यूपी: ठगी का शिकार हुआ तो बन गया सरगना, 4 साल में ठगे 400 लोग, कहानी जानकर रह जाएंगे हैरान
मेरठ पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गैंग के तीन बदमाश धर दबोचे। चार साल में चार सौ से ज्यादा लोगों को यह गिरोह ठग चुका है। यह गिरोह भीड़ भाड़ वाले इलाके में लोगों को ठगी का शिकार बनाता था। यह बातें रविवार को एसपी सिटी रणविजय सिंह और सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला ने प्रेस वार्ता में बताईं। जानें आखिर कैसे ये गिरोह वारदात को देता था अंजाम:-
एसपी सिटी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी प्रदीप कुमार पुत्र दरिया निवासी लोहड्डा थाना बड़ौत, बागपत हाल पता मलियाना थाना टीपीनगर, सोनू पुत्र बाबूराम निवासी कोतवाली जिला मुजफ्फरनगर हाल पता शताब्दीनगर थाना परतापुर और मोंटी पुत्र मुनेश निवासी रिठानी थाना परतापुर हैं। गैंग का सरगना प्रदीप है, जो दसवीं फेल है। जबकि सोनू पांचवीं और मोंटी दसवी पास है। प्रदीप ने पूछताछ में बताया कि चार साल पहले वह एटीएम कार्ड लेकर बड़ौत में पैसे निकालने गया था। पीछे से एक युवक ने मदद की बात कहकर उसका कार्ड बदलकर खाते से छह हजार रुपये उड़ा लिए थे।
वेस्ट यूपी से दिल्ली, राजस्थान
ये आरोपी इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट रघुराज सिंह ने हापुड़ अड्डे के पास एसबीआई के एटीएम के सामने से गिरफ्तार किए। इनके पास से एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, पंजाब एंड सिंध बैंक, केनरा, ओबीसी, पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम कार्ड के अलावा चार मोबाइल और 3500 रुपये बरामद हुए हैं। यह गिरोह मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, सहारनपुर, बिजनौर के अलावा राजस्थान और दिल्ली में ठगी कर चुका है।
खुद बन गया ठग
प्रदीप के अनुसार इसका बदले में उसने खुद एटीएम कार्ड बदलने शुरू कर दिए। भीड़भाड़ वाले स्थान जहां कोई भी व्यक्ति या महिला एटीएम से पैसे निकालने जाते थे, तो वह मदद करने के बहाने उनका एटीएम कार्ड बदलकर पिन नंबर नोट कर लेते थे। बाद में दूसरे एटीएम से पैसे निकाल लेते थे। जिस भी व्यक्ति के पास जिस बैंक का एटीएम कार्ड होता था, उसे उसी बैंक का दूसरा एटीएम कार्ड अपने पास से थमा देते थे।
सब ठगी के पैसे से
गिरोह का सरगना ठगी की कमाई से दो बहनों की शादी कर चुका है तो पत्नी का इलाज करा चुका है। प्रदीप ने बताया कि करीब 20-25 लाख रुपये वह चार साल में ठग चुका है। अन्य दोनों युवक एक साल से उसके साथ जुड़े थे। ठगी के बाद पैसों का बंटवारा कर होटल में मस्ती करते थे। कुछ समय पहले ही वह मुजफ्फरनगर जेल से ठगी के मामले में जमानत पर छुटा था। ठगी के पैसों से वह दो बहनों की शादी में 20 लाख रुपये तक खर्च कर चुका है। अपनी पत्नी और एक महिला का ऑपरेशन व इलाज कराया।
यह बरतें सावधानी
-अगर एटीएम से कैश नहीं निकल रहा है तो किसी अनजान से मदद न लें, खासकर महिलाएं।
-एटीएम कार्ड का पिन नंबर या अन्य कोई जानकारी दूसरों को न दें
-एक बार कार्ड एटीएम में प्रयोग कर लिया है तो पूरी तरह कैंसिल होने पर ही एटीएम बूथ छोड़ें।
-सुनिश्चित करें कि एटीएम में जहां कार्ड लगाते हैं वहां हरी या लाल लाइट ब्लिंक कर रही है या नहीं।
-एटीएम प्रयोग करें तो बूथ में कोई दूसरा न हो, किसी परेशानी पर वहां मौजूद गार्ड को बताएं।