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यूपी: थाने में हिस्ट्रीशीटरों को पहनाई माला, फिर परोसे रसगुल्ले

Mon, 12 Mar 2018 11:02 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 12 Mar 2018 11:02 AM IST
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up: respect of scoundrels in police station at meerut
हिस्ट्रीशीटरों को माला पहनाई - फोटो : अमर उजाला

योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद यूपी में ताबड़तोड़ एनकाउंटर किए जा रहे, लेकिन यहां की पुलिस ने तो हिस्ट्रीशीटरों को थाने में फूलमाला पहनाकर सम्मान कर दिया। फिर रसगुल्ले भी खिलाए गए। पढ़िए पूरी खबर...

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सीएम और पुलिस के आला अधिकारी अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। वहीं पुलिस के कुछ अधिकारियों ने मिलकर एक दर्जन से अधिक हिस्ट्रीशीटर को थाने में फूलमाला पहनाकर सम्मान कर दिया। इससे पहले उन्हें रसगुल्ले भी परोसे गये। 
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लिसाड़ीगेट थाने में हुए इस सम्मान समारोह की आला अधिकारियों को भी जानकारी नहीं दी गयी। जब एडीजी जोन प्रशांत कुमार को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने इस पर नाराजगी जतायी। पहले पुलिस अफसरों का कहना कि छह माह से इन अपराधियों ने कोई अपराध नहीं किया है। समारोह में शामिल अधिकारी बाद में इस मामले में चुप्पी साध गये।
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7 हिस्ट्रीशीटर समेत 16 पेशेवर अपराधियों का सम्मान
लिसाड़ी गेट थाने में 7 हिस्ट्रीशीटर समेत 16 पेशेवर अपराधियों का सम्मान किया गया। अपराधियों पर लूट, डकैती, चेन स्नैचिंग जैसी संगीन घटनाओं में यह शामिल रहे हैं। पुलिस का दावा कि छह माह से पुलिस ने इन हिस्ट्र्रीशीटरों के घर का सत्यापन किया तो पता चला कि इन सभी ने अपराध करना छोड़ दिया। इनमें इन लोगों ने अपने घर का काम काम संभालते हुए कपड़ा बेचना, ठेला लगना, पंचर की दुकान करना व अन्य काम कर रहे हैं। अपराधियों के सम्मान के दौरान पुलिस अधिकारी, इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट मोहम्मद असलम, इंस्पेक्टर कोतवाली यशवीर सिंह रहे। थाने में इन अपराधियों को समोसा, कोल्डड्रिंक के अलावा रसगुल्ले भी खिलाए गए।

पढ़ें : यूपी: एक लाख के इनामी बदमाश हप्पू को क्राइम ब्रांच ने दबोचा

पीड़ितों में अभी दहशत बरकरार 

up: respect of scoundrels in police station at meerut
फाइल फोटो

पुलिस ने जिन अपराधियों का सम्मान किया है, उनसे पीड़ित लोगों में खौफ है। सम्मान हुए अपराधियों के फोटो और वीडियो वायरल हुई तो लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए है। लोगों का कहना है कि जिन पेशेवर अपराधियों की दहशत इलाके में है, उनको पुलिस भला कैसे सम्मान दे सकती है। हालांकि पुलिस का दावा है कि इन अपराधियों को विरोध करने वाले लोग नहीं मिले है। 

ये अपराधी हुए सम्मानित
इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट मोहम्मद असलम के अनुसार आकिल, रहीस राणा, सरद मोहन, रवि, सलीम, अब्दुल वाहब, मोहम्मद हनीफ, शेरद्दीन, इमरान, नौशाद, उमर दराज, शकील पिस्टल, अजय सिंघल, वजीर, हेमंत हैं। ये सभी लिसाड़ी गेट और कोतवाली के रहने वाले हैं। इन सभी को थाने में सम्मानित किया गया है।

सम्मान करना गलत
पुलिस द्वारा पेशेवर अपराधियों का सम्मान करना गलत है। लगातार उपस्थित और निगरानी करने की जरूरत है। पेशेवर अपराधी वर्तमान में जो काम कर रहे है, उनको लिखा पढ़ी में रिपोर्ट बनाकर रखे। -प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन 

तत्कालीन कप्तानों के अभियान हवा में उड़ाए
जब पुलिस अफसरों ने थाने में अपराधियों को माला पहनाकर सम्मानित किया तो पूर्व में जिले में चले कई बड़े अभियानों को पुलिस ने हवा में उड़ा दिया। तत्कालीन एसएसपी दिनेश चंद्र दूबे ने अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया। पेशेवर अपराधियों के पोस्टर चौराहे पर लगवाए। तत्कालीन एसएसपी जेे. रविंदर गौड ने हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन कर घर पर भोपू अभियान शुरू कराया था। इस अभियान से अपराधी घर छोड़कर फरार होने लगे और पहली बार पड़ोसियों को सार्वजनिक तौर पर पता चला कि उनका पड़ोसी अपराधी है। एसएसपी रह चुके के. सत्यनारायणा ने भी चेन स्नैचर, पर्स लुटेरों, डकैती के आरोपी, हिस्ट्रीशीटरों के फोटो चौराहों पर लगवा दिए थे।

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