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महिला की मौत के बाद पहुंची 10
Updated Thu, 29 Jun 2017 12:31 AM IST
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मड़िहान। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनुप्रिया पटेल के संसदीय क्षेत्र में सीएचसी मड़िहान से जिला चिकित्सालय रेफर की गई महिला को एंबुलेंस नहीं मिलने पर बुधवार को उसके भाई किसी दूसरे वाहन की तलाश में अपनी बीमार बहन को कंधे पर लेकर दौड़ते रहे लेकिन ना एंबुलेंस मिली ना ही कोई निजी वाहन। जिससे महिला ने दम तोड़ दिया। हद तो तब हो गई जब महिला की मौत के बाद भी उसके शव को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाने के लिए शव वाहन नहीं भेजा गया है। लाचार भाई रोते बिलखते अपनी बहन के शव को पीठ पर लाद कर घर ले जाने को मजबूर रहे।
तहसील क्षेत्र के ददरा पहाड़ी निवासिनी सावित्री 22वर्ष पत्नी शिवकुमार डिलेवरी कराने के लिए अपने मायके जुड़िया गांव में रह रही थी। आठ माह पूर्व सरकारी अस्पताल में बच्चा जन्मा था। उसी समय से वह बीमार रहने लगी। धीरे धीरे उसकी तबीयत अधिक खराब होने पर बुधवार की सुबह परिजन उसे गांव के ही एक डाक्टर के पास ले गए। जहां उसने सूई लगाई तो कुछ देर बाद सावित्री बेहोश हो गई। बेहोश होने पर उसे आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान लाया गया। वहां मौजूद डॉक्टर कौशल कुमार महिला की हालत गंभीर देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। महिला को ले जाने के लिए परिजनों ने 108 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस बुलाया तो एंबुलेंस कर्मी ने दो घंटे बाद आने को कहा। इससे उसकी हालत बिगड़ती चली गई। पैसे के अभाव में प्राइवेट वाहन की व्यवस्था करने में परिवार की असमर्थता के चलते परिजन सावित्री को कंधे पर उठा कर सड़क पर ले जाने लगे। इसी बीच सावित्री ने दम तोड़ दिया। कोई साधन न होने से विवश भाईयों ने बहन का शव कंधों पर उठाया और घर की तरफ चल पड़े ।
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