{"_id":"a756db1609fe3a5bb5292234190e7e0f","slug":"women-police-station-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला थाने में तानाशाही का समझौता ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला थाने में तानाशाही का समझौता
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Wed, 13 Jan 2016 02:06 AM IST
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महिला इंस्पेक्टर नरगिस खान के समझौते की प्रक्रिया तानाशाही है। समझौते में बुलाए गए लड़के पक्ष को थाने की हवालात में रखने की बाद मैडम समझौते की वार्ता शुरू करती हैं।
इतना ही नहीं, मनमाने तरीके से समझौता थोपा जाता है। मैडम का यह चेहरा काउंसिलिंग में आने वाले लोगों में दहशत फैला रहा है। इसका खुलासा मंगलवार दोपहर ‘अमर उजाला’ टीम ने अपने स्टिंग ऑपरेशन में किया।
महिला थाने में सुबह दस बजते ही पारिवारिक मामलों की पंचायत बैठनी शुरू हो जाती है। जिसका हर फैसला चाहे सही हो या गलत, इंस्पेक्टर नरगिस खान ही लिया जाता है। काउंसिलिंग के नाम पर दंपति को बुलाया तो जाता है लेकिन पलड़ा उसी पक्ष का भारी रहता है, जिसका इंस्पेक्टर पर ज्यादा असर हो।
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समझौता वार्ता शुरू करने से पहले ही इंस्पेक्टर लड़के पक्ष को थाने की हवालात में ठूंस देती है। ताकि लड़का पक्ष वार्ता के दौरान दहशत में रहे। मंगलवार को इंस्पेक्टर महिला की यह तानाशाही ‘अमर उजाला’ ने अपने कमरे में कैद कर ली।
इंस्पेक्टर ने दो मामलों में लड़के पक्ष को करीब एक-एक घंटा हवालात की हवा खिलायी। उसके बाद ही इंस्पेक्टर ने अपने ऑफिस में दोनों पक्षों को बुलाया। एक पक्ष की बात सुनी गई, जबकि लड़का पक्ष तो दहशत में था कि अब उसको जेल ही जाना पडे़गा।
दोनों मामलों में जैसे-तैसे कर लड़के पक्ष ने महिला इंस्पेक्टर से माफी मांगकर अपनी जान बचाई। इंस्पेक्टर के सामने लड़के पक्ष को यह बात कहनी पड़ी कि ‘अगली तारीख पर मैडम साहिबा आप जैसा कहेंगी, हम वैसा ही कर लेंगे’।
बड़ा सवाल उठता कि इंस्पेक्टर ने किस कानूनी प्रक्रिया के तहत हवालात में एक पक्ष को बंद किया। लड़का पक्ष के एक सदस्य ने महिला इंस्पेक्टर की शिकायत डीएम पंकज यादव से कर दी है।
यह है दोनों मामले
केस : 1
जड़ोदा नारा, मुजफ्फरनगर निवासी विपिन पुत्र प्रदीप की शादी चार साल पहले खिर्वा जलालपुर, सरधना निवासी लक्ष्मी से हुई थी। दंपति का विवाद महिला थाना के परिवार परामर्श केंद्र में विचाराधीन है। मंगलवार को दंपति की काउंसिलिंग थी। जिसमें इंस्पेक्टर नरगिस खान ने विपिन को करीब एक घंटा हवालात में बंद कराया।
उसके बाद इंस्पेक्टर ने विपिन को हवालात से अपने ऑफिस में बुलाकर लड़की पक्ष के लोगों से वार्ता कराई। सुलह न होने पर इंस्पेक्टर ने उसको 18 जनवरी को दोबारा अपने परिजनों को लेकर आने की हिदायत देकर छोड़ा। विपिन ने डीएम पंकज यादव से शिकायत करने की बात कही है।
केस : 2
भावनपुर क्षेत्र के पचगांव गावड़ी निवासी सुरेश कुमार की शादी ललिता निवासी खरखौदा से हुई थी। दंपति में विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों को महिला इंस्पेक्टर नरगिस खान ने काउंसिलिंग के लिए मंगलवार को बुलाया था। दोनों में वार्ता चल रही थी। इसी दौरान इंस्पेक्टर ने सुरेश को हवालात में बंद करा दिया।
