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उन्नत बीजों से खेती करें किसान
Updated Mon, 11 Dec 2017 12:18 AM IST
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सीखड़। क्षेत्र के अदलपुरा स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान केंद्र में संगोष्ठी के दूसरे दिन पूर्व उप निदेशक उद्यान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद डा. गौतम कल्लू ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने ने कहा कि किसान उन्नत बीजों से खेती करें।
उन्होेंने कहा कि परिवर्तनीय जलवायु में अधिक एवं कम ताप सहनशील टमाटर की जंगली प्रजातियों का प्रयोग कर टमाटर की ऐसी किस्में विकसित करना है, जो अधिक तापमान एवं कम तापमान के अलावा सूखा प्रतिरोधी हो। प्रथम तकनीकी सत्र की शुरुआत की अध्यक्षता करते हुये डा. टीए मोरे पूर्व कुलपति एमपीकेवी ने कहा कि भारत वर्ष में कददू वर्गीय सब्जियों में सिंटरान एक ऐसी खरबुजाती प्रजाति है जो बिना पानी के भी राजस्थान जैसे जलवायु में सात आठ प्रति फल देता है। गोष्ठी को प्रो. एएस ऱघुवंशी बीएचयू, डा. मेजर सिंह, डा. अनंत बहादुर, डा. श्रीधर, डा. सतपाल शर्मा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. केपी पीटर पूर्व कुलपति केरल कृषि विश्वविद्यालय त्रिपुरा ने किया। इस दौरान डा. डीबी आहूजा, डा. एबी राय, डा. सुभाष चंद्र, डा. ओपी दत्ता आदि वैज्ञानिकों ने संबोधित किया ।
उन्होेंने कहा कि परिवर्तनीय जलवायु में अधिक एवं कम ताप सहनशील टमाटर की जंगली प्रजातियों का प्रयोग कर टमाटर की ऐसी किस्में विकसित करना है, जो अधिक तापमान एवं कम तापमान के अलावा सूखा प्रतिरोधी हो। प्रथम तकनीकी सत्र की शुरुआत की अध्यक्षता करते हुये डा. टीए मोरे पूर्व कुलपति एमपीकेवी ने कहा कि भारत वर्ष में कददू वर्गीय सब्जियों में सिंटरान एक ऐसी खरबुजाती प्रजाति है जो बिना पानी के भी राजस्थान जैसे जलवायु में सात आठ प्रति फल देता है। गोष्ठी को प्रो. एएस ऱघुवंशी बीएचयू, डा. मेजर सिंह, डा. अनंत बहादुर, डा. श्रीधर, डा. सतपाल शर्मा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. केपी पीटर पूर्व कुलपति केरल कृषि विश्वविद्यालय त्रिपुरा ने किया। इस दौरान डा. डीबी आहूजा, डा. एबी राय, डा. सुभाष चंद्र, डा. ओपी दत्ता आदि वैज्ञानिकों ने संबोधित किया ।
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