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श्रद्घाभाव से मां विंध्यवासिनी की पूजा अर्चना
Updated Tue, 03 Apr 2018 12:14 AM IST
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विंध्याचल मंदिर में पूजा करते पंडा समाज के लोग
विंध्याचल। नवरात्र मेले के बाद रविवार की रात में विंध्याचल धाम में वार्षिक पूजन अर्चन किया गया। जिसमें पंडा समाज के साथ ही सभी वर्गों के लोगों ने एकसाथ मिलकर श्रद्घा भाव से प्रात:काल साफ सफाई और रात्रि में पूजन अर्चन किया। इसके साथ ही विंध्याचल क्षेत्र में स्थित सभी छोटे बड़े मंदिरों का पंडा समाज के लोगों द्वारा पूजन अर्चन किया गया।
पंडा समाज के अध्यक्ष राजन पाठन के नेतृत्व में मां की पूजा अर्चना विधि विधान से किया गया। इस दौरान मां की भव्य आरती और पूजन हुआ। इस दौरान विंध्यधाम भक्ति मय हो गया। इसक बाद सोमवार की सुबह भक्तों को हलुआ का प्रसाद वितरण किया। इस दौरान मंत्री दीपू पाठक, कोषाध्यक्ष गौतम द्विवेदी, उपाध्यक्ष तेजन गिरि आदि ने पूजन अर्चन किया।
इसके पूर्व मां विंध्यवासिनी के साथ-साथ विन्ध्य क्षेत्र के सभी मंदिरों में सफाई की गई। देर रात श्री विन्ध्य पंडा समाज के तत्वावधान में विशेष निकासी पूजन किया गया, ताकि पूरे क्षेत्र को सकरात्मक ऊर्जा मिल सके। ऐसी मान्यता है कि नवरात्र में कुछ ऐसे साधक आते हैं और ऐसी अघोर साधना करते हैं जो अपना नकारात्मक ऊर्जा क्षेत्र में प्रभावित कर देती हैं। इसी नकरात्मकता को समाप्त करने के लिए निकासी निकाली गई जो तीन किलोमीटर दक्षिण दिशा में जा कर समाप्त हुई।
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पंडा समाज के अध्यक्ष राजन पाठन के नेतृत्व में मां की पूजा अर्चना विधि विधान से किया गया। इस दौरान मां की भव्य आरती और पूजन हुआ। इस दौरान विंध्यधाम भक्ति मय हो गया। इसक बाद सोमवार की सुबह भक्तों को हलुआ का प्रसाद वितरण किया। इस दौरान मंत्री दीपू पाठक, कोषाध्यक्ष गौतम द्विवेदी, उपाध्यक्ष तेजन गिरि आदि ने पूजन अर्चन किया।
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इसके पूर्व मां विंध्यवासिनी के साथ-साथ विन्ध्य क्षेत्र के सभी मंदिरों में सफाई की गई। देर रात श्री विन्ध्य पंडा समाज के तत्वावधान में विशेष निकासी पूजन किया गया, ताकि पूरे क्षेत्र को सकरात्मक ऊर्जा मिल सके। ऐसी मान्यता है कि नवरात्र में कुछ ऐसे साधक आते हैं और ऐसी अघोर साधना करते हैं जो अपना नकारात्मक ऊर्जा क्षेत्र में प्रभावित कर देती हैं। इसी नकरात्मकता को समाप्त करने के लिए निकासी निकाली गई जो तीन किलोमीटर दक्षिण दिशा में जा कर समाप्त हुई।
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