करीब आधा घंटे हवालात में बंद होने के बाद ही सुरेश के होश उड़ गए। उसने अपने परिवार के लोगों को शांत किया और चुपके से वहां से चलता हो गया। हवालात में बंद करने को लेकर सुरेश के परिजनों ने आपत्ति भी की, लेकिन इंस्पेक्टर ने उल्टा उन्हीं को डपट दिया।
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इतना ही नहीं, मनमाने तरीके से समझौता थोपा जाता है। मैडम का यह चेहरा काउंसिलिंग में आने वाले लोगों में दहशत फैला रहा है। इसका खुलासा मंगलवार दोपहर ‘अमर उजाला’ टीम ने अपने स्टिंग ऑपरेशन में किया।
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महिला थाने में सुबह दस बजते ही पारिवारिक मामलों की पंचायत बैठनी शुरू हो जाती है। जिसका हर फैसला चाहे सही हो या गलत, इंस्पेक्टर नरगिस खान ही लिया जाता है। काउंसिलिंग के नाम पर दंपति को बुलाया तो जाता है लेकिन पलड़ा उसी पक्ष का भारी रहता है, जिसका इंस्पेक्टर पर ज्यादा असर हो।
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समझौता वार्ता शुरू करने से पहले ही इंस्पेक्टर लड़के पक्ष को थाने की हवालात में ठूंस देती है। ताकि लड़का पक्ष वार्ता के दौरान दहशत में रहे। मंगलवार को इंस्पेक्टर महिला की यह तानाशाही ‘अमर उजाला’ ने अपने कमरे में कैद कर ली।
इंस्पेक्टर ने दो मामलों में लड़के पक्ष को करीब एक-एक घंटा हवालात की हवा खिलायी। उसके बाद ही इंस्पेक्टर ने अपने ऑफिस में दोनों पक्षों को बुलाया। एक पक्ष की बात सुनी गई, जबकि लड़का पक्ष तो दहशत में था कि अब उसको जेल ही जाना पडे़गा।
दोनों मामलों में जैसे-तैसे कर लड़के पक्ष ने महिला इंस्पेक्टर से माफी मांगकर अपनी जान बचाई। इंस्पेक्टर के सामने लड़के पक्ष को यह बात कहनी पड़ी कि ‘अगली तारीख पर मैडम साहिबा आप जैसा कहेंगी, हम वैसा ही कर लेंगे’।
बड़ा सवाल उठता कि इंस्पेक्टर ने किस कानूनी प्रक्रिया के तहत हवालात में एक पक्ष को बंद किया। लड़का पक्ष के एक सदस्य ने महिला इंस्पेक्टर की शिकायत डीएम पंकज यादव से कर दी है।
यह है दोनों मामले
केस : 1
जड़ोदा नारा, मुजफ्फरनगर निवासी विपिन पुत्र प्रदीप की शादी चार साल पहले खिर्वा जलालपुर, सरधना निवासी लक्ष्मी से हुई थी। दंपति का विवाद महिला थाना के परिवार परामर्श केंद्र में विचाराधीन है। मंगलवार को दंपति की काउंसिलिंग थी। जिसमें इंस्पेक्टर नरगिस खान ने विपिन को करीब एक घंटा हवालात में बंद कराया।
उसके बाद इंस्पेक्टर ने विपिन को हवालात से अपने ऑफिस में बुलाकर लड़की पक्ष के लोगों से वार्ता कराई। सुलह न होने पर इंस्पेक्टर ने उसको 18 जनवरी को दोबारा अपने परिजनों को लेकर आने की हिदायत देकर छोड़ा। विपिन ने डीएम पंकज यादव से शिकायत करने की बात कही है।
केस : 2
भावनपुर क्षेत्र के पचगांव गावड़ी निवासी सुरेश कुमार की शादी ललिता निवासी खरखौदा से हुई थी। दंपति में विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों को महिला इंस्पेक्टर नरगिस खान ने काउंसिलिंग के लिए मंगलवार को बुलाया था। दोनों में वार्ता चल रही थी। इसी दौरान इंस्पेक्टर ने सुरेश को हवालात में बंद करा दिया।
करीब आधा घंटे हवालात में बंद होने के बाद ही सुरेश के होश उड़ गए। उसने अपने परिवार के लोगों को शांत किया और चुपके से वहां से चलता हो गया। हवालात में बंद करने को लेकर सुरेश के परिजनों ने आपत्ति भी की, लेकिन इंस्पेक्टर ने उल्टा उन्हीं को डपट दिया।