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बांध में बचा दस दिन का पानी
Updated Fri, 22 Dec 2017 12:05 AM IST
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क्षेत्र में 15 हजार हेक्टेयर गेहूं के फसल की सिंचाई पर संकट उत्पन्न हो गया है। सिंचाई के लिए अहरौरा बांध में महज 10 दिन का पानी बचा है, जिससे किसान परेशान हैं। वहीं क्षेत्र के नहरों की दशा अत्यंत खराब है, जिससे सिंचाई में बाधा आ रही है। नहरों की सफाई और जर्जर नहरों की दशा सुधारने पर ध्यान नहीं है।
विकास खंड जमालपुर क्षेत्र में रबी फसलों की सिंचाई अहरौरा बांध से मिलने वाले पानी से होती है। बांध में कम पानी बचने से किसान परेशान हैं। क्षेत्र के चौकिया माइनर भकरौध माइनर भाईपुर माइनर, बेलहर राजवाहा, जमालपुर माइनर, बेलहर राजवाहा आदि में अहरौरा बांध से पानी जाता है। सिंचाई विभाग द्वारा नहरों को चलने का शेड्यूल 30 दिसंबर से है, जो अपने समय पर चालू हो जाएगी। बांध में दस दिन का पानी होने के चलते क्षेत्र के 15 हजार हेक्टेयर गेहूं की फसलों की सिंचाई के लिए विभाग के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वहीं जमालपुर क्षेत्र के नहरों की दशा अत्यंत दयनीय है। अगर बांध से पानी छोड़ा जाय तो नहरों में सप्ताह भर लग जाता है। सुचारु रूप से चलने में तब भी टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता है। अगर प्रकृति ने साथ नहीं दिया तो सैकड़ों गांव के किसानों की गेहूं की फसल प्रभावित होगी। विभागीय अधिकारी ऐसे समय पर नहरों को चालू करना चाह रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक किसान गेहूं की सिंचाई कर सकें। ग्रामीण अखिलेश सिंह, विजय प्रताप, रामसेवक पाल, मनोज दिवेदी, राजन सिंह, मन्ना सिंह, राम जनम कुशवाहा, दिनेश कुमार सिंह ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सिंचाई की व्यवस्था करने की मांग की है।
वर्जन
अहरौरा बांध में रबी के फसलों की सिंचाई के लिए मात्र दस दिन के लिए पानी बचा है। इस बार बरसात हो गई तो रबी की फसल ठीक हो जाएगी, वरना दिक्कत हो सकती है।
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- केके सिंह, सहायक अभियंता, चुनार प्रखंड सिंचाई विभाग ।
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विकास खंड जमालपुर क्षेत्र में रबी फसलों की सिंचाई अहरौरा बांध से मिलने वाले पानी से होती है। बांध में कम पानी बचने से किसान परेशान हैं। क्षेत्र के चौकिया माइनर भकरौध माइनर भाईपुर माइनर, बेलहर राजवाहा, जमालपुर माइनर, बेलहर राजवाहा आदि में अहरौरा बांध से पानी जाता है। सिंचाई विभाग द्वारा नहरों को चलने का शेड्यूल 30 दिसंबर से है, जो अपने समय पर चालू हो जाएगी। बांध में दस दिन का पानी होने के चलते क्षेत्र के 15 हजार हेक्टेयर गेहूं की फसलों की सिंचाई के लिए विभाग के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वहीं जमालपुर क्षेत्र के नहरों की दशा अत्यंत दयनीय है। अगर बांध से पानी छोड़ा जाय तो नहरों में सप्ताह भर लग जाता है। सुचारु रूप से चलने में तब भी टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता है। अगर प्रकृति ने साथ नहीं दिया तो सैकड़ों गांव के किसानों की गेहूं की फसल प्रभावित होगी। विभागीय अधिकारी ऐसे समय पर नहरों को चालू करना चाह रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक किसान गेहूं की सिंचाई कर सकें। ग्रामीण अखिलेश सिंह, विजय प्रताप, रामसेवक पाल, मनोज दिवेदी, राजन सिंह, मन्ना सिंह, राम जनम कुशवाहा, दिनेश कुमार सिंह ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सिंचाई की व्यवस्था करने की मांग की है।
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अहरौरा बांध में रबी के फसलों की सिंचाई के लिए मात्र दस दिन के लिए पानी बचा है। इस बार बरसात हो गई तो रबी की फसल ठीक हो जाएगी, वरना दिक्कत हो सकती है।
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- केके सिंह, सहायक अभियंता, चुनार प्रखंड सिंचाई विभाग ।