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बारिश से किसानों के खिले चेहरे
Updated Fri, 08 Jun 2018 11:44 PM IST
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बारिश के बाद शेरवां में सड़क पर हुआ जलभराव
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शेरवां। क्षेत्र में तीन दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। वहीं तापमान गिरने के साथ ही मौसम भी खुशनुमा हो गया है जिससे लोगों को राहत मिली है। धान की नर्सरी डालने के लिए किसान खेत तैयार करने में जुट गए हैं। वे बीज का प्रबंध करने के साथ ही खेतों की जुताई और खरपतवार नष्ट करने में लगे हैं।
शेरवां इलाके में बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को बारिश होने से सड़कों पर पानी व जलभराव हो गया है। शेरवां स्थित इलाहाबाद बैंक के सामने जलभराव से आवागमन प्रभावित हो रहा है। वहीं बुजुर्ग किसानों का कहना है कि यह मानसूनी बारिश नहीं है जिससे कोई खास लाभ नहीं होगा। कहा कि 15 जून तक धरती को तपनी चाहिए। महा कवि घाघ के अनुसार तो चढत नखत जो चूय जाय तो आगे बरखा नाय, 6 जून को मृगशिरा नक्षत्र की शुरुआत हो गई है। तभी से हल्की बारिश हो रही है जो भविष्य में बारिश को लेकर अच्छे संकेत नहीं है। आधुनिक व प्रगतिशील किसान रमेश सिंह, सुभाष चंद्र सिंह, श्रीकांत द्विवेदी, दीपू चौबे आदि का कहना है कि जमाना बदल गया है। यह बारिश आधुनिक तकनीक से खेती के लिए फायदेमंद साबित होगी। किसान समय से धान की नर्सरी तैयार कर सकेेंगे।
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शेरवां इलाके में बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को बारिश होने से सड़कों पर पानी व जलभराव हो गया है। शेरवां स्थित इलाहाबाद बैंक के सामने जलभराव से आवागमन प्रभावित हो रहा है। वहीं बुजुर्ग किसानों का कहना है कि यह मानसूनी बारिश नहीं है जिससे कोई खास लाभ नहीं होगा। कहा कि 15 जून तक धरती को तपनी चाहिए। महा कवि घाघ के अनुसार तो चढत नखत जो चूय जाय तो आगे बरखा नाय, 6 जून को मृगशिरा नक्षत्र की शुरुआत हो गई है। तभी से हल्की बारिश हो रही है जो भविष्य में बारिश को लेकर अच्छे संकेत नहीं है। आधुनिक व प्रगतिशील किसान रमेश सिंह, सुभाष चंद्र सिंह, श्रीकांत द्विवेदी, दीपू चौबे आदि का कहना है कि जमाना बदल गया है। यह बारिश आधुनिक तकनीक से खेती के लिए फायदेमंद साबित होगी। किसान समय से धान की नर्सरी तैयार कर सकेेंगे।
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