फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   UP News: The mafia captured and sold government land in Meerut

भूमाफिया ने पहले सरकारी जमीन पर कब्जा किया फिर बेच डाली, अधिकारी दे रहे गोलमोल जवाब

Fri, 02 Oct 2020 03:03 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 02 Oct 2020 03:03 PM IST
विज्ञापन
UP News: The mafia captured and sold government land in Meerut
श्रीराम विहार में जमीन के संबंध में जांच करने पहुंची नगर निगम और तहसील की टीम। अमर उजाला - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में रोहटा रोड पर नगर निगम की बेशकीमती दो हजार वर्गमीटर जमीन पर भूमाफिया ने कब्जा कर बेच डाला। वहां श्रीराम विहार के नाम से पूरी कॉलोनी बन गई। इसके बाद भी नगर निगम के संपत्ति विभाग ने कोई सुध नहीं ली। मामले की शिकायत पहुंचने पर नगर निगम और तहसील विभाग की टीम ने वहां बने मकानों का सर्वे किया। अब भू स्वामियों को नोटिस जारी किया जा रहा है।  

विज्ञापन


रोहटा रोड पर एनएच-58 के पास श्रीराम विहार कॉलोनी बनी है। शिकायत आई कि यहां पड़ी नगर निगम की खसरा नंबर 916 और 917 की करीब 1940 वर्गमीटर जमीन को भी भूमाफिया ने बेच दिया है। खरीदी गई इस जमीन लोगों ने पर घर भी बना लिए हैं। गुरुवार को नगर निगम के लेखपाल कुंवरपाल सिंह, राजकुमार और तहसील के लेखपाल गुरमेहर सिंह ने यहां बने 25 से 30 घरों का सर्वे किया। टीम बिना पैमाइश के ही लौट गई। बताया गया कि अब तहसील की ओर से मकान मालिकों को नोटिस देकर उनके मालिकाना हक की जानकारी के लिए कागज मांगे जाएंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। सवाल उठता है कि जब नगर निगम की जमीन पर कब्जा हो रहा था, तब दोनों विभाग कहां सोए थे। 
विज्ञापन


अधिकारी दे रहे गोलमोल जवाब
नगर निगम के संपत्ति अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि श्रीराम विहार कॉलोनी का मामला पुराना है। लोगों ने कोर्ट से स्टे ले रखा है। तहसील की ओर से पैमाइश करने पर तहसीलदार और एसडीएम पर एक बार अवमानना का वाद दायर हो चुका है। कॉलोनी के खसरों में बहुत लोगों के नाम हैं। नक्शे में किसी भी खातेदार की जमीन की दिशा आदि तय नहीं है। तहसील प्रशासन की पैमाइश के बाद ही पता लग सकेगा कि नगर निगम की कितनी जमीन पर कब्जा हुआ है। यह काम तहसील प्रशासन द्वारा किया जाना है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: थानाध्यक्ष को लेकर फिर खुला बड़ा राज... अफसरों की खामोशी पर उठे सवाल, पढ़िए पूरा मामला

कासमपुर पहाड़ी का मामला दफन 
इससे पहले प्रकाश में आया कि कंकरखेड़ा स्थित कासमपुर पहाड़ी की करीब 10 हजार मीटर जमीन बेचे जाने का मामला भी नगर निगम और तहसील प्रशासन की फाइलों में दफन हो गया है। मौके पर जाकर पैमाइश की कार्रवाई करने की बात करने वाले अधिकारियों और लेखपालों ने आज तक जमीन की सुध नहीं ली। स्थानीय भाजपा नेताओं ने सांसद से लेकर सीएम तक शिकायत की, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो सका है।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed