मौसम का मिजाज: पश्चिमी यूपी में बरसे बदरा, भीषण गर्मी से थोड़ी राहत लेकिन उमस बढ़ी
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भयंकर गर्मी से बुधवार सुबह मेरठवासियों को थोड़ी राहत का एहसास हुआ। पश्चिमी यूपी में सुबह से ही बादल छाए रहे और विभिन्न इलाकों में हल्की बूंदाबांदी तो कहीं तेज बारिश हुई। वहीं हल्की-फुल्की बारिश से मौसम में उमस बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो इस बार मेरठ व बागपत जिले में मानसून कमजोर रहेगा।
जुलाई शुरू हो चुका है, लेकिन अब तक भी मानसून न आने से गर्मी चरम पर है। दिनभर उमस के कारण लोग पसीना-पसीना हो रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वेस्ट यूपी में आगामी 4 जुलाई से 7 जुलाई के बीच मानसून आने के आसार हैं, लेकिन बुधवार सुबह अचानक बरसे बादलों ने जहां लोगों को राहत दी वहीं तापमान में गिरावट भी आई। हालांकि कई स्थानों पर बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई।
मंगलवार को भी अधिकतम तापमान में एक डिग्री की कमी दर्ज की गई, लेकिन उमस के कारण लोग परेशान नजर आए। मंगलवार को अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 28.7 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि अधिकतम आद्रता 65 व न्यूनतम आद्रता 54 दर्ज की गई। हवा की अधिकतम रफ्तार 8 किमी प्रति घंटा व न्यूनतम 4 किमी प्रतिघंटा रही।
फसलों के लिए ठीक नहीं है यह मौसम
कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो धान की बुआई का समय आ गया है और गर्मी का असर कम नहीं हो रहा है। बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान के प्रभारी व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रितेश शर्मा का कहना है कि इस समय फसलों के लिए बारिश बहुत जरुरी है। बारिश न होने के कारण धान की बुवाई और पौध भी प्रभावित होगी।
4-5 जुलाई को आंधी के साथ 2 से 4 एमएम बारिश हो सकती है। मानसून धीमी गति से मैदानी क्षेत्र से पहाड़ी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। 7-8 जुलाई तक बारिश होने की संभाना है। - डॉ. एन सुभाष, मौसम वैज्ञानिक, आईआईएफएसआर