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Meerut News: कलश यात्रा व संकीर्तन से हुआ वारुणी उत्सव का शुभारंभ
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वारुणी उत्सव में कलश यात्रा निकालते श्रद्धालु स्रोत संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे की बी ब्लॉक कॉलोनी में हरिगुरु चांद मतुआ सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय वारुणी उत्सव का मंगलवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ शुभारंभ हो गया। पहले दिन कलश यात्रा और हरिनाम संकीर्तन के साथ पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया।
मंदिर से विधिविधान के साथ कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश रखकर भजन-कीर्तन करती हुई चल रही थीं। यह यात्रा नगर की विभिन्न कॉलोनियों से होकर पुनः मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
कलश यात्रा के उपरांत गंगा पूजन एवं मंगल घट स्थापना की गई। इसके बाद शाम के समय श्रीहरि ठाकुर की विधिवत पूजा-अर्चना की गई और हरिनाम संकीर्तन का आयोजन शुरू हुआ, जिसमें श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में सराबोर रहे।
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आचार्य विवेकानंद ने धर्म प्रवचन देते हुए कहा कि ठाकुर ने समाज के निम्न व गरीब वर्ग के उत्थान के लिए मानव रूप में अवतार लिया। उनके बताए मार्ग पर चलकर व्यक्ति मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है। उन्होंने लोगों से आपसी प्रेम, सद्भाव और सेवा भाव अपनाने का आह्वान किया।
गोष्ठी कीर्तन और वारुणी आरती का आयोजन किया गया। भगवान को भोग अर्पित करने के बाद भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर किशन सरकार, सरजीत सरकार, प्रवीण, शिवांकर, शंकर, हीरा सहित समिति के अन्य पदाधिकारी व क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
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हस्तिनापुर। कस्बे की बी ब्लॉक कॉलोनी में हरिगुरु चांद मतुआ सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय वारुणी उत्सव का मंगलवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ शुभारंभ हो गया। पहले दिन कलश यात्रा और हरिनाम संकीर्तन के साथ पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया।
मंदिर से विधिविधान के साथ कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश रखकर भजन-कीर्तन करती हुई चल रही थीं। यह यात्रा नगर की विभिन्न कॉलोनियों से होकर पुनः मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
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कलश यात्रा के उपरांत गंगा पूजन एवं मंगल घट स्थापना की गई। इसके बाद शाम के समय श्रीहरि ठाकुर की विधिवत पूजा-अर्चना की गई और हरिनाम संकीर्तन का आयोजन शुरू हुआ, जिसमें श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में सराबोर रहे।
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आचार्य विवेकानंद ने धर्म प्रवचन देते हुए कहा कि ठाकुर ने समाज के निम्न व गरीब वर्ग के उत्थान के लिए मानव रूप में अवतार लिया। उनके बताए मार्ग पर चलकर व्यक्ति मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है। उन्होंने लोगों से आपसी प्रेम, सद्भाव और सेवा भाव अपनाने का आह्वान किया।
गोष्ठी कीर्तन और वारुणी आरती का आयोजन किया गया। भगवान को भोग अर्पित करने के बाद भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर किशन सरकार, सरजीत सरकार, प्रवीण, शिवांकर, शंकर, हीरा सहित समिति के अन्य पदाधिकारी व क्षेत्रवासी मौजूद रहे।