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महज छह घंटे में बना दी 1391.74 मीटर पेंटिंग
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Sat, 07 Jan 2017 12:34 AM IST
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painting on cave wall
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अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर।
जिले के पवनेंद्र ने अपनी टीम के साथ अभी तक की सबसे लंबी 959.35 मीटर के रिकार्ड को पीछे छोड़ते हुए 1391.74 मीटर की पेंटिंग कैनवस पर मात्र छह घंटे में बना दी। यह प्रतियोगिता चार नवंबर को मेरठ के माल रोड पर हुई थी। इसमें 3615 प्रतिभागियों ने भाग लिया था। गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है।
जिले के विकास खंड पहाड़ी के कोटवां-मोहनपुर निवासी पवनेंद्र टीम में आर्टिस्ट लीडर रहे, जबकि 30 सहयोगियों ने साथ दिया। पेंटिंग का कैनवस की लंबाई चार फीट, 59 इंच तथा चौड़ाई 4566 फीट, 76 इंच थी।
प्रतियोगिता चार नवंबर को संपन्न हो गई थी। प्रतियोगिता के दौान मेरठ में माल रोड को करीब डेढ़ से दो किमी तक रोड को घेरा गया था। इस प्रतियोगिता में पवनेंद्र की पत्नी दीपशिखा दूबे ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें भी सम्मानित किया गया।
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आदर्श इंटर कालेज के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य के पुत्र पवनेंद्र वर्तमान समय हरियाणा के सुभारती विश्वविद्यालय में फाइन आर्ट के एसोसिएट प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं। आर्टिस्ट लीडर पवनेंद्र ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने पिता को दिया, जबकि दीपशिखा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने सास-श्वसुर अपने पिता को दिया है। उनका कहना है कि यह अपने आप में एक कीर्तिमान है। उसके गिनीज बुक में दर्ज होने की उम्मीद है।
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मिर्जापुर।
जिले के पवनेंद्र ने अपनी टीम के साथ अभी तक की सबसे लंबी 959.35 मीटर के रिकार्ड को पीछे छोड़ते हुए 1391.74 मीटर की पेंटिंग कैनवस पर मात्र छह घंटे में बना दी। यह प्रतियोगिता चार नवंबर को मेरठ के माल रोड पर हुई थी। इसमें 3615 प्रतिभागियों ने भाग लिया था। गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है।
जिले के विकास खंड पहाड़ी के कोटवां-मोहनपुर निवासी पवनेंद्र टीम में आर्टिस्ट लीडर रहे, जबकि 30 सहयोगियों ने साथ दिया। पेंटिंग का कैनवस की लंबाई चार फीट, 59 इंच तथा चौड़ाई 4566 फीट, 76 इंच थी।
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प्रतियोगिता चार नवंबर को संपन्न हो गई थी। प्रतियोगिता के दौान मेरठ में माल रोड को करीब डेढ़ से दो किमी तक रोड को घेरा गया था। इस प्रतियोगिता में पवनेंद्र की पत्नी दीपशिखा दूबे ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें भी सम्मानित किया गया।
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आदर्श इंटर कालेज के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य के पुत्र पवनेंद्र वर्तमान समय हरियाणा के सुभारती विश्वविद्यालय में फाइन आर्ट के एसोसिएट प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं। आर्टिस्ट लीडर पवनेंद्र ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने पिता को दिया, जबकि दीपशिखा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने सास-श्वसुर अपने पिता को दिया है। उनका कहना है कि यह अपने आप में एक कीर्तिमान है। उसके गिनीज बुक में दर्ज होने की उम्मीद है।