{"_id":"e9f94602-5f90-11e2-93f9-d4ae52bc57c2","slug":"merit-of-basic-teacher-recruitment-could-not-determined-still","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षक भर्तीः बीएड अंकों के कारण फंसा मेरिट निर्धारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षक भर्तीः बीएड अंकों के कारण फंसा मेरिट निर्धारण
इलाहाबाद/ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jan 2013 09:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक भर्ती की मेरिट तय करने में बीएड के अंकों और ग्रेडिंग के कारण मामला उलझ गया है। प्रदेश के कुछ विश्वविद्यालयों की ओर से बीएड पूर्णांक अलग-अलग होने से मेरिट में दो तीन फीसदी का अंतर हो रहा है। कुछ विश्वविद्यालयों में बीएड परीक्षा में ग्रेडिंग लागू होने के कारण मेरिट तय नहीं हो पा रही है। एससीईआरटी अभी इस बारे में फैसला नहीं कर सका है कि किस ग्रेड को क्या अंक प्रतिशत दिया जाए।
विज्ञापन
शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि अलग-अलग विश्वविद्यालयों में बीएड के प्रैक्टिकल और सैद्घांतिक के पूर्णांक समान नहीं होने के कारण दो आवेदकों के अंक प्रतिशत में दो से तीन फीसदी का अंतर हो जाएगा। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती में पुरानी विधि अपनाने से मेरिट में अंतर नहीं होगा।
विज्ञापन
बीएचयू, इन्दौर विश्वविद्यालय और अलीगढ़ विश्वविद्यालय से बीएड करने वाले अभ्यर्थियों ने भी सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से गुहार लगाई है कि उन्हें परीक्षा में ग्रेड दिया गया है जबकि मेरिट तैयार करते समय अंक देखे जाएंगे। ऐसे में ग्रेड पाने वाले अभ्यर्थियों पर सरकार को संबंधित विश्वविद्यालयों से ग्रेड के अंक की जानकारी लेकर ही मेरिट तैयार करें। अभी तक सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से इस बारे में कोई निर्णय नहीं होने से अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति है।
विज्ञापन