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बाल संप्रेक्षण गृह के बच्चों ने गृह में किया तोड़फोड़
Updated Thu, 15 Jun 2017 12:23 AM IST
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मिर्जापुर। बाल संप्रेक्षण गृह मोर्चाघर में खाने के लिए एक बालक को मंगलवार की रात पीटने पर सभी बालक भड़क गए और गृह में जमकर तोड़फोड़ किया। करीब दो घंटे से बवाल मचा रहे बालकों की कर्मचारियों ने तत्काल अधिकारियों को सूचना दिया। जानकारी होते ही जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराया। डीएम ने बच्चों को आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बाल संप्रेक्षण गृह में पिछले दो दिनों से बालकों द्वारा बवाल किया जा रहा है। जिसपर प्रशासन अंकुश लगाने में नाकाम है। मंगलवार की रात संप्रेक्षण गृह के कर्मचारियों द्वारा बालकों को खाना नहीं दिया गया। रात करीब एक बजे भूख से तड़पने पर कर्मचारियों ने उनको खाना देना शुरू किया तब तक अधिकांश बच्चे सो चुके थे। कहा कि सोमवार को उन लोगों ने क्यों हंगामा किया था। उनके कारण मीडिया ने यहां की कमी को अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किया है। जिससे उनपर कार्रवाई हो सकती है। रात करीब एक बजे दिए जा रहे खाने की जानकारी होने पर भदोही जनपद का एक बालक लाइन में आगे आकर खड़ा गया। जिसको लोगों ने खाना देने से मना कर दिया। विरोध जताने पर उसे मारपीट कर घायल कर दिया। बालक के घायल होने की खबर लगते ही सभी बंदी बालक उग्र हो गए और तोड़फोड़ करने लगे। कमरे में रखी आलमारी, कुर्सी मेज, खिड़की दरवाजा समेत अन्य सामान तोड़ डाला। इतना ही नहीं कर्मचारियों को पीटने के लिए दौड़ा लिया। स्थिति बिगड़ते देख कर्मचारियों ने तत्काल मामले से जिलाधिकारी बिमल कुमार दूबे व पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी को अवगत कराया। सूचना मिलते ही डीएम एसपी रात करीब डेढ़ बजे घटना स्थल पर पहुंचे और मामले को शांत कराया।
मंगलवार की रात बाल संप्रेक्षण गृह में बंद बालकों द्वारा बवाल करने की जानकारी होने पर अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन हफीजुरहमान सीओ नगर संजय सिंह व कटरा कोतवाल श्रीकांत राय, देहात कोतवाल अशोक सिंह, शहर कोतवाल वैभव सिंह, विंध्याचल कोतवाल अजय श्रीवास्तव के साथ पहुंचे । संप्रेक्षण गृह में 18 वर्ष से उम्र को पार कर चुुके 18 बंदियों में छह को भदोही, छह को सोनभद्र तथा छह को मिर्जापुर भेजा गया। यह सभी गंभीर अपराध के आरोपी हैं। बता दें कि बाल संप्रेक्षण गृह में कुल 48 बच्चे हैं। जिसमें 18 बालक बालिग हो चुके हैं। इसलिए उन्हें जब उनके जनपद की जेलों में भेजा गया है। वर्तमान समय में अब बाल संप्रेक्षण गृह में 30 बाल बंदी बचे हैं।
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इनसेट
बाल संप्रेक्षण गृह में बंद चल रहे 18 बंदियो के बालिग होने पर उनको उनके गृह जनपद के जेलों में भेजा गया है। जिसमें छह भदोही, छह सोनभद्र तथा छह मिर्जापुर की जेल में भेजा गया है। इसके अलावा उनको अच्छा खाना देने को कहा गया है। पंखा खराब था उसको बनवाया गया है। वर्तमान समय में स्थिति ठीक है।
हफीजुरहमान
अपर पुलिस अधीक्षक
नक्सल
बाल संप्रेक्षण गृह में पिछले दो दिनों से बालकों द्वारा बवाल किया जा रहा है। जिसपर प्रशासन अंकुश लगाने में नाकाम है। मंगलवार की रात संप्रेक्षण गृह के कर्मचारियों द्वारा बालकों को खाना नहीं दिया गया। रात करीब एक बजे भूख से तड़पने पर कर्मचारियों ने उनको खाना देना शुरू किया तब तक अधिकांश बच्चे सो चुके थे। कहा कि सोमवार को उन लोगों ने क्यों हंगामा किया था। उनके कारण मीडिया ने यहां की कमी को अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किया है। जिससे उनपर कार्रवाई हो सकती है। रात करीब एक बजे दिए जा रहे खाने की जानकारी होने पर भदोही जनपद का एक बालक लाइन में आगे आकर खड़ा गया। जिसको लोगों ने खाना देने से मना कर दिया। विरोध जताने पर उसे मारपीट कर घायल कर दिया। बालक के घायल होने की खबर लगते ही सभी बंदी बालक उग्र हो गए और तोड़फोड़ करने लगे। कमरे में रखी आलमारी, कुर्सी मेज, खिड़की दरवाजा समेत अन्य सामान तोड़ डाला। इतना ही नहीं कर्मचारियों को पीटने के लिए दौड़ा लिया। स्थिति बिगड़ते देख कर्मचारियों ने तत्काल मामले से जिलाधिकारी बिमल कुमार दूबे व पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी को अवगत कराया। सूचना मिलते ही डीएम एसपी रात करीब डेढ़ बजे घटना स्थल पर पहुंचे और मामले को शांत कराया।
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मंगलवार की रात बाल संप्रेक्षण गृह में बंद बालकों द्वारा बवाल करने की जानकारी होने पर अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन हफीजुरहमान सीओ नगर संजय सिंह व कटरा कोतवाल श्रीकांत राय, देहात कोतवाल अशोक सिंह, शहर कोतवाल वैभव सिंह, विंध्याचल कोतवाल अजय श्रीवास्तव के साथ पहुंचे । संप्रेक्षण गृह में 18 वर्ष से उम्र को पार कर चुुके 18 बंदियों में छह को भदोही, छह को सोनभद्र तथा छह को मिर्जापुर भेजा गया। यह सभी गंभीर अपराध के आरोपी हैं। बता दें कि बाल संप्रेक्षण गृह में कुल 48 बच्चे हैं। जिसमें 18 बालक बालिग हो चुके हैं। इसलिए उन्हें जब उनके जनपद की जेलों में भेजा गया है। वर्तमान समय में अब बाल संप्रेक्षण गृह में 30 बाल बंदी बचे हैं।
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बाल संप्रेक्षण गृह में बंद चल रहे 18 बंदियो के बालिग होने पर उनको उनके गृह जनपद के जेलों में भेजा गया है। जिसमें छह भदोही, छह सोनभद्र तथा छह मिर्जापुर की जेल में भेजा गया है। इसके अलावा उनको अच्छा खाना देने को कहा गया है। पंखा खराब था उसको बनवाया गया है। वर्तमान समय में स्थिति ठीक है।
हफीजुरहमान
अपर पुलिस अधीक्षक
नक्सल