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यूपी: आलू के दामों ने लगाई डुबकी, किसान हुए बेहाल, नहीं निकल रहा स्टोर का किराया
Wed, 02 Jan 2019 11:23 AM IST
Dimple Sirohi
मोहित कुमार, अमर उजाला, मेरठ
मोहित कुमार, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Wed, 02 Jan 2019 11:23 AM IST
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आलू
- फोटो : self
ठेले वाला या दुकानदार भले ही आपको आलू महंगा बेच रहा हो। लेकिन किसान के लिए आलू का दाम बाजार में लगातार पिट रहा है। पिछले साल थोड़ी राहत देने के बाद फिर से आलू के दामों की स्थिति खराब है। नया आलू आने पर दाम 800 रुपये प्रति 50 किलो तक होने चाहिए। लेकिन वर्तमान में किसानों के लिए दाम बहुत कम है। लागत बढ़ रही है और आमदनी घटती जा रही है। कोल्ड स्टोर का किराया न देने पर किसान को आलू फ्री छोड़ना पड़ रहा है।
गन्ने के बाद वेस्ट यूपी में आलू की खेती किसान बड़े स्तर पर करते हैं। यहां खेती ऐसी है कि जिस बार दाम अच्छे हो जाएं तो किसानों को काफी लाभ मिलता है। अगर पिछले दो-तीन साल की बात करें तो किसानों की दुर्दशा हो रही है। पिछले साल कुछ समय तक किसानों का आलू जरूर 700 रुपये प्रति 50 किलो तक बिक गया था। लेकिन यह दाम ज्यादा समय तक नहीं रहा। जिसके बाद फिर से गिरावट शुरू हो गई।
दरअसल किसान आलू की फसल को इसलिए लगातार लगाते हैं कि उन्हें इसका लाभ मिलेगा, लेकिन किसानों की चिंता हर बार बढ़ती जा रही है। आलू का दाम 700 रुपये प्रति 50 किलो से ऊपर होना चाहिए था। लेकिन अभी 200 रुपये प्रति 50 किलो से ही शुरुआत हो रही है।
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गन्ने के बाद वेस्ट यूपी में आलू की खेती किसान बड़े स्तर पर करते हैं। यहां खेती ऐसी है कि जिस बार दाम अच्छे हो जाएं तो किसानों को काफी लाभ मिलता है। अगर पिछले दो-तीन साल की बात करें तो किसानों की दुर्दशा हो रही है। पिछले साल कुछ समय तक किसानों का आलू जरूर 700 रुपये प्रति 50 किलो तक बिक गया था। लेकिन यह दाम ज्यादा समय तक नहीं रहा। जिसके बाद फिर से गिरावट शुरू हो गई।
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दरअसल किसान आलू की फसल को इसलिए लगातार लगाते हैं कि उन्हें इसका लाभ मिलेगा, लेकिन किसानों की चिंता हर बार बढ़ती जा रही है। आलू का दाम 700 रुपये प्रति 50 किलो से ऊपर होना चाहिए था। लेकिन अभी 200 रुपये प्रति 50 किलो से ही शुरुआत हो रही है।
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इन जिलों में ज्यादा खेती
सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बिजनौर, बागपत, हापुड़, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, संभल, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, कानपुर, बरेली, मुरादाबाद, एटा, इटावा, फतेहपुर, बदायूं, कौशांबी, कासगंज, पीलीभीत, सीतापुर, रामपुर।
ये प्रजाति हैं अनुकूल
केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) मोदीपुरम के वैज्ञानिकों के अनुसार वेस्ट यूपी के मौसम के लिए कुफरी बहार, कुफरी पुखराज, कुफरी ख्याति, चिप्सोना वन, चिप्सोना टू, कुफरी फ्राइसोना, कुफरी फ्राइसोना आदि प्रजाति यहां के मौसम के लिए काफी अनुकूल हैं। मौसम की खराब स्थिति में भी किसान वैज्ञानिकों की सलाह से इन प्रजातियों को बचा लेते हैं। जन शक्ति कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर सुरेश राणा ने बताया कि आलू के दाम पिछले चार साल से लगातार कम हो रहे है। किसान फ्री आलू छोड़ रहे हैं।
आलू का भाव
वर्ष कोल्ड स्टोर अंतिम दाम
2015 300 150
2016 250 100
2017 300 फ्री छोड़ गए
2018 600 100
चिप्सोना
2015 400
2016 200
2017 फ्री छोड़ गए
2018 250
(दाम प्रति 50 किलो। अंतिम दाम का मतलब किसानों को इससे ज्यादा का दाम नहीं मिला)
सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बिजनौर, बागपत, हापुड़, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, संभल, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, कानपुर, बरेली, मुरादाबाद, एटा, इटावा, फतेहपुर, बदायूं, कौशांबी, कासगंज, पीलीभीत, सीतापुर, रामपुर।
ये प्रजाति हैं अनुकूल
केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) मोदीपुरम के वैज्ञानिकों के अनुसार वेस्ट यूपी के मौसम के लिए कुफरी बहार, कुफरी पुखराज, कुफरी ख्याति, चिप्सोना वन, चिप्सोना टू, कुफरी फ्राइसोना, कुफरी फ्राइसोना आदि प्रजाति यहां के मौसम के लिए काफी अनुकूल हैं। मौसम की खराब स्थिति में भी किसान वैज्ञानिकों की सलाह से इन प्रजातियों को बचा लेते हैं। जन शक्ति कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर सुरेश राणा ने बताया कि आलू के दाम पिछले चार साल से लगातार कम हो रहे है। किसान फ्री आलू छोड़ रहे हैं।
आलू का भाव
वर्ष कोल्ड स्टोर अंतिम दाम
2015 300 150
2016 250 100
2017 300 फ्री छोड़ गए
2018 600 100
चिप्सोना
2015 400
2016 200
2017 फ्री छोड़ गए
2018 250
(दाम प्रति 50 किलो। अंतिम दाम का मतलब किसानों को इससे ज्यादा का दाम नहीं मिला)
वेस्ट में आलू का क्षेत्रफल और उत्पादन
जनपद क्षेत्रफल उत्पादन
मेरठ 6700 180900
बागपत 600 16200
गाजियाबाद 2500 67500
हापुड़ 3800 102600
बुलंदशहर 8200 221400
गौतमबुद्धनगर 400 10800
सहारनपुर 650 1690
मुजफ्फरनगर 2550 66300
शामली 550 14300
(नोट: क्षेत्रफल हेक्टेयर और उत्पादन मीट्रिक टन में है)
आलू के किसानों को परेशानी तो है। शुरुआत में आलू के दाम सही थे। लेकिन अब बहुत कम हो रहे है, जो सही नहीं है। यह भी देखना होगा कि भंडारित आलू को कब निकाला गया, जो उसके दाम सही बने रहे। - डॉ. मनोज कुमार, संयुक्त निदेशक
जनपद क्षेत्रफल उत्पादन
मेरठ 6700 180900
बागपत 600 16200
गाजियाबाद 2500 67500
हापुड़ 3800 102600
बुलंदशहर 8200 221400
गौतमबुद्धनगर 400 10800
सहारनपुर 650 1690
मुजफ्फरनगर 2550 66300
शामली 550 14300
(नोट: क्षेत्रफल हेक्टेयर और उत्पादन मीट्रिक टन में है)
आलू के किसानों को परेशानी तो है। शुरुआत में आलू के दाम सही थे। लेकिन अब बहुत कम हो रहे है, जो सही नहीं है। यह भी देखना होगा कि भंडारित आलू को कब निकाला गया, जो उसके दाम सही बने रहे। - डॉ. मनोज कुमार, संयुक्त निदेशक