यूपी : राहत लेकिन कोरोना कर्फ्यू खुलने के बाद पटरी पर नहीं लौटा कपड़ा व्यापार, शासन की गाइडलाइन आई आगे
इस बार अप्रैल मई में शादी-विवाह का ज्यादातर सीजन था, वह समय कोरोना कर्फ्यू की भेंट चढ़ गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के शामली दिन का कोरोना कर्फ्यू समाप्त होने के बाद जिले मे कपडा व्यापार पटरी पर नही लौटा है। बाजार खुलने के बाद सिर्फ यह अंतर आया है कि कोरोना कर्फ्यू मे बंद कारोबार के बाद सिर्फ एक चौथाई कारोबार पटरी पर आया है।
कोरोना कर्फ्यू से पहले जिले का 70- 80 करोड़ रुपये का प्रतिदिन का कारोबार चल रहा था। जिसमें छह और सात करोड़ रुपये का कारोबार चल रहा था। अप्रैल माह से लेकर 15 जुलाई तक शादी-विवाह का सीजन होता है। शादी-विवाह के सीजन में कपड़े का अच्छा खासा कारोबार होता है। इस साल अप्रैल के अतिम सप्ताह में कोरोना संक्रमण का प्रभाव बढ़ जाने से कारोबार गिरता चला गया।
मई माह में कोरोना कर्फ्यू जारी रहने से कपड़ा कारोबार बंद रहने से काफी नुकसान पहुंचा है। एक जून से दिन का कोरोना कर्फ्यू समाप्त कर दिए जाने के बाद सुबह सात बजे से लेकर शाम सात बजे तक बाजार खुलने की उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर गाइड लाइन जारी की गई।
पिछले आठ दिन में शनिवार और रविवार को कोरोना कर्फ्यू में गुजर गए, पिछले छह दिनो कपड़ा व्यापार पटरी पर नही लौटा है। एक आकलन के अनुसार जिले के शामली, कैराना, कांधला, थानाभवन, झिंझाना, ऊन, गढीपुख्ता, जलालाबाद, बाबरी, चौसाना और बिड़ौली में 650 कपड़े की छोटी और बड़ी दुकान हैं। जिनसे छह और सात करोड़ रुपये का कारोबार प्रतिदिन होता था।
कोरोना कर्फ्यू के बाद यह कारोबार सिर्फ दो और ढ़ाई करोड़ रुपये का रह गया है। इस बार अप्रैल मई में शादी-विवाह का ज्यादातर सीजन था, वह समय कोरोना कर्फ्यू की भेंट चढ़ गया।
दिन का कोरोना कर्फ्यू समाप्त होने के बाद शादी- विवाह की गाइड लाइन के मुताबिक बीस- पच्चीस की शादी में शामिल होने की है। रात्रि कफर्यू जारी रहने की शर्त और ऐसे में ज्यादा लोगो की पाबंदी से शादी-विवाह परिवार के लोग घरो में सीमित कार्यक्रम कर रहे हैं, जिसमें पांच बराती और घर परिवार और मेहमान होते हैं। उनके लिए परिजन कपड़ा नही खरीद रहे हैं।
शहर के बुढ़ाना रोड़ स्थित हैंडलूम व कपडा व्यापारी रमेशचंद गुप्ता का कहना है कि उनके प्रतिष्ठान पर कोरोना से पूर्व प्रतिदिन 70-80 हजार रुपये की सेल होती थी, दिन का कोरोना कर्फ्यू खत्म होने के बाद 15-20 हजार रुपये की सेल रह गई है। दिन का कोरोना कर्फ्यू खत्म होने और बाजार खुलने के बाद बाहर से कपडा भेजने वाली कंपनियो से पैमेंट के लिए तकादा शुरु हो गया है।
कपड़े की सेल कम और खर्चा ज्यादा हो रहा है। जून माह में शादी विवाह तो है, उनमे शादी-विवाह की गाइड लाइन उनके कारोबार को प्रभावित कर रही है। शहर के कोतवाली के सामने कपड़ा व्यापारी सतीश चंद जैन का कहना है कि दिनका कोरोना कर्फ्यू खत्म होने के बाद ग्राहक कम ही कपडा खरीद रहे हैं। शादी विवाह का एक माह के सीजन में पिछले साल की अपेक्षा थोड़ा ही कपड़ा कारोबार बढ़ सकता है।