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सभासदों सहित नपाध्यक्ष 11 को करेंगे धरना प्रदर्शन
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मिर्जापुर। नगर पालिकाध्यक्ष मनोज जायसवाल ने जिला प्रशासन पर विकास कार्यों के लिए धन न देने का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वह 11 फरवरी को सभी सभासदों के साथ जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे।
घंटाघर स्थित नगर पालिका परिषद के अपने कार्यालय में गुरुवार को नपाध्यक्ष ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि जिला प्रशासन जानबूझकर जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए धन की स्वीकृति नहीं दे रहा है। साथ ही जिले के नोडल अधिकारी के निरीक्षण के समय नगरपालिका के संबंध में जो अफवाहें फैलाई गईं, उससे पालिका की छवि को धक्का पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि जनकल्याण के लिए करोड़ों रुपये आ चुका है लेकिन जिला प्रशासन उस धन के लिए वित्तीय स्वीकृति नहीं दे रहा है और नित नई कमेटी का गठन कर योजनाओं के क्रियान्वयन में रोड़े अटका रहा है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्होंने 25 जनवरी को सभासदों के साथ मंडलायुक्त को पत्रक सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई न होने से सभासदों में रोष है। उनको भी अपने क्षेत्र की जनता को जवाब देना पड़ रहा है। विंध्याचल मेला के लिए 60 लाख रुपया आया लेकिन पालिका को एक पैसा नहीं मिला जबकि जिला पंचायत को कुछ राशि मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि तालाबों के जीर्णोद्धार, अंत्येष्टि स्थल के निर्माण और 14वें वित्त के तहत कई करोड़ रुपये की धनराशि आ चुकी है लेकिन उसका लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। इस मौके पर नगरपालिका परिषद के कई सभासद उपस्थित थे।
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घंटाघर स्थित नगर पालिका परिषद के अपने कार्यालय में गुरुवार को नपाध्यक्ष ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि जिला प्रशासन जानबूझकर जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए धन की स्वीकृति नहीं दे रहा है। साथ ही जिले के नोडल अधिकारी के निरीक्षण के समय नगरपालिका के संबंध में जो अफवाहें फैलाई गईं, उससे पालिका की छवि को धक्का पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि जनकल्याण के लिए करोड़ों रुपये आ चुका है लेकिन जिला प्रशासन उस धन के लिए वित्तीय स्वीकृति नहीं दे रहा है और नित नई कमेटी का गठन कर योजनाओं के क्रियान्वयन में रोड़े अटका रहा है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्होंने 25 जनवरी को सभासदों के साथ मंडलायुक्त को पत्रक सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई न होने से सभासदों में रोष है। उनको भी अपने क्षेत्र की जनता को जवाब देना पड़ रहा है। विंध्याचल मेला के लिए 60 लाख रुपया आया लेकिन पालिका को एक पैसा नहीं मिला जबकि जिला पंचायत को कुछ राशि मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि तालाबों के जीर्णोद्धार, अंत्येष्टि स्थल के निर्माण और 14वें वित्त के तहत कई करोड़ रुपये की धनराशि आ चुकी है लेकिन उसका लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। इस मौके पर नगरपालिका परिषद के कई सभासद उपस्थित थे।
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