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222 विद्यालयों ने नही दी आईवीआरएस पर सूचना
Updated Sun, 21 Jan 2018 12:17 AM IST
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मिर्जापुर। मध्याह्न भोजन की रिपोर्ट आईवीआरएस (इंटरएक्टिव वायस रिस्पांस सिस्टम) पर नहीं देने के आरोप में जिले के 222 प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रभारियों का वेतन रोक दिया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर यह कार्रवाई बेसिक शिक्षा अधिकारी ने की। उन्होंने इन प्रभारियों और प्रधानाध्यापकों से तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है।
जिले के 2292 प्राथमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों के लिए दोपहर का भोजन बनवाया जाता है। विद्यालयों में कितने बच्चे उपस्थित रहे और कितने बच्चों का भोजन बना, इसकी सूचना प्रतिदिन प्रधानाध्यापकों या एमडीएम के लिए नामित किए गए प्रभारियों की ओर से आईवीआरएस पर दी जाती है। मध्याह्न भोजन योजना की नियमित निगरानी शासन की ओर से की जा रही है। बीते दिनों जनपद के 222 स्कूलों के एमडीएम प्रभारियों और प्रधानाध्यापकों ने मध्याह्न भोजन की रिपोर्ट आईवीआरएस पर नहीं दी थी जिससे संबंधित विद्यालयों की एमडीएम की रिपोर्ट शासन को नहीं दी जा सकी। इससे यह प्रतीत हो रहा है कि विद्यालयों में संबंधित तिथियों में भोजन नहीं बनवाया गया या एमडीएम प्रभारियों और प्रधानाध्यापकों ने जानबूझ कर अनुशासन हीनता बरतते हुए आईवीआरएस पर सूचना नहीं दी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने बीएसए को संबंधित प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इसके बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी ने आईवीआरएस पर सूचना नहीं देने वाले 222 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों व प्रभारियों का का वेतन रोकते हुए उनसे तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। बीएसए प्रवीण तिवारी ने बताया कि मध्याह्न भोजन की रिपोर्ट आईवीआरएस पर नहीं देने के आरोप में 222 स्कूलों के प्रभारियों और प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। आईवीआरएस पर सूचना नहीं देने और लापरवाही बरतने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जिले के 2292 प्राथमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों के लिए दोपहर का भोजन बनवाया जाता है। विद्यालयों में कितने बच्चे उपस्थित रहे और कितने बच्चों का भोजन बना, इसकी सूचना प्रतिदिन प्रधानाध्यापकों या एमडीएम के लिए नामित किए गए प्रभारियों की ओर से आईवीआरएस पर दी जाती है। मध्याह्न भोजन योजना की नियमित निगरानी शासन की ओर से की जा रही है। बीते दिनों जनपद के 222 स्कूलों के एमडीएम प्रभारियों और प्रधानाध्यापकों ने मध्याह्न भोजन की रिपोर्ट आईवीआरएस पर नहीं दी थी जिससे संबंधित विद्यालयों की एमडीएम की रिपोर्ट शासन को नहीं दी जा सकी। इससे यह प्रतीत हो रहा है कि विद्यालयों में संबंधित तिथियों में भोजन नहीं बनवाया गया या एमडीएम प्रभारियों और प्रधानाध्यापकों ने जानबूझ कर अनुशासन हीनता बरतते हुए आईवीआरएस पर सूचना नहीं दी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने बीएसए को संबंधित प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इसके बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी ने आईवीआरएस पर सूचना नहीं देने वाले 222 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों व प्रभारियों का का वेतन रोकते हुए उनसे तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। बीएसए प्रवीण तिवारी ने बताया कि मध्याह्न भोजन की रिपोर्ट आईवीआरएस पर नहीं देने के आरोप में 222 स्कूलों के प्रभारियों और प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। आईवीआरएस पर सूचना नहीं देने और लापरवाही बरतने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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