{"_id":"550d10e05dd1015f08e46906f93be135","slug":"woman-inspector-hindi-news-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला इंस्पेक्टर तक पहुंचेगी जांच की आंच ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला इंस्पेक्टर तक पहुंचेगी जांच की आंच
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Sat, 02 Jan 2016 01:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महिला थाने में तारीख लगाने के बदले रिश्वत लेते कैमरे में कैद हुई महिला दरोगा मामले की जांच तेजी से चल रही है। जांच की आंच महिला इंस्पेक्टर तक पहुंच सकती है। प्रकरण में रिश्वत देने वाले वादी के बाद अब दोषी महिला दरोगा के भी बयान हो चुके हैं। शीघ्र जांच रिपोर्ट आने से प्रकरण में कई खुलासे की उम्मीद है।
गौरतलब है कि 26 दिसंबर को दूसरे पक्ष से मिलकर महिला दरोगा महेंद्र कौर ने एक पक्ष की तारीख बढ़ा दी। जिसकेबदले उन्होंने थाने में ही एक पक्ष से रिश्वत ली थी, यह पूरी प्रकरण अमर उजाला टीम ने अपने कैमरे में कैद कर लिया था।
एसएसपी डीसी दूबे ने महिला दरोगा समेत पूरे थाने की भूमिका पर सीओ महिला थाना अब्दुल कादिर को जांच सौपी थी। एक पक्ष का बयान लेने के बाद महिला थाना सीओ अब्दुल कादिर ने दोषी दरोगा महेंद्र कौर का बयान लिया। सूत्रों की माने तो महिला दरोगा ने रिश्वत लेने से साफ इंकार कर दिया और कैमरे में कैद हुई फोटो को कुछ नए तरीके से पेश किया। थाने में सिपाही से लेकर दरोगा स्तर तक होने वाली ऊगाही में सभी की हिस्सेदारी होती है।
विज्ञापन
सीओ महिला थाना इसकी भी जांच कर रहे हैं। माना जा रहा है कि दरोगा के कैमरे में रिश्वत लेते की जांच की आंच महिला इंस्पेक्टर नरगिस खान तक पहुंचेगी। महिला इंस्पेक्टर की मुश्किल यहीं तक नहीं है। महिला इंस्पेक्टर के खिलाफ भी एक प्रकरण में समझौते कराने के नाम पर कमीशन मांगने का आरोप है। इस प्रकरण में भी जांच के आदेश एसएसपी दे चुके हैं। महिला थाना सीओ अब्दुल कादिर का कहना है कि प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के बीच में कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं है। जांच पूरी कर शीघ्र ही रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
विज्ञापन
गौरतलब है कि 26 दिसंबर को दूसरे पक्ष से मिलकर महिला दरोगा महेंद्र कौर ने एक पक्ष की तारीख बढ़ा दी। जिसकेबदले उन्होंने थाने में ही एक पक्ष से रिश्वत ली थी, यह पूरी प्रकरण अमर उजाला टीम ने अपने कैमरे में कैद कर लिया था।
विज्ञापन
एसएसपी डीसी दूबे ने महिला दरोगा समेत पूरे थाने की भूमिका पर सीओ महिला थाना अब्दुल कादिर को जांच सौपी थी। एक पक्ष का बयान लेने के बाद महिला थाना सीओ अब्दुल कादिर ने दोषी दरोगा महेंद्र कौर का बयान लिया। सूत्रों की माने तो महिला दरोगा ने रिश्वत लेने से साफ इंकार कर दिया और कैमरे में कैद हुई फोटो को कुछ नए तरीके से पेश किया। थाने में सिपाही से लेकर दरोगा स्तर तक होने वाली ऊगाही में सभी की हिस्सेदारी होती है।
विज्ञापन
सीओ महिला थाना इसकी भी जांच कर रहे हैं। माना जा रहा है कि दरोगा के कैमरे में रिश्वत लेते की जांच की आंच महिला इंस्पेक्टर नरगिस खान तक पहुंचेगी। महिला इंस्पेक्टर की मुश्किल यहीं तक नहीं है। महिला इंस्पेक्टर के खिलाफ भी एक प्रकरण में समझौते कराने के नाम पर कमीशन मांगने का आरोप है। इस प्रकरण में भी जांच के आदेश एसएसपी दे चुके हैं। महिला थाना सीओ अब्दुल कादिर का कहना है कि प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के बीच में कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं है। जांच पूरी कर शीघ्र ही रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।