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Meerut News: बारिश का इंतजार रहा अधूरा
Sat, 30 May 2026 07:11 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sat, 30 May 2026 07:11 PM IST
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सटीक साबित नहीं हो रहे मौसम विभाग के अलर्ट, लोग असमंजस में
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। मौसम विभाग द्वारा शनिवार शाम 3. 07 बजे लोगों को तीन घंटे में कुछ क्षेत्रों में बारिश और तेज तूफान और ओलावृष्टि का संदेश मोबाइल पर मिला। इसके बाद लोग तूफान को लेकर अलर्ट हो गए लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि बारिश होने के बाद उन्हें गर्मी से राहत मिलेगी लेकिन बाद कई किसानों ने खेतों से जुड़े कार्य भी रोक दिए।
लेकिन निर्धारित समयावधि के दौरान हस्तिनापुर और आसपास के अधिकांश क्षेत्रों में न तो तेज तूफान आया और न ही तेज बारिश आई। इससे लोगों में असमंजस की स्थिति बनी रही। कई लोगों ने कहा कि दो दिन पूर्व रात करीब नौ बजे भी ऐसा ही अलर्ट संदेश आया था। सुंदर सिंह, महेंद्र सिंह, अनिल कुमार, जगजीत, आदि का कहना है कि यदि बार-बार जारी किए जा रहे अलर्ट वास्तविक मौसम परिस्थितियों से मेल नहीं खाएंगे तो भविष्य में लोग गंभीर चेतावनियों को भी हल्के में लेने लगेंगे। लोगों को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद भी अधूरी रह गई। कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ नवीन चंद्र का मानना है कि मौसम पूर्वानुमान संभावनाओं पर आधारित होता है और स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति में तेजी से बदलाव हो सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। मौसम विभाग द्वारा शनिवार शाम 3. 07 बजे लोगों को तीन घंटे में कुछ क्षेत्रों में बारिश और तेज तूफान और ओलावृष्टि का संदेश मोबाइल पर मिला। इसके बाद लोग तूफान को लेकर अलर्ट हो गए लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि बारिश होने के बाद उन्हें गर्मी से राहत मिलेगी लेकिन बाद कई किसानों ने खेतों से जुड़े कार्य भी रोक दिए।
लेकिन निर्धारित समयावधि के दौरान हस्तिनापुर और आसपास के अधिकांश क्षेत्रों में न तो तेज तूफान आया और न ही तेज बारिश आई। इससे लोगों में असमंजस की स्थिति बनी रही। कई लोगों ने कहा कि दो दिन पूर्व रात करीब नौ बजे भी ऐसा ही अलर्ट संदेश आया था। सुंदर सिंह, महेंद्र सिंह, अनिल कुमार, जगजीत, आदि का कहना है कि यदि बार-बार जारी किए जा रहे अलर्ट वास्तविक मौसम परिस्थितियों से मेल नहीं खाएंगे तो भविष्य में लोग गंभीर चेतावनियों को भी हल्के में लेने लगेंगे। लोगों को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद भी अधूरी रह गई। कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ नवीन चंद्र का मानना है कि मौसम पूर्वानुमान संभावनाओं पर आधारित होता है और स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति में तेजी से बदलाव हो सकता है।
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