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यूपी: 50 करोड़ की लागत से बनेगा रैपिड रेल डिपो, निर्माण में लगेगा दो साल का समय, वेबसाइट पर अपलोड हुआ टेंडर
Sat, 30 Oct 2021 01:33 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sat, 30 Oct 2021 01:33 PM IST
सार
दिल्ली मेरठ रैपिड रेल का एक डिपो 50 करोड़ की लागत से बनेगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने इसके लिए टेंडर वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है।
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rapid rail Meerut
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली मेरठ रैपिड रेल का एक डिपो 60 हेक्टेयर में मोदीपुरम में ही 50 करोड़ से बनेगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने इसके लिए टेंडर वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। इसके लिए 11 नवंबर को प्री-बिड बैठक में इच्छुक कंपनियों को आमंत्रित किया गया है।
दिल्ली से मेरठ तक बन रहे रैपिड रेल कॉरिडोर में 82 किमी में दो डिपो बनाए जाएंगे। इसके लिए पहला दुहाई और दूसरा मोदीपुरम में होगा। काफी दिन से मोदीपुरम के डिपो को लेकर संशय की स्थिति थी। मोदीपुरम के नाम से बनने वाले इस डिपो के लिए दौराला ओर सिवाया में 60 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। जमीन पर अंतिम मुहर शासन लगाएगा। टेंडर के लिए पौने तीन अरब टर्नओवर वाली कंपनियां ही आवेदन कर सकेंगी।
इस काम पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एनसीआरटीसी डिपो में ही वेयरहाउस बनाने के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जिससे हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से सामान की ढुलाई भी की जा सके। इसके लिए भी एनसीआरटीसी योजना पर कार्य कर रहा है। इसके बाद जंगपुरा यार्ड में सामान को स्टोर करने के बाद अन्य डिपो में रैपिड रेल के माध्यम से भेज दिया जाएगा।
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यह भी पढ़ें: राहत : 19 माह बाद पहली बार कोरोना मुक्त हुआ मेरठ, मेडिकल और जिला अस्पताल में रात 10 बजे तक लगेगी वैक्सीन
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दिल्ली से मेरठ तक बन रहे रैपिड रेल कॉरिडोर में 82 किमी में दो डिपो बनाए जाएंगे। इसके लिए पहला दुहाई और दूसरा मोदीपुरम में होगा। काफी दिन से मोदीपुरम के डिपो को लेकर संशय की स्थिति थी। मोदीपुरम के नाम से बनने वाले इस डिपो के लिए दौराला ओर सिवाया में 60 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। जमीन पर अंतिम मुहर शासन लगाएगा। टेंडर के लिए पौने तीन अरब टर्नओवर वाली कंपनियां ही आवेदन कर सकेंगी।
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इस काम पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एनसीआरटीसी डिपो में ही वेयरहाउस बनाने के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जिससे हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से सामान की ढुलाई भी की जा सके। इसके लिए भी एनसीआरटीसी योजना पर कार्य कर रहा है। इसके बाद जंगपुरा यार्ड में सामान को स्टोर करने के बाद अन्य डिपो में रैपिड रेल के माध्यम से भेज दिया जाएगा।
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दुहाई में डिपो से सामान ट्रकों के माध्यम से आसानी से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस से हरियाणा की ओर भी जा सकेगा। वहीं, मोदीपुरम में डिपो बनने के बाद सामान हरिद्वार, देहरादून, मुजफ्फरनगर से भेजा और लाया जा सकेगा।
दिसंबर में टेंडर प्रक्रिया होगी समाप्त
एनसीआरटीसी डिपो और कार्यशाला के लिए दिसंबर में ही प्रक्रिया को समाप्त कर देगा। इसके लिए वेबसाइट पर डॉक्यूमेंट अपलोड कर दिया गया है। दो दिसंबर से बोली लगाने की शुरुआत कर दी जाएगी। वहीं, नौ दिसंबर को बोली खोली जाएंगी। इसके बाद एनसीआरटीसी टेंडर पर जांच करने के बाद कंपनी को टेंडर अवार्ड कर देगा। इससे साफ है कि जनवरी-2022 से मोदीपुरम में डिपो और कार्यशाला बनाने की शुरुआत हो जाएगी।
रैपिड और मेट्रो की होगी मरम्मत
