खुल गई पोल: फर्जी डिग्री से बंगलूरु में चार बने असिस्टेंट प्रोफेसर, महिला भी शामिल, जांच में हुए बड़े खुलासे
Meerut News : सीसीएसयू के नाम की फर्जी डिग्री लेकर बंगलूरु में असिस्टेंट प्रोफेसर बने चार लोगों की पोल खुल गई है। विजिलेंस टीम की जांच में पता चला कि इनमें महिला भी शामिल है। जांच में ये बड़े राज भी खुले हैं।
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चौधरी चरण सिंह विवि (सीसीएसयू) के नाम की फर्जी डिग्री से बंगलूरू के डिपार्टमेंट ऑफ कॉलिजिएट एंड टेक्नीकल एजूकेशन में महिला समेत चार लोगों ने असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर तैनाती ले ली। कर्नाटक सरकार ने डिग्रियों का वेरीफिकेशन कराया तो 27 अक्तूबर 2022 को सीसीएसयू के लेटरपैड पर डिग्रियां सही होने की रिपोर्ट भेज दी गई।
वहीं, इसका खुलासा तब हुआ जब बंगलूरु से विजिलेंस की टीम आई। जांच में सभी डिग्रियां फर्जी निकलीं। वेरीफिकेशन पत्र फर्जी है, मगर मुहर विवि की है। गोपनीय विभाग ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी है।
गोपनीय विभाग के सूत्रों के अनुसार, बंगलूरु से विजलेंस टीम चार असिस्टेंट प्रोफेसर की मार्कशीट और डिग्रियां लेकर पहुंची। इसमें नागानागौडा, देवेंद्र बाबू व सचिन कुमार की डिप्लोमा इन लाइब्रेरी एंड इन्फोरमेंशन साइंस और ज्योतिश्री की राजनीति विज्ञान में 2019 में हुई पीएचडी की डिग्री थी।
विजिलेंस टीम ने गोपनीय विभाग के अधिकारियों को बताया कि बंगलूरु के शेशाद्रि रोड स्थित डिपार्टमेंट ऑफ कॉलिजिएट एंड टेक्नीकल एजुकेशन में चार लोगों की असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनाती है। कई जगह से लगातार जानकारियां मिल रही हैं कि ये डिग्रियां फर्जी हैं, मगर पुष्टि नहीं हो रही।
गोपनीय विभाग की जांच के दौरान सभी मार्कशीट व डिग्री फर्जी पाई गईं। इसकी पुष्टि होने के बाद विजिलेंस टीम ने वेरीफिकेशन का पत्र सामने रखते हुए उसकी प्रमाणिकता के बारे में पूछा। वेरीफिकेशन पत्र में चारों की डिग्रियां सही होना अंकित था। जब कर्मियों ने वेरीफिकेशन पत्र पर कुलसचिव व गोपनीय विभाग की मोहर देखी तो चकरा गए, क्योंकि वह असली जैसी थी। कर्मियों ने वेरीफिकेशन पत्र पर लिखे पत्रांक के आधार पर रजिस्टर खंगाला मगर उसका भी कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
मुरादाबाद में छह लाख रुपये में थमाई डी-फार्मा नर्सिंग कोर्स की नौ डिग्री
मुरादाबाद में छह लाख रुपये लेकर चौधरी चरण सिंह विवि (सीसीएसयू) की डी-फार्मा नर्सिंग कोर्स की नौ डिग्री थमाने का मामला सामने आया है। इनमें से विद्यार्थियों को केएमसी नर्सिंग कॉलेज मेरठ और एक को नाइट्रिंगल नर्सिंग स्कूल नोएडा का दर्शाया गया है। मुरादाबाद की मझोला पुलिस ने बरेली के इज्जतनगर निवासी के नाम रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। बुधवार को विवि आई मुरादाबाद पुलिस को गोपनीय विभाग ने सभी डिग्री फर्जी होने की पुष्टि की है।
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मुरादाबाद के नया गांव अंबेडकर नगर निवासी अजय कुमार ने 20 जनवरी को दर्ज रिपोर्ट में बताया कि उसका गागन में श्री साई हेल्थ केयर के नाम से क्लीनिक है। उसने एसकेएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंन का विज्ञापन देखा। विज्ञापन लिखे मोबाइल नंबर 9027260563 संपर्क करके डी-फार्मा नर्सिंग कोर्स की बात की। छह लाख रुपये में 11 बच्चों के एडमिशन कराए और ऑनलाइन फोन नंबर 9027260563 पर 4,50,000 रुपये ट्रांसफर किए। शेष 1,50,000 रुपये देने पर जितेंद्र पाल सिंह निवासी रामनगर कालोनी नंबर-एक इज्जतनगर बरेली ने बिना परीक्षा दिए मार्कशीट थमा दी। सीसीएसयू से जांच कराई तो फर्जी व कूटरचित निकली। मुरादाबाद पुलिस को जांच के बाद गोपनीय विभाग ने बताया कि जहांगीर आलम, भगवानदास, ओमवीर सिंह, प्रमोद सैनी, शबनम परवीन, अजय सिंह, सत्यपाल, कुलदीप कुमार, राजीव कुमार की डी-फार्मा की डिग्री फर्जी हैं।
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