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शुभ नक्षत्र पर मुंडन व जनेऊ को धाम में उमड़े भक्त
Updated Sat, 21 Apr 2018 12:01 AM IST
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विंध्याचल में दर्शन को उमड़े लोग
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विंध्याचल। वैशाख मास की शुक्रवार को शुभ तिथि पर मां विंध्यवासिनी धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान करने के बाद फूल माला, प्रसाद व नारियल लेकर मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन कर सुख समृद्धि की कामना की। पूरे दिन धाम में मुंडन और उपनयन संस्कार होते रहे। देर शाम तक लगभग पांच लाख भक्त मां के दर्शन पूजन कर चुके थे।
मां विंध्यवासिनी की मंगला आरती के बाद मंदिर में दर्शन पूजन करने के लिए महिला पुरुष श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वैशाख शुभ नक्षत्र तिथि के कारण विंध्य धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं को भीड़ के चलते सभी गलियां भक्तों से पटी रहीं। घंटों कतार में खड़े रहने के बाद विंध्य धाम पहुंचे भक्त मां के भव्य स्वरूप का दर्शन पाकर निहाल हो उठे। मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करने के बाद मंदिर परिसर में विराजमान समस्त देवी देवताओं के मंदिरों में जाकर भक्तों ने शीश झुकाया और सुख समृद्धि की कामना की। बुधवार को घंटा घड़ियाल और संघ तथा माता के जयकारे से जहां एक ओर वातावरण देवी में हो रहा था वही मंदिर के छत पर शहनाई और लगा के मुंडन संस्कार भी होते रहे। काली खोह स्थित मां काली माता व अष्टभुजा पहाड़ पर स्थित मां अष्टभुजी देवी के दरबार में भी भक्त शीश झुकाने पहुंचे । सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से श्री विंध्य पंडा समाज और पुलिस प्रशासन एवं पीएसी के जवान डटे रहे।
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मां विंध्यवासिनी की मंगला आरती के बाद मंदिर में दर्शन पूजन करने के लिए महिला पुरुष श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वैशाख शुभ नक्षत्र तिथि के कारण विंध्य धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं को भीड़ के चलते सभी गलियां भक्तों से पटी रहीं। घंटों कतार में खड़े रहने के बाद विंध्य धाम पहुंचे भक्त मां के भव्य स्वरूप का दर्शन पाकर निहाल हो उठे। मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करने के बाद मंदिर परिसर में विराजमान समस्त देवी देवताओं के मंदिरों में जाकर भक्तों ने शीश झुकाया और सुख समृद्धि की कामना की। बुधवार को घंटा घड़ियाल और संघ तथा माता के जयकारे से जहां एक ओर वातावरण देवी में हो रहा था वही मंदिर के छत पर शहनाई और लगा के मुंडन संस्कार भी होते रहे। काली खोह स्थित मां काली माता व अष्टभुजा पहाड़ पर स्थित मां अष्टभुजी देवी के दरबार में भी भक्त शीश झुकाने पहुंचे । सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से श्री विंध्य पंडा समाज और पुलिस प्रशासन एवं पीएसी के जवान डटे रहे।
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