{"_id":"5a72beed4f1c1b83268b7b96","slug":"zamida-studying-prayers-for-men-deobandi-ulema-angry-over-new-statement","type":"story","status":"publish","title_hn":"नमाज पढ़ाकर इतिहास रचने वाली जमीदा के बयान पर आगबबूला हुए देवबंदी उलमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नमाज पढ़ाकर इतिहास रचने वाली जमीदा के बयान पर आगबबूला हुए देवबंदी उलमा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 01 Feb 2018 08:45 PM IST
विज्ञापन
इमाम जमीदा और देवबंद की फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केरल में पुरुषों को जुमा की नमाज अदा कराने वाली महिला इमाम जमीदा ने इस बार पांच वक्त की नमाज और नमाज पढ़ने के तरीके को लेकर विवादित बयान दिया है। नए बयान पर देवबंदी उलमा आग बबूला हो गए हैं। उलमा का कहना है कि जमीदा को इस्लाम के बारे में किसी भी तरह की कोई जानकारी नहीं है इसलिए वे साजिश के तहत इस्लाम और मुसलमानों को बदनाम करने का काम कर रही हैं।
विज्ञापन
तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष व अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि मुसलमान कुरआन और हदीस के मुताबिक अपनी जिंदगी गुजारते हैं उन्हें किसी जमीदा से कोई तरीका सीखने की जरूरत नहीं है। जमीदा का नमाज पढ़ाते हुए जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें देखने से साफ पता चलता है कि वे गलत तरीके से नमाज अदा करा रही हैं।
विज्ञापन
पढ़ें : देवबंदी उलमा बोले- मुस्लिम महिलाओं का फुटबॉल मैच देखना हराम
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जमीदा अपनी बात मनवाने के लिए झूठ का सहारा ले रही हैं जो सरासर गलत है। फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि जमीदा ने पांच वक्त की नमाज अदा करने और उनके तरीकों पर जो सवाल उठाए हैं उनमें जरा भी सच्चाई नहीं है। क्योंकि इस्लाम मजहब में नमाज के वक्त तय हैं और पूरे विश्व में नमाज पढ़ने का तरीका एक ही है। इस्लाम और मुसलमान विरोधी ताकतें जमीदा और उस जैसी महिलाओं को हथियार के रुप में इस्तेमाल कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि जमीदा किसके हाथ का खिलौना बनकर ये सब कर रही है, लेकिन इतना साफ है कि वे साजिश के तहत ये सब कर रही हैं। साथ ही कहा कि इस्लाम मजहब में मर्दों और औरतों के सभी हक तय किए हुए हैं। बता दें कि बुधवार को जमीदा ने बयान दिया है कि नमाज पांच वक्त की नहीं बल्कि तीन वक्त सुबह शाम और रात में ही पढ़ी जाती है, जबकि नमाज में सिर्फ एक रकात में एक ही सजदा होता है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/