूं का 3517 रुपये, धान का 3200 रुपये समर्थन मूल्य दिया जाए। टमाटर का दो हजार रुपये, आलू और प्याज का 1500 रुपये समर्थन मूल्य दिया जाए। कहा कि वर्ष 2017-18 में सूखे से फसल चौपट हो गई। ऐसे में मड़िहान और लालगंज को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए। किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिया जाए। जिलाध्यक्ष लालमनि सिंह ने कहा कि आलू, प्याज, टमाटर के लिए ब्लॉक स्तर पर सरकारी स्टोरेज, पंचायत स्तर पर मिल्क डेयरी, किसानों के बेटों को नि:शुल्क तकनीकी व मेडिकल शिक्षा, बेरोजगार युवाओं को पांच हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। कहा कि किसान की बेटियों की शादी के लिए दो लाख रुपये अनुदान, सिंचाई के लिए नि:शुल्क बिजली और बढ़ी हुई बिजली की दरों को कम करने के साथ ही पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। इस दौरान अशोक दीक्षित, सुरेंद्र सिंह, वंश बहादुर सिंह, डा. रामबली सिंह, जगदीश राय, सुरेंद्र मौर्य, मनोज सिंह, अलख नारायण सिंह, सतीश सिं, दीनानाथ सिंह, कैलाश सिंह, अशोक सिंह, जय प्रकाश सिंह मौजूद रहे।
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कलेक्ट्रेट परिसर में धरना सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि किसानों की दशा नहीं सुधर रही है। उन्हें उपज का उचित मूल्य और बारिश, तूफान या ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने पर समुचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। कहा कि 2004 में एमएस स्वामीनाथन की अध्यक्षता में स्वामीनाथन आयोग का गठन किया गया जिसकी रिपोर्ट चार अक्तूबर 2006 को सरकार को सौंपी जा चुकी है लेकिन इसे आज तक लागू नही किया गया। कहा कि किसानों और मछुआरों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन, गेहूं का 3517 रुपये, धान का 3200 रुपये समर्थन मूल्य दिया जाए। टमाटर का दो हजार रुपये, आलू और प्याज का 1500 रुपये समर्थन मूल्य दिया जाए। कहा कि वर्ष 2017-18 में सूखे से फसल चौपट हो गई। ऐसे में मड़िहान और लालगंज को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए। किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिया जाए। जिलाध्यक्ष लालमनि सिंह ने कहा कि आलू, प्याज, टमाटर के लिए ब्लॉक स्तर पर सरकारी स्टोरेज, पंचायत स्तर पर मिल्क डेयरी, किसानों के बेटों को नि:शुल्क तकनीकी व मेडिकल शिक्षा, बेरोजगार युवाओं को पांच हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। कहा कि किसान की बेटियों की शादी के लिए दो लाख रुपये अनुदान, सिंचाई के लिए नि:शुल्क बिजली और बढ़ी हुई बिजली की दरों को कम करने के साथ ही पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। इस दौरान अशोक दीक्षित, सुरेंद्र सिंह, वंश बहादुर सिंह, डा. रामबली सिंह, जगदीश राय, सुरेंद्र मौर्य, मनोज सिंह, अलख नारायण सिंह, सतीश सिं, दीनानाथ सिंह, कैलाश सिंह, अशोक सिंह, जय प्रकाश सिंह मौजूद रहे।
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