डिपो और कार्यशाला बन जाने के बाद मोदीपुरम से परतापुर तक चलने वाली मेट्रो की मरम्मत का कार्य किया जा सकेगा। वहीं, इसके अलावा रैपिड रेल की मरम्मत में उपयोग की जाने वाली अन्य तकनीक भी मोदीपुरम डिपो में शामिल होंगी। इससे कार्यशाला और डिपो में लोगों को रोजगार मिलेगा।
यह भी पढ़ें: यूपी: मुजफ्फरनगर में तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने ड्यूटी पर जा रहे बाइकसवार सिपाही को रौंदा, मौके पर ही मौत
दिसंबर में टेंडर प्रक्रिया होगी समाप्त
एनसीआरटीसी डिपो और कार्यशाला के लिए दिसंबर में ही प्रक्रिया को समाप्त कर देगा। इसके लिए वेबसाइट पर डॉक्यूमेंट अपलोड कर दिया गया है। दो दिसंबर से बोली लगाने की शुरुआत कर दी जाएगी। वहीं, नौ दिसंबर को बोली खोली जाएंगी। इसके बाद एनसीआरटीसी टेंडर पर जांच करने के बाद कंपनी को टेंडर अवार्ड कर देगा। इससे साफ है कि जनवरी-2022 से मोदीपुरम में डिपो और कार्यशाला बनाने की शुरुआत हो जाएगी।
रैपिड और मेट्रो की होगी मरम्मत
डिपो और कार्यशाला बन जाने के बाद मोदीपुरम से परतापुर तक चलने वाली मेट्रो की मरम्मत का कार्य किया जा सकेगा। वहीं, इसके अलावा रैपिड रेल की मरम्मत में उपयोग की जाने वाली अन्य तकनीक भी मोदीपुरम डिपो में शामिल होंगी। इससे कार्यशाला और डिपो में लोगों को रोजगार मिलेगा।
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पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने खोला एनसीआरटीसी के खिलाफ मोर्चा
पावर कारपोरेशन के अधीक्षण अभियंता देवेंद्र पचौरिया रिश्वत प्रकरण के बाद यूपी पावर आफिसर्स एसोसिएशन ने रैपिड रेल का काम कर रही एनसीआरटीसी के खिलाफ मोर्चा दिया हैं। शुक्रवार को संगठन ने दावा किया कि विद्युत सुरक्षा निदेशालय ने भी एनसीआरटीसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
संगठन के डिस्कॉम अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि बिजली की कोई भी लाइन तभी हस्तांतरित हो सकती है जब वह विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन करती हो। 27 अक्तूबर को उप निदेशक विद्युत सुरक्षा मिथिलेश कुमार द्वारा एनसीआरटीसी को एक पत्र भेजा गया है।
मुकेश कुमार ने कहा कि मैसर्स अरविंदा इलेक्ट्रिकल्स द्वारा जो काम कराया गया है व मानक विरुद्ध है और घटिया है और देवेंद्र पचौरिया द्वारा की जा रही कार्रवाई विभाग हित में थी। मुकेश कुमार ने कहा कि पचौरिया की कार्रवाई से विभाग को तीन से चार करोड़ रुपये का लाभ होता। फर्म को नुकसान हो रहा था इसीलिए पचौरिया को षडयंत के तहत फंसाया गया है।
आज एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी से मिलेगा। उधर एसोसिएशन के लगाए गए आरोपों पर एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने कहा कि मामला संज्ञान में है। अभी ब्रह्मपुरी स्टेशन के लिए पिलर का काम किया जा रहा है।
पावर कारपोरेशन के अधीक्षण अभियंता देवेंद्र पचौरिया रिश्वत प्रकरण के बाद यूपी पावर आफिसर्स एसोसिएशन ने रैपिड रेल का काम कर रही एनसीआरटीसी के खिलाफ मोर्चा दिया हैं। शुक्रवार को संगठन ने दावा किया कि विद्युत सुरक्षा निदेशालय ने भी एनसीआरटीसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
संगठन के डिस्कॉम अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि बिजली की कोई भी लाइन तभी हस्तांतरित हो सकती है जब वह विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन करती हो। 27 अक्तूबर को उप निदेशक विद्युत सुरक्षा मिथिलेश कुमार द्वारा एनसीआरटीसी को एक पत्र भेजा गया है।
मुकेश कुमार ने कहा कि मैसर्स अरविंदा इलेक्ट्रिकल्स द्वारा जो काम कराया गया है व मानक विरुद्ध है और घटिया है और देवेंद्र पचौरिया द्वारा की जा रही कार्रवाई विभाग हित में थी। मुकेश कुमार ने कहा कि पचौरिया की कार्रवाई से विभाग को तीन से चार करोड़ रुपये का लाभ होता। फर्म को नुकसान हो रहा था इसीलिए पचौरिया को षडयंत के तहत फंसाया गया है।
आज एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी से मिलेगा। उधर एसोसिएशन के लगाए गए आरोपों पर एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने कहा कि मामला संज्ञान में है। अभी ब्रह्मपुरी स्टेशन के लिए पिलर का काम किया जा रहा है।