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जुबिली प्रकरण में सिटी मजिस्ट्रेट की होगी जांच
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:30 AM IST
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मिर्जापुर। नगर के रमईपट्टी स्थित एएस जुबिली इंटरमीडिएट कालेज का कार्यालय विगत दिनों सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा सीज करने का मामला और भी तूल पकड़ने लगा है। बुधवार को शिक्षक विधायक दल ने इस प्रकरण को विधान परिषद में उठाया। नियम 105 के तहत प्रस्ताव रख गहरा आक्रोश प्रकट किया और सिटी मजिस्ट्रेट के इस कार्य को लोकहित के विरूद्घ व अवैधानिक बताया। चर्चा पर हंगामे के बाद उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने इस पूरे मामले की जांच कराने का भरोसा दिलाया।
बुधवार को शिक्षक विधायक दल के नेता एवं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने एमएलसी हेम सिंह पुंडोर, जगवीर किशोर जैन, सुरेश कुमार त्रिपाठी एवं ध्रुव कुमार त्रिपाठी के साथ यह प्रकरण सदन के पटल पर रखा। कहा कि 15 जुलाई की सुबह नगर मजिस्ट्रेट डीपी मिश्रा दल बल के साथ नगर के एएस जुबिली इंटर कालेज पहुंचे और सीधे विद्यालय के अभिलेखीय कार्यालय को सीज कर दिया। इस कार्य के लिए न तो उन्हें जिला प्रशासन ने कोई आदेश दिया था और न ही किसी न्यायालय ने। सिटी मजिस्ट्रेट ने इस कार्य के लिए शिक्षा विभाग से भी न तो अनुमति मांगी थी और न ही सूचना दी। विधायक दल के नेता एवं उ.प्र. माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि यह कार्रवाई इसलिए भी अत्यंत गंभीर है कि यह विद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया डिग्री कालेजों में प्रवेश के लिए टीसी, अंक-पत्र वितरण, शुल्क पूर्ति आदि को रोक दिया गया, जिससे छात्र-छात्राओं के भविष्य पर ग्रहण लग गया। साथ ही इस तरह की कार्रवाई से विद्यालय, प्रधानाचार्य व शिक्षकों की प्रतिष्ठा को भी चोट पहुंची और पठन-पाठन भी प्रभावित हुआ है। एक लोक सेवक द्वारा इस तरह लोकहित के विरूद्घ कार्य करना अत्यंत गंभीर है। इस प्रकरण पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंत्रालय संभाल रहे डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने सीज की कार्रवाई की जांच कराकर दोषियों को दंडित करने का भरोसा जताया।
बुधवार को शिक्षक विधायक दल के नेता एवं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने एमएलसी हेम सिंह पुंडोर, जगवीर किशोर जैन, सुरेश कुमार त्रिपाठी एवं ध्रुव कुमार त्रिपाठी के साथ यह प्रकरण सदन के पटल पर रखा। कहा कि 15 जुलाई की सुबह नगर मजिस्ट्रेट डीपी मिश्रा दल बल के साथ नगर के एएस जुबिली इंटर कालेज पहुंचे और सीधे विद्यालय के अभिलेखीय कार्यालय को सीज कर दिया। इस कार्य के लिए न तो उन्हें जिला प्रशासन ने कोई आदेश दिया था और न ही किसी न्यायालय ने। सिटी मजिस्ट्रेट ने इस कार्य के लिए शिक्षा विभाग से भी न तो अनुमति मांगी थी और न ही सूचना दी। विधायक दल के नेता एवं उ.प्र. माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि यह कार्रवाई इसलिए भी अत्यंत गंभीर है कि यह विद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया डिग्री कालेजों में प्रवेश के लिए टीसी, अंक-पत्र वितरण, शुल्क पूर्ति आदि को रोक दिया गया, जिससे छात्र-छात्राओं के भविष्य पर ग्रहण लग गया। साथ ही इस तरह की कार्रवाई से विद्यालय, प्रधानाचार्य व शिक्षकों की प्रतिष्ठा को भी चोट पहुंची और पठन-पाठन भी प्रभावित हुआ है। एक लोक सेवक द्वारा इस तरह लोकहित के विरूद्घ कार्य करना अत्यंत गंभीर है। इस प्रकरण पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंत्रालय संभाल रहे डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने सीज की कार्रवाई की जांच कराकर दोषियों को दंडित करने का भरोसा जताया।
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