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Meerut News: समान नागरिक संहिता को नहीं करेंगे बर्दाश्त, मुसलमानों के लिए शरीयत पहले

Fri, 30 Jun 2023 01:16 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 30 Jun 2023 01:16 AM IST
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Will not tolerate Uniform Civil Code, Shariat first for Muslims
मेरठ। बृहस्पतिवार को शहरकाजी ने कहा कि समान नागरिक संहिता ( कॉमन सिविल कोड ) को बर्दाश्त नहीं करेंगे। मुसलमान कुरान और शरीयत पर अमल करता है और करता रहेगा। बृहस्पतिवार को दिल्ली रोड स्थित शाही ईदगाह में बकरीद की नमाज के बाद तकरीर करते हुए शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने समान नागरिक संहिता को सिरे से खारिज करते हुए कड़े शब्दो में इसकी निंदा की।
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शहरकाजी ने बकरीद की नमाज अदा कराई, जिसके बाद देश में अमन और शांति की दुआ मांगी। शहर की मुख्य मस्जिदों में भी नमाज अदा हुई। जिसके बाद उन्होंने तकरीर करते हुए कहा कि हमारे देश में हर मजहब और हर जाति के लोग रहते हैं। ऐसे में देश में समान नागरिक संहिता जबरदस्ती लागू करना एकदम गलत है। इसका उलमा और मुसलमान खुलकर विरोध करते हैं। कहा कि अंग्रेजी देशों से लेकर इस्लामिक देशों में कहीं ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है, जैसा माहौल हमारे देश में बनाया जा रहा है। समान नागरिक संहिता लागू हुआ तो हमारे धार्मिक कामों में दखल बढ़ जाएगा। हम अपने बच्चों के निकाह तक भी ठीक से नहीं कर पाएंगे। इस्लामिक देश और अन्य देशों में समान नागरकि संहिता लागू हुआ तो वहां के अल्पसंख्यक वर्ग में आने वाले हिंदुओं का क्या होगा, ये बिल्कुल गलत है। केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर उलमाओं से बैठकर शांति के तरीके से बात करनी चाहिए। उन्होंने सड़क पर नमाज न होने के निर्देश पर कहा विदेशों में सभी मजहब के कार्यक्रम सड़कों पर होते हैं, किसी को कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन हमारे देश में अब नमाज पर पाबंदी लगाने की तैयारी चल रही है। ईदगाह के चारों ओर इतनी फोर्स लगा रखी है, जिससे नमाजियों में खौफ पैदा हो और वो नमाज पढ़ने ना आएं। ये बिलकुल गलत है, हमें आजादी के साथ नमाज पढ़ने का अधिकार है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में मुस्लिमों को देश से बाहर निकालने को मुद्दा बनाया जा रहा है। कहा हमारे पूर्वजों ने भी देश काे आजाद कराने में भूमिका निभाई है। आज देश में 20 करोड़ से ज्यादा मुस्लिम है, ये लोकतांत्रिक अधिकार से यहां रह रहे हैं। इसलिए किसी से डरकर नहीं, बल्कि गलत बात का खुलकर विरोध करना भी हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है।
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देश के हालातों को देखते हुए कुर्बानी के लिए तैयार रहे मुसलमान
भाजपा सरकार लगातार समान नागरिक संहिता लागू करने की बात कर रही है, जिसको लेकर शहरकाजी ने मुसलमानों को एक बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने तकरीर में कहा कि समान नागरिक संहिता और मदरसों को लेकर सरकार का रवैया ठीक नहीं है। देश में लगातार मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है, ऐसे में वक्त आ गया है कि मदरसों व अन्य इदारों और अपना मुस्तकबिल बचाने के लिए खुद की कुर्बानी भी देनी पड़े तो कम है।
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आजादी से पहले या बाद में हमें परेशानी से गुजरना पड़ा

कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने तकरीर करते हुए कहा कि आजादी से पहले या आजादी के बाद मुसलमानों को इस मुल्क में परेशानी से गुजरना पड़ा है। कुरआन में दिया है ऐसा कोई मौका नहीं आएगा जब मुसलमान को आजमाया नहीं जाएगा। ईमान पक्का होगा तो इसकी आजमाइश होगी, हर मोड़ पर आजमाया गया। इब्राहिम अलेहिस्सलाम और इस्माईल की तरह आजमाइश हुई। हम उनकी याद में आज बकरीद का त्योहार मना रहे हैं।


मुख्य गेट बंद करने पर नाराज हुए उलमा

सड़क पर नमाज अदा न होने को लेकर इस बार जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से सख्ती देखने को मिली। भीड़ ज्यादा ना हो जाए जिसके लिए जिला प्रशासन ने शाही ईदगाह के मुख्यगेट पर बैरिकेटिंग लगाकर पूरी तरह बंद कर दिया। जिससे ईदगाह में लोगों को आने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। लोगों ने शिकायत की तो कारी शफीकुर्रहमान कासमी और शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साहिद्दीन सिद्दीकी ने माइक से इसका विरोध किया। माइक से जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को मुख्य गेट खोलने को कहा, जिसके बाद गेट खोला गया।
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