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ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त जिला व पालिका प्रशासन मौन
Updated Tue, 19 Dec 2017 12:33 AM IST
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मिर्जापुुर। सर्द हवाओं ने गलन बढ़ा दी है। सोमवार को अचानक पारा चार डिग्री तक गिर जाने के कारण शीतलहर चलने लगी है। ठंड के चलते दोपहर तक सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन की ओर से ठंड से बचाव के मुकम्मल इंतजाम नहीं किए गए हैं। न कही रैन बसेरा बनाया गया है और न ही अलाव जलवाए जा हे हैं।
रविवार को अधिकतम तापमान 27 और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस था जो सोमवार को घटकर अधिकतम 23 तक पहुंच गया। न्यूनतम तापमान में भी तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। पारा 11 डिग्री तक पहुंच गया। सोमवार को सुबह से ही सर्द हवाएं भी चलती रहीं। इससे लोग दिन में भी ठंड से ठिठुरने को विवश थे। धूप निकली लेकिन बेअसर साबित हो रही थी। लोग सुबह देर से घरों निकले। स्कूलों में आम दिनों की अपेक्षा छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम रही। पिछले वर्षों में ठंड से बचाने के लिए प्रशासन भी सक्रिय हो जाता था, लोगों के ठहरने के लिए जगह जगह रैन बसेरे बनाये जाते थे। जिला अस्पताल, रेलवे स्टेशन, चौराहों व तिराहों पर अलाव जलवा दिए जाते थे। इसके साथ ही कंबल वितरण का कार्य भी शुरू करा दिया जाता था, लेकिन इस बार दिसंबर माह बीतने के कगार पर है, इसके बावजूद जिला प्रशासन, जिला पंचायत एवं नगर पालिका प्रशासन ने मौन धारण किया है। जिले भर में ठंड से बचने के कोई उपाय नही किए हैं।सोमवार की सुबह जब लोग घरों से निकले तो चल बाहर चल रही सर्द हवाओं ने जनजीवन की रफ्तार रोक दी है। वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी परेशानियासें का सामना करना पड़ रहा है। ठंड के चलते लोग दफ्तर भी देर से पहुंचे। जिले में दो दिनों के अंद ही ठंडक ने तेजी पकड़ी है। इसके बावजूद कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। ठंड बढ़ते ही गर्म कपड़ों की बाजारों में पर रौनक लौट आई है। अभी तक ठंड न पड़ने के कारण जिन दूकानों पर सन्नाटा पसरा रहता था, उन दूकानों पर गर्म कपड़ो की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। ठंडक का यही हाल रहा तो बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाएगा। सोमवार को शाम होते ही लोग घरों में जल्दी दुबक गए।
इनसेट
मिर्जापुर। कोल्ड डायरिया की चपेट में आकर मरीज अस्पताल में पहुंचने लगे हैं। अब तक 15 मरीज मंडलीय चिकित्सालय में भर्ती हो चुके हैं। डा. श्रीकांत सिंह ने कहा कि बीमारियों से तभी बचा जा सकता है जब लोग सर्दी से बचने के उपाय करें। पूरे बांह के कपड़े पहनें। सिर और पैर को ढंक कर बाहर निकलें नहीं तो ठंड लगने की आशंका बढ़ जाएगी। चुनार संवाददाता के अनुसार ठंड से बीमार होने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हो रही है इस बारे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चेचरी मोड़ के अधीक्षक डा. अजय कुमार ने बताया कि ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का उपयोग, गुनगुने पानी का प्रयोग करने के साथ ही बंद कमरे में रहना चाहिए ठंड से छोटे बच्चों को निमोनिया से व दिल के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ठंड के दौरान लोगों को कोल्ड डायरिया होने की आशंका अधिक रहती है। लोगों को गर्म वातावरण में रहना चाहिए। अब तक ठंड से बीमार दर्जन भर मरीज इलाज के लिए आ चुके हैं।
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इनसेट
अलाव जलवाने के लिए एक दो दिनों के भीतर नगरपालिका द्वारा टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जल्दी ही प्रमुख चौराहों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था की जाएगी।-मनोज जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष
रविवार को अधिकतम तापमान 27 और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस था जो सोमवार को घटकर अधिकतम 23 तक पहुंच गया। न्यूनतम तापमान में भी तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। पारा 11 डिग्री तक पहुंच गया। सोमवार को सुबह से ही सर्द हवाएं भी चलती रहीं। इससे लोग दिन में भी ठंड से ठिठुरने को विवश थे। धूप निकली लेकिन बेअसर साबित हो रही थी। लोग सुबह देर से घरों निकले। स्कूलों में आम दिनों की अपेक्षा छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम रही। पिछले वर्षों में ठंड से बचाने के लिए प्रशासन भी सक्रिय हो जाता था, लोगों के ठहरने के लिए जगह जगह रैन बसेरे बनाये जाते थे। जिला अस्पताल, रेलवे स्टेशन, चौराहों व तिराहों पर अलाव जलवा दिए जाते थे। इसके साथ ही कंबल वितरण का कार्य भी शुरू करा दिया जाता था, लेकिन इस बार दिसंबर माह बीतने के कगार पर है, इसके बावजूद जिला प्रशासन, जिला पंचायत एवं नगर पालिका प्रशासन ने मौन धारण किया है। जिले भर में ठंड से बचने के कोई उपाय नही किए हैं।सोमवार की सुबह जब लोग घरों से निकले तो चल बाहर चल रही सर्द हवाओं ने जनजीवन की रफ्तार रोक दी है। वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी परेशानियासें का सामना करना पड़ रहा है। ठंड के चलते लोग दफ्तर भी देर से पहुंचे। जिले में दो दिनों के अंद ही ठंडक ने तेजी पकड़ी है। इसके बावजूद कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। ठंड बढ़ते ही गर्म कपड़ों की बाजारों में पर रौनक लौट आई है। अभी तक ठंड न पड़ने के कारण जिन दूकानों पर सन्नाटा पसरा रहता था, उन दूकानों पर गर्म कपड़ो की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। ठंडक का यही हाल रहा तो बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाएगा। सोमवार को शाम होते ही लोग घरों में जल्दी दुबक गए।
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मिर्जापुर। कोल्ड डायरिया की चपेट में आकर मरीज अस्पताल में पहुंचने लगे हैं। अब तक 15 मरीज मंडलीय चिकित्सालय में भर्ती हो चुके हैं। डा. श्रीकांत सिंह ने कहा कि बीमारियों से तभी बचा जा सकता है जब लोग सर्दी से बचने के उपाय करें। पूरे बांह के कपड़े पहनें। सिर और पैर को ढंक कर बाहर निकलें नहीं तो ठंड लगने की आशंका बढ़ जाएगी। चुनार संवाददाता के अनुसार ठंड से बीमार होने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हो रही है इस बारे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चेचरी मोड़ के अधीक्षक डा. अजय कुमार ने बताया कि ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का उपयोग, गुनगुने पानी का प्रयोग करने के साथ ही बंद कमरे में रहना चाहिए ठंड से छोटे बच्चों को निमोनिया से व दिल के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ठंड के दौरान लोगों को कोल्ड डायरिया होने की आशंका अधिक रहती है। लोगों को गर्म वातावरण में रहना चाहिए। अब तक ठंड से बीमार दर्जन भर मरीज इलाज के लिए आ चुके हैं।
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अलाव जलवाने के लिए एक दो दिनों के भीतर नगरपालिका द्वारा टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जल्दी ही प्रमुख चौराहों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था की जाएगी।-मनोज जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष