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जब्त की गई पटिया बोल्डर को बेचकर उसका पैसा खा गए कर्मचारी
Updated Sat, 11 Nov 2017 12:06 AM IST
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मिर्जापुर। खनिज विभाग की ओर से जिले के आधा दर्जन स्थानों से जब्त की गई पटिया तथा बोल्डर को खनिज विभाग में तैनात रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा बेच कर उसका पैसा गबन किए जाने का मामला प्रकाश में आ रहा है। मामला न्यायालय में पहुंचने पर कोर्ट ने टीम गठित कर इसकी जांच कराई। जांच में मामला सही मिलने पर उच्च न्यायालय ने गायब की गई पटिया एवं बोल्डर के कीमत को जिम्मेदार कर्मचारियों से वसूलने का निर्देश दिया है। न्यायालय के इस कड़े रुख के बाद खनिज विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
बता दें कि पूर्व में खान अधिकारी द्वारा कुछ वर्ष पहले चुनार बस स्टैंड के पास, विकास भवन एवं अग्निशमन विभाग के परिसर समेत जनपद के अन्य स्थानों पर अवैध तरीके से रखी लाखों पटिया एवं बोल्डर की जानकारी मिलने पर छोपमारी कर जब्त कर लिया था। जब्त किए गए बोल्डर पटिया को विभाग के दो लिपिक की निगरानी में सौंप दिया गया था। जिसमें से कुछ पटिया एवं बोल्डर को कुछ दिनों बाद नीलाम कर दिया गया था। नीलामी से मिले धनराशि को राजस्व खाते में जमा करा दिया गया था। नीलामी के बावजूद भारी मात्रा में बचा पटिया बोल्डर कुछ दिनों बाद गायब हो गया। जिसकी जानकारी होने पर एक व्यक्ति ने खजिन विभाग में इसकी शिकायत कर दोषी के विरुद्घ कार्रवाई की मांग की। शिकायत मिलने पर खनिज विभाग की ओर दोनों लिपिकों जगदीश मिश्रा एवं देवनाथ दूबे जो वर्तमान में सेवानिवृत हो चुके के विरुद्घ चुनार, देहात एवं कटरा कोतवाली में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। इसके बावजूद पटिया बोल्डर के पैसे बरामद नहीं होने पर उच्च न्यायालय दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से उसकी कीमत वसूलने का निर्देश दिया है।
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जिले के कुछ स्थानों पर भारी मात्रा में पटिया बोल्डर अवैध तरीके से रखी गई थी। जिसकी शिकायत मिलने पर उसे जब्त कर दो लिपिकों समेत अन्य कर्मचारियों की निगरानी में सौंप दिया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद यह पटिया बोल्डर गायब हो गया। जिसके आरोप में करीब ढाई माह पूर्व दो लिपिकों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। उसने पटिया व बोल्डर के कीमत की रिकवरी के भी आदेश दिए गए हैं।-आरबी सिंह, खनिज अधिकारी
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