व्हीलचेयर नेशनल क्रिकेट टीम में हुआ विक्की का चयन
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कौन कहता है आसमां में छेद नहीं होता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो। यह पंक्ति शामली जिले के छोटे से गांव हिरनवाड़ा निवासी विक्की कुमार की कामयाबी पर पूरी तरह चरितार्थ होती है। दिव्यांग होने के बावजूद विक्की ने क्रिकेट जैसे खेल में खुद को साबित करने के लिए सपना संजोया, कड़ी मेहनत की और कामयाबी कदम चूमने लगी। इसका परिणाम है कि विक्की को दिव्यांग क्रिकेट की राष्ट्रीय टीम में चयनित किया गया है।
दरअसल, बाबरी क्षेत्र के गांव हिरनवाड़ा निवासी दलित बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले विक्की कुमार (25) का चयन दिव्यांग व्हीलचेयर क्रिकेट की राष्ट्रीय टीम में हुआ है। यह चयन 23 से 25 मार्च तक हरियाणा के रोहतक में ट्रायल के दौरान हुआ। विक्की ने अमर उजाला संवाददाता से फोन पर हुई वार्ता में बताया कि टीम में 16 सदस्य रखे गए हैं। आगामी पांच से 10 मई तक बांग्लादेश में व्हीलर चेयर क्रिकेट एशिया कप चैंपियनशिप होनी है, जिसके लिए भारतीय टीम का चयन किया गया है। टीम में कप्तान सोमजीत सिंह, उप कप्तान अभय प्रताप सिंह, रमेश कांबोज, सुखवंत सिंह, वीर संधू, अनमोल वशिष्ठ, विकेट कीपर विक्की कुमार, रोहित, पोषण ध्रुव, किशोर कुमार, तमीम, गौरव यादव, पृथ्वी सिंह, सुरेंद्र कसारे, भीमा खूंटी, जेयान को शामिल किया गया है।
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विकेट कीपर और शानदार बल्लेबाजी
विक्की महज 9वीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है। पिता लीलू सिंह की कई साल पूर्व मृत्यु हो चुकी है। परिवार में बड़े भाई राजेंद्र कुमार हैं। विक्की ने बताया कि दिव्यांगता के कारण पहले तो उसके मन में मायूसी ती थी, लेकिन फिर मन में आया कि मैं भी कुछ ऐसा करूं, जिससे परिवार, गांव, जिले और देश का नाम रोशन हो। उसने एक बार टीवी में व्हीलचेयर क्रिकेट देखा, तो उसने भी क्रिकेटर बनने की ठान ली। काफी समय तक गांव में ही क्रिकेट खेलता रहा। 2010 में अपने एक रिश्तेदार के जरिये वह दिल्ली में आयोजित क्रिकेट मैच खेलने गया और वहां अच्छा प्रदर्शन किया। इसके बाद यूपी, चंडीगढ़ और दिल्ली की टीम के साथ खेलना शुरू कर दिया। फरवरी 2018 में उसने गाजियाबाद में नेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और 50 गेंद पर 98 रन बनाकर वाहवाही बटौरी। प्रतियोगिता में उसे बेस्ट बल्लेबाज और मैन ऑफ द सीरिज चुना गया।
क्रिकेट में शामली का बढ़ता दबदबा
क्रिकेट की दुनिया में शामली का नाम लगातार रोशन हो रहा है। भारतीय क्रिकेट टीम में रहे प्रवीण कुमार उर्फ पीके शामली जिले के गांव लपाना के मूल निवासी हैं। वहीं, गांव भैंसवाल निवासी विनीत पंवार अंडर 19 टीम में चयन हुआ था और फिर रणजी ट्राफी भी खेल चुका है। अब गांव हिरनवाडा के दिव्यांग विक्की ने क्रिकेट के जगत में जिले का नाम रोशन किया है।